{"_id":"686585ba5aa83e86c405cac7","slug":"aaps-demonstration-against-the-order-to-merge-basic-schools-shahjahanpur-news-c-122-1-lkh1007-147205-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: बेसिक विद्यालयों को विलय करने के आदेश के खिलाफ आप का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: बेसिक विद्यालयों को विलय करने के आदेश के खिलाफ आप का प्रदर्शन
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता। संवाद
शाहजहांपुर। कम छात्र संख्या पर बेसिक विद्यालयों को विलय करने के आदेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अपूर्वा को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजीव कुमार यादव ने कहा कि योगी सरकार के स्कूलों को विलय करने के आदेश से शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। स्कूलों को बंद करने से प्रदेश के सहायक शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त हो जाएंगे। इससे पूर्व भी सरकार ने बड़ी संख्या में ये पद समाप्त किए थे।
जहां पर पहले से सरकारी परिषदीय विद्यालय स्थापित हैं, वहां पर मानकविहीन निजी स्कूलों को धड़ल्ले से मान्यता दी जा रही है। ऐसे विद्यालय तीन साल की उम्र में ही बच्चों को प्रवेश दे रहे हैं। जबकि परिषदीय विद्यालयों में छह साल पर प्रवेश हो रहा है। आरटीई के तहत एक किलोमीटर की सीमा में विद्यालय होना आवश्यक है।
विज्ञापन
इसे किसी आदेश के माध्यम से अतिक्रमित नहीं किया जा सकता। स्कूल विलय करने के आदेश से परिषदीय विद्यालय अपना अस्तित्व खो देंगे। विद्यालय में कार्य कर रहे शिक्षामित्र और रसोइयाें की सेवा भी समाप्त हो सकती है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार यादव, दानिश खान, जयवीर सिंह, प्रवीण, राहुल, वीरेंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजीव कुमार यादव ने कहा कि योगी सरकार के स्कूलों को विलय करने के आदेश से शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। स्कूलों को बंद करने से प्रदेश के सहायक शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त हो जाएंगे। इससे पूर्व भी सरकार ने बड़ी संख्या में ये पद समाप्त किए थे।
विज्ञापन
जहां पर पहले से सरकारी परिषदीय विद्यालय स्थापित हैं, वहां पर मानकविहीन निजी स्कूलों को धड़ल्ले से मान्यता दी जा रही है। ऐसे विद्यालय तीन साल की उम्र में ही बच्चों को प्रवेश दे रहे हैं। जबकि परिषदीय विद्यालयों में छह साल पर प्रवेश हो रहा है। आरटीई के तहत एक किलोमीटर की सीमा में विद्यालय होना आवश्यक है।
विज्ञापन
इसे किसी आदेश के माध्यम से अतिक्रमित नहीं किया जा सकता। स्कूल विलय करने के आदेश से परिषदीय विद्यालय अपना अस्तित्व खो देंगे। विद्यालय में कार्य कर रहे शिक्षामित्र और रसोइयाें की सेवा भी समाप्त हो सकती है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार यादव, दानिश खान, जयवीर सिंह, प्रवीण, राहुल, वीरेंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।