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होली के मौके पर खूब बिका मिलावटी मावा और मिठाइयां
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शाहजहांपुर। इस बार भी होली के त्योहार पर खान-पान की चीजों मेें अखाद्य वस्तुओं की मिलावट की र्गई। होली से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों ने अभियान चलाकर केरूगंज की खोआ मंडी समेत कई स्थानों से मावा के आधा दर्जन से अधिक नमूने लिए थे। मिठाइयों और किराना की वस्तुओं के नमूने भी जांच के लिए भेजे थे। इनमें से कई नमूनों की जांच रिपोर्ट राजकीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला से प्राप्त हो चुकी है। इसमें कई नमूने गुणवत्ता की कसौटी पर फेल हो गए। एफएसडीए के अधिकारी संबंधितों पर मुकदमे दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
बीकानेर एक्सप्रेस का राजभोग मिथ्याछाप
बरेली मोड़ पर खान-पान के प्रमुख प्रतिष्ठान को वहां की उत्तम व्यवस्थाओं के आधार पर एफएसडीए ने कुछ माह पहले फाइव स्टार ग्रेडिंग जारी कराई थी। इस प्रतिष्ठान से अधिकारियों ने होली से पहले राजभोग मिठाई का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में राजभोग का नमूना मिसब्रांडेड (मिथ्याछाप) पाया गया है।
ये नमूने भी जांच में फेल
जलालाबाद में अनुज कुमार, जैतीपुर क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी महात्मा यादव और गढ़ियारंगीन क्षेत्र के गांव रुद्रपुर सरसांवा निवासी सत्यपाल से मावा के तीन नमूने लिए थे। जांच में सभी नमूने अधोमानक मिले हैं। इनमें बाह्य पदार्थ की मिलावट के साथ चिकनाई की कमी पाई गई। चौक स्थित स्वीट्स हाउस की रबड़ी भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी।
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सही नहीं मिली सब्जियां रंगने की शिकायत
एफएसडीए के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि रोजा मंडी में आढ़तों पर कारोबारी सब्जियों को ताजी दिखने के लिए हरे और लाल रंग से रंगते हैं। गत 15 जनवरी को रोजा मंडी से गाजर का नमूना लिया था। जांच में यह नमूना पास हो गया। अधिकारियों के अनुसार सिर्फ एक नमूना रिपोर्ट सही मिलने के आधार पर सभी सब्जी आढ़तों को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। बहुत जल्द मंडी से अन्य सब्जियों के नमूने भी लिए जाएंगे।
पास नमूनों की रेफरल लैब में होगी जांच
जो नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताए गए हैं, उनसे संबंधित विक्रेताओं को कारावास की सजा दिलाने के लिए एडीजे कोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की उचित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कराने को पत्रावलियां तैयार कराई जा रही हैं। कई वस्तुएं प्रथम दृष्टया संदिग्ध मिलने पर भी उनके नमूने जांच में पास हो गए। इसलिए ऐसे नमूने अन्य राज्यों की रेफरल लैब भेजकर उनकी दोबारा जांच कराई जाएगी। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
सोनपापड़ी में घातक अखाद्य रंग का घालमेल
हलवाई सोनपपड़ी बनाने के लिए बेसन में मैदा अथवा मैदा में अखाद्य पीला रंग मिलाकर उसे बेसन की रंगत देते हैं। मिर्जापुर के मिठाई विक्रेता राजेश की दुकान से लिए सोनपापड़ी के नमूने की गत 23 मार्च को प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट में नॉन परमिटेड सिंथेटिक कलर ओरामाइन की मिलावट का उल्लेख है। इसे मानव स्वास्थ्य के लिए अनसेफ (असुरक्षित) बताया है। शामतगंज गौंटिया के मिठाई विक्रेता अमीरुल हसन से लिए सोनपापड़ी के दो नमूने भी असुरक्षित पाए गए हैं।
स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बूंदी के लड्डू
होली पर बूंदी के लड्डू खूब बिके, लेकिन उसमें भी घातक रंग का प्रयोग किया जा रहा है। मिर्जापुर में नरेंद्र कुमार की दुकान से लिए गए बूंदी के लड्डू में औद्योगिक इस्तेमाल वाले मैटेलिक यलो कलर की मिलावट पाई गई। जांच रिपोर्ट में यह नमूना और सब स्टैंडर्ड (अधोमानक) और अनसेफ बताया गया है।
मैदा मिलाकर बनाई जा रही दूध की लौंज
सिंधैली के गांव महाऊ दुर्ग में मनोज कुमार की दुकान से लौंज के नमूने की जांच कराने पर पता चला कि एक्सट्रीनियस मैटर (बाह्य पदार्थ) के तौर पर मैदा मिलाई गई है। शाहाबाद (हरदोई) के गांव घुरहा निवासी संदीप राठौर से लिए लौंज के नमूने में भी मैदा का अंश है। इसे अधोमानक बताया है।
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बीकानेर एक्सप्रेस का राजभोग मिथ्याछाप
बरेली मोड़ पर खान-पान के प्रमुख प्रतिष्ठान को वहां की उत्तम व्यवस्थाओं के आधार पर एफएसडीए ने कुछ माह पहले फाइव स्टार ग्रेडिंग जारी कराई थी। इस प्रतिष्ठान से अधिकारियों ने होली से पहले राजभोग मिठाई का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में राजभोग का नमूना मिसब्रांडेड (मिथ्याछाप) पाया गया है।
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ये नमूने भी जांच में फेल
जलालाबाद में अनुज कुमार, जैतीपुर क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी महात्मा यादव और गढ़ियारंगीन क्षेत्र के गांव रुद्रपुर सरसांवा निवासी सत्यपाल से मावा के तीन नमूने लिए थे। जांच में सभी नमूने अधोमानक मिले हैं। इनमें बाह्य पदार्थ की मिलावट के साथ चिकनाई की कमी पाई गई। चौक स्थित स्वीट्स हाउस की रबड़ी भी गुणवत्ता की कसौटी पर खरी नहीं उतरी।
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सही नहीं मिली सब्जियां रंगने की शिकायत
एफएसडीए के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि रोजा मंडी में आढ़तों पर कारोबारी सब्जियों को ताजी दिखने के लिए हरे और लाल रंग से रंगते हैं। गत 15 जनवरी को रोजा मंडी से गाजर का नमूना लिया था। जांच में यह नमूना पास हो गया। अधिकारियों के अनुसार सिर्फ एक नमूना रिपोर्ट सही मिलने के आधार पर सभी सब्जी आढ़तों को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। बहुत जल्द मंडी से अन्य सब्जियों के नमूने भी लिए जाएंगे।
पास नमूनों की रेफरल लैब में होगी जांच
जो नमूने मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताए गए हैं, उनसे संबंधित विक्रेताओं को कारावास की सजा दिलाने के लिए एडीजे कोर्ट में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की उचित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कराने को पत्रावलियां तैयार कराई जा रही हैं। कई वस्तुएं प्रथम दृष्टया संदिग्ध मिलने पर भी उनके नमूने जांच में पास हो गए। इसलिए ऐसे नमूने अन्य राज्यों की रेफरल लैब भेजकर उनकी दोबारा जांच कराई जाएगी। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
सोनपापड़ी में घातक अखाद्य रंग का घालमेल
हलवाई सोनपपड़ी बनाने के लिए बेसन में मैदा अथवा मैदा में अखाद्य पीला रंग मिलाकर उसे बेसन की रंगत देते हैं। मिर्जापुर के मिठाई विक्रेता राजेश की दुकान से लिए सोनपापड़ी के नमूने की गत 23 मार्च को प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट में नॉन परमिटेड सिंथेटिक कलर ओरामाइन की मिलावट का उल्लेख है। इसे मानव स्वास्थ्य के लिए अनसेफ (असुरक्षित) बताया है। शामतगंज गौंटिया के मिठाई विक्रेता अमीरुल हसन से लिए सोनपापड़ी के दो नमूने भी असुरक्षित पाए गए हैं।
स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बूंदी के लड्डू
होली पर बूंदी के लड्डू खूब बिके, लेकिन उसमें भी घातक रंग का प्रयोग किया जा रहा है। मिर्जापुर में नरेंद्र कुमार की दुकान से लिए गए बूंदी के लड्डू में औद्योगिक इस्तेमाल वाले मैटेलिक यलो कलर की मिलावट पाई गई। जांच रिपोर्ट में यह नमूना और सब स्टैंडर्ड (अधोमानक) और अनसेफ बताया गया है।
मैदा मिलाकर बनाई जा रही दूध की लौंज
सिंधैली के गांव महाऊ दुर्ग में मनोज कुमार की दुकान से लौंज के नमूने की जांच कराने पर पता चला कि एक्सट्रीनियस मैटर (बाह्य पदार्थ) के तौर पर मैदा मिलाई गई है। शाहाबाद (हरदोई) के गांव घुरहा निवासी संदीप राठौर से लिए लौंज के नमूने में भी मैदा का अंश है। इसे अधोमानक बताया है।