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Shahjahanpur News: अल्हागंज-जलालाबाद के बीच हादसे बढ़े, फिर भी सड़क की मरम्मत नहीं
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जलालाबाद। बृहस्पतिवार की सुबह महिला की मौत की वजह बनी धंसी सड़क को सही करने की जरूरत अब तक नहीं समझी गई है, जबकि हाईवे होने के कारण यहां पर दिन-रात वाहनों का आवागमन बना रहता है। पुलिस ने हादसा स्थल के पास बैरियर लगा दिया है। सड़क के सुधार के लिए एसडीएम को सूचित किया गया है।
फर्रुखाबाद के बेवर से खुदागंज होते हुए पीलीभीत तक घोषित किए गए नेशनल हाईवे का पिछले एक साल से चौड़ीकरण का काम चल रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाका होने के कारण इस हाईवे पर हर दो किलोमीटर पर पुलिया बनाकर उसके नीचे पाइप डाले गए हैं, ताकि इधर से उधर पानी का निकास होता रहे। नगर क्षेत्र की सीमा से कटरा तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है। हालांकि अभी उस पर एक लेयर पड़ना बाकी है। करीब चार किलोमीटर बरेली की तरफ गांव मालूपुर को जाने वाली मोड़ के समीप पानी निकास को बनी पुलिया के पास इस हाईवे का कुछ हिस्सा धंस गया है। खासकर तेज रफ्तार बाइक के लिए हादसे का सबब बना हुआ है।
रक्षाबंधन पर पति के साथ मायके जा रही महिला की बाइक यहां से गुजरने के दौरान उछल गई और पीछे बैठी महिला के गिर जाने से उसकी मौत हो गई। दो दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। बार-बार हादसे की वजह बनने के बाद भी इस धंसी सड़क को सही करने की जरूरत नहीं समझी गई, जबकि इस हाईवे पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि हादसे वाली जगह पर बैरियर लगवा दिया गया। एसडीएम को भी सूचित कर दिया गया है।
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छह महीने पहले उधेड़कर छोड़ दी गई सड़क
करीब एक साल पहले इस हाईवे का निर्माण शुरू हुआ था। चौड़ीकरण के लिए मिट्टी आदि डालने के बाद छह महीने पहले अल्हागंज से लेकर कटरा तक मशीन के जरिये पूरे हाईवे को उधेड़ दिया गया। अल्हागंज से लेकर कटरा के बीच ज्यादातर सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया लेकिन बीच-बीच में अभी सड़क उधड़ी पड़ी है। खासकर बझेड़ा मोड़ से नगर की सीमा तक करीब चार-पांच किलोमीटर पूरी तरह उधड़ी पड़ी है। यह सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इस दूरी को तय करते समय वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क निर्माण का कार्य छोड़कर निर्माण कंपनी बझेड़ा वाली पुलिया के निर्माण में लगी हुई है। इस दौरान महीन गिट्टी के साथ उड़ने वाली धूल से पैदल चलने वाले और दुकानदार काफी परेशान हैं।
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फर्रुखाबाद के बेवर से खुदागंज होते हुए पीलीभीत तक घोषित किए गए नेशनल हाईवे का पिछले एक साल से चौड़ीकरण का काम चल रहा है। बाढ़ग्रस्त इलाका होने के कारण इस हाईवे पर हर दो किलोमीटर पर पुलिया बनाकर उसके नीचे पाइप डाले गए हैं, ताकि इधर से उधर पानी का निकास होता रहे। नगर क्षेत्र की सीमा से कटरा तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है। हालांकि अभी उस पर एक लेयर पड़ना बाकी है। करीब चार किलोमीटर बरेली की तरफ गांव मालूपुर को जाने वाली मोड़ के समीप पानी निकास को बनी पुलिया के पास इस हाईवे का कुछ हिस्सा धंस गया है। खासकर तेज रफ्तार बाइक के लिए हादसे का सबब बना हुआ है।
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रक्षाबंधन पर पति के साथ मायके जा रही महिला की बाइक यहां से गुजरने के दौरान उछल गई और पीछे बैठी महिला के गिर जाने से उसकी मौत हो गई। दो दिन पहले भी यहां हादसा हुआ था। बार-बार हादसे की वजह बनने के बाद भी इस धंसी सड़क को सही करने की जरूरत नहीं समझी गई, जबकि इस हाईवे पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि हादसे वाली जगह पर बैरियर लगवा दिया गया। एसडीएम को भी सूचित कर दिया गया है।
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छह महीने पहले उधेड़कर छोड़ दी गई सड़क
करीब एक साल पहले इस हाईवे का निर्माण शुरू हुआ था। चौड़ीकरण के लिए मिट्टी आदि डालने के बाद छह महीने पहले अल्हागंज से लेकर कटरा तक मशीन के जरिये पूरे हाईवे को उधेड़ दिया गया। अल्हागंज से लेकर कटरा के बीच ज्यादातर सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर दिया गया लेकिन बीच-बीच में अभी सड़क उधड़ी पड़ी है। खासकर बझेड़ा मोड़ से नगर की सीमा तक करीब चार-पांच किलोमीटर पूरी तरह उधड़ी पड़ी है। यह सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इस दूरी को तय करते समय वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क निर्माण का कार्य छोड़कर निर्माण कंपनी बझेड़ा वाली पुलिया के निर्माण में लगी हुई है। इस दौरान महीन गिट्टी के साथ उड़ने वाली धूल से पैदल चलने वाले और दुकानदार काफी परेशान हैं।