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हत्या की वारदात के 25 साल बाद पकड़ा गया आरोपी
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शाहजहांपुर। हत्या के मामले में पिछले करीब 25 सालों से फरार चल रहे आरोपी को रोजा पुलिस ने गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। आरोपी मुरादाबाद के एक होटल में नाम बदलकर नौकरी कर रहा था।
मंडी चौकी प्रभारी गुड्डू सिंह ने बताया कि वर्ष 1996 में रोजा की रेलवे कॉलोनी निवासी बबलू पांडेय की रंगबाजी को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान रोजा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले केशव का नाम प्रकाश में आया था, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। उसके पिता रेलवे कर्मचारी थे। पुलिस हत्यारोपी आदेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी थी।
कोर्ट से कई बाद आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने हत्यारोपी केशव की तलाश शुरू की। उसके कई रिश्तेदारों एवं सगे संबंधियों से लगातार उसके संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने पिता के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क किया तो उनमें से कुछ रेलवे कर्मचारी निकले उन्हीं के माध्यम से पता चला कि उसके भाई मुरादाबाद में रह रहे हैं, महीने में एक या दो बार हत्यारोपी उनसे मिलने आता है और आर्थिक मदद पाता है। वह एक होटल में नौकरी कर रहा है जोकि मुरादाबाद के शहर में स्थित है। चौकी प्रभारी गुड्डू सिंह ने उसी होटल पर भेष बदलकर काम किया। जैसे ही आरोपी गुरुवार को वहां आया उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका शराब पीने के दौरान रंगबाजी को लेकर विवाद हो गया था। जिससे आवेश में आकर गोली मारकर हत्या कर दी।
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चौकी प्रभारी मंडी ने होटल में भेष बदलकर किया काम
वर्ष 1996 में रोजा में हुए बबलू हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चौकी प्रभारी ने मुरादाबाद के एक होटल में भेष बदलकर काम किया। इससे पहले उन्होंने आरोपी के और उसके रिश्तेदारों के संबंध में पूरी जानकारी जुटा ली थी। पुलिस को यह जानकारी लग गई थी कि हत्यारोपी केशव एक होटल में काम कर रहा है। 25 साल के बाद आरोपी का हुलिया पूरी तरीके से बदल गया था। पहचान के लिए पुलिस ने उसके ही एक रिश्तेदार को अपने साथ रखा था। जैसे ही आरोपी होटल पर आया उसके रिश्तेदार ने इशारा कर दिया पुलिस कर्मियों ने उसे दबोच लिया।
वारदात वर्ष 1996 में हुई थी, जिसमें हत्यारोपी फरार चल रहा था। उसके मुरादाबाद के होटल में जाकर नाम बदलकर नौकरी करने का पता चला था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
- संजय कुमार, एसपी सिटी, शाहजहांपुर
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मंडी चौकी प्रभारी गुड्डू सिंह ने बताया कि वर्ष 1996 में रोजा की रेलवे कॉलोनी निवासी बबलू पांडेय की रंगबाजी को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान रोजा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले केशव का नाम प्रकाश में आया था, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। उसके पिता रेलवे कर्मचारी थे। पुलिस हत्यारोपी आदेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी थी।
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कोर्ट से कई बाद आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने हत्यारोपी केशव की तलाश शुरू की। उसके कई रिश्तेदारों एवं सगे संबंधियों से लगातार उसके संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने पिता के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क किया तो उनमें से कुछ रेलवे कर्मचारी निकले उन्हीं के माध्यम से पता चला कि उसके भाई मुरादाबाद में रह रहे हैं, महीने में एक या दो बार हत्यारोपी उनसे मिलने आता है और आर्थिक मदद पाता है। वह एक होटल में नौकरी कर रहा है जोकि मुरादाबाद के शहर में स्थित है। चौकी प्रभारी गुड्डू सिंह ने उसी होटल पर भेष बदलकर काम किया। जैसे ही आरोपी गुरुवार को वहां आया उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका शराब पीने के दौरान रंगबाजी को लेकर विवाद हो गया था। जिससे आवेश में आकर गोली मारकर हत्या कर दी।
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चौकी प्रभारी मंडी ने होटल में भेष बदलकर किया काम
वर्ष 1996 में रोजा में हुए बबलू हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चौकी प्रभारी ने मुरादाबाद के एक होटल में भेष बदलकर काम किया। इससे पहले उन्होंने आरोपी के और उसके रिश्तेदारों के संबंध में पूरी जानकारी जुटा ली थी। पुलिस को यह जानकारी लग गई थी कि हत्यारोपी केशव एक होटल में काम कर रहा है। 25 साल के बाद आरोपी का हुलिया पूरी तरीके से बदल गया था। पहचान के लिए पुलिस ने उसके ही एक रिश्तेदार को अपने साथ रखा था। जैसे ही आरोपी होटल पर आया उसके रिश्तेदार ने इशारा कर दिया पुलिस कर्मियों ने उसे दबोच लिया।
वारदात वर्ष 1996 में हुई थी, जिसमें हत्यारोपी फरार चल रहा था। उसके मुरादाबाद के होटल में जाकर नाम बदलकर नौकरी करने का पता चला था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
- संजय कुमार, एसपी सिटी, शाहजहांपुर