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Shahjahanpur News: फत्तेपुर बीट के पास बाघ ने तीन गाय और एक भैंस की जान ली
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खुटार। मोहल्ला रायटोला निवासी संतराम की तीन गाय और एक भैंस को बाघ ने मार डाला। बाघ होने की जानकारी से जंगल के पास के खेतस्वामी और श्रमिक दहशत में हैं।
मोहल्ला रायटोला निवासी संतराम पशु चराने खुटार रेंज के फत्तेपुर वन क्षेत्र में गए थे। शाम के समय जंगल में पशु खो जाने पर वह जंगल के बाहर आकर पशुओं का इंतजार करने लगे। अन्य पशुपालकों ने पशुओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर शराबा किया। ऐसे में कई पशुपालक एकत्र होकर आगे गए तो वहां संतराम की तीन गाय और एक भैंस मरी पड़ी मिलीं। शोर शराबा होने पर बाघ जंगल के अंदर चला गया।
जंगल के किनारे चार पशुओं को एक साथ मारे जाने की जानकारी मिलने के बाद श्रमिक फसलाें की रखवाली करने से कतरा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि अब तक वन्यजीव मक्के के खेतों में छिपे रहते थे, लेकिन मक्का की कटाई होने और गन्ना छोटा होने से वन्यजीव खाली पड़े खेतों में घूम रहे हैं, इससे उनको जान का खतरा है।
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श्रमिकों के फसल की रखवाली से मना करने से किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि रखवाली न होने पर छुट्टा पशु फसल चर जाएंगे। वन विभाग को जंगल के किनारे तारों की फेंसिंग लगवानी चाहिए, जिससे वन्यजीव जंगल से बाहर न आ सकें। वन दरोगा रोहित पांडे ने बताया कि वन्यजीव के हमले में जंगव के अंदर दो गाय और एक भैंस मारी गई हैं।
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जंगल में पशु ले जाना मना है। जंगल के अंदर वन्यजीव के हमले में पशुओं के मारे जाने का मामला संज्ञान में आया है। जानकारी कराई जा रही है।
-दिनेश बडोला, रेंजर खुटार
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मोहल्ला रायटोला निवासी संतराम पशु चराने खुटार रेंज के फत्तेपुर वन क्षेत्र में गए थे। शाम के समय जंगल में पशु खो जाने पर वह जंगल के बाहर आकर पशुओं का इंतजार करने लगे। अन्य पशुपालकों ने पशुओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर शोर शराबा किया। ऐसे में कई पशुपालक एकत्र होकर आगे गए तो वहां संतराम की तीन गाय और एक भैंस मरी पड़ी मिलीं। शोर शराबा होने पर बाघ जंगल के अंदर चला गया।
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जंगल के किनारे चार पशुओं को एक साथ मारे जाने की जानकारी मिलने के बाद श्रमिक फसलाें की रखवाली करने से कतरा रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि अब तक वन्यजीव मक्के के खेतों में छिपे रहते थे, लेकिन मक्का की कटाई होने और गन्ना छोटा होने से वन्यजीव खाली पड़े खेतों में घूम रहे हैं, इससे उनको जान का खतरा है।
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श्रमिकों के फसल की रखवाली से मना करने से किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि रखवाली न होने पर छुट्टा पशु फसल चर जाएंगे। वन विभाग को जंगल के किनारे तारों की फेंसिंग लगवानी चाहिए, जिससे वन्यजीव जंगल से बाहर न आ सकें। वन दरोगा रोहित पांडे ने बताया कि वन्यजीव के हमले में जंगव के अंदर दो गाय और एक भैंस मारी गई हैं।
जंगल में पशु ले जाना मना है। जंगल के अंदर वन्यजीव के हमले में पशुओं के मारे जाने का मामला संज्ञान में आया है। जानकारी कराई जा रही है।
-दिनेश बडोला, रेंजर खुटार