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Shahjahanpur News: भावनात्मक शिक्षा को सिखाने में स्वपूर्ण पाठ्यक्रम की जरूरत
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जीआईसी में इमोशनल वेल बीइंग कार्यशाला में बोलते शिक्षक। स्रोत: विभाग
शाहजहांपुर। राजकीय इंटर कॉलेज के सभागार में चार दिवसीय इमोशनल वेल बीइंग कार्यशाला का समापन हो गया। डीआईओएस हरिवंश कुमार ने बताया कि सामाजिक, भावनात्मक शिक्षा को सिखाने के लिए ‘स्वपूर्ण पाठ्यक्रम’ की विद्यालयों में बहुत जरूरत हैं। इसे जिले के राजकीय विद्यालयों में कक्षा नौ में शुरू कर रहे हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने कहा कि कार्यशाला से मिली सीख को अपने व्यक्तिगत जीवन में अपनाएं। इससे विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। जिला समन्वयक राजन प्रजापति ने बताया कि स्वपूर्ण कालांश के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह दो राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की कक्षा नौ में सामाजिक‑भावनात्मक सीख, 21वीं सदी के कौशल व कॅरिअर जागरूकता पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।
अंतिम दिन शिक्षकों ने रोचक तरीके से एक-दूसरे को प्रमाणपत्र प्रदान किए। ललित जोशी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अभिलेष चंद्र, शिवशंकर, मोहम्मद वाहिद, सुभाष रावत मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने कहा कि कार्यशाला से मिली सीख को अपने व्यक्तिगत जीवन में अपनाएं। इससे विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। जिला समन्वयक राजन प्रजापति ने बताया कि स्वपूर्ण कालांश के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह दो राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की कक्षा नौ में सामाजिक‑भावनात्मक सीख, 21वीं सदी के कौशल व कॅरिअर जागरूकता पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।
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अंतिम दिन शिक्षकों ने रोचक तरीके से एक-दूसरे को प्रमाणपत्र प्रदान किए। ललित जोशी के संचालन में हुए कार्यक्रम में अभिलेष चंद्र, शिवशंकर, मोहम्मद वाहिद, सुभाष रावत मौजूद रहे।
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