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बंडा के दो लोगों की इटावा में ट्रेन से कटकर मौत
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बंडा (शाहजहांपुर)। भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने के लिए इटावा गए बंडा के दो श्रद्धालुओं की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। इससे मृतकों के घर कोहराम मचा हुआ है। ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल भी हुआ है।
गांव उदपुर खखरा निवासी 50 वर्षीय रामखिलौना और गांव चांदूपुर पड़री निवासी 55 वर्षीय हरीराम 14 अगस्त को क्षेत्र के तमाम लोगों के साथ भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने के लिए बस बुक कर इटावा गए थे। 15 अगस्त की सुबह चार बजे बस इटावा पहुंच गई। बस को सत्संग स्थल से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था। यहां से लोग सत्संग स्थल के लिए पैदल चल दिए। इस दौरान बारिश होने लगी, जिससे लोग एक स्थान पर रुक गए। राम खिलौना सत्संग की ओर चले तो पीछे से करीब 15 लोग भी साथ में चल दिए।
रेलवे क्रॉसिंग से श्रद्धालुओं के निकलते समय अचानक ट्रेन आ गई। लोग दूसरी पटरी की ओर भागे तो दूसरी लाइन पर भी एक ट्रेन आ गई। दोनों ट्रेनों के बीच में घिरे लोग हड़बड़ा गए। राम खिलौना और हरीराम ने लोगों से बैठ जाने को कहा। कुछ लोग बैठ गए तो कुछ लोग डर के कारण जमीन पर लेट गए।
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राम खिलौना और हरीराम के कंधे पर बैग होने के कारण दोनों ट्रेनों की तेज रफ्तार से हवा के झोंके के कारण बैग हिलकर ट्रेन में फंस गए, इससे दोनों चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही कटकर मौत हो गई। गांव का ही सर्वेश भी घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाए और घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार को दोनों के शव गांव पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। बाद में परिवार वालों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव उदपुर खखरा निवासी 50 वर्षीय रामखिलौना और गांव चांदूपुर पड़री निवासी 55 वर्षीय हरीराम 14 अगस्त को क्षेत्र के तमाम लोगों के साथ भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने के लिए बस बुक कर इटावा गए थे। 15 अगस्त की सुबह चार बजे बस इटावा पहुंच गई। बस को सत्संग स्थल से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था। यहां से लोग सत्संग स्थल के लिए पैदल चल दिए। इस दौरान बारिश होने लगी, जिससे लोग एक स्थान पर रुक गए। राम खिलौना सत्संग की ओर चले तो पीछे से करीब 15 लोग भी साथ में चल दिए।
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रेलवे क्रॉसिंग से श्रद्धालुओं के निकलते समय अचानक ट्रेन आ गई। लोग दूसरी पटरी की ओर भागे तो दूसरी लाइन पर भी एक ट्रेन आ गई। दोनों ट्रेनों के बीच में घिरे लोग हड़बड़ा गए। राम खिलौना और हरीराम ने लोगों से बैठ जाने को कहा। कुछ लोग बैठ गए तो कुछ लोग डर के कारण जमीन पर लेट गए।
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राम खिलौना और हरीराम के कंधे पर बैग होने के कारण दोनों ट्रेनों की तेज रफ्तार से हवा के झोंके के कारण बैग हिलकर ट्रेन में फंस गए, इससे दोनों चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही कटकर मौत हो गई। गांव का ही सर्वेश भी घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाए और घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार को दोनों के शव गांव पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। बाद में परिवार वालों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।