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गैंगरेप को हल्के से लेती रही पुलिस

Wed, 25 Jun 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
Shahjahanpur Updated Wed, 25 Jun 2014 05:33 AM IST
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- कार्रवाई तो दूर अफसरों को जानकारी ही नहीं दी
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- पतुकी और बीड़ी के टुकड़े कर रहे बता रहे हैं काफी देर स्कूल में रहे दुराचारी

अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। बदायूं में गैंगरेप के बाद हुए घटनाक्रम से पुवायां पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। अधिकारियों के महिला उत्पीड़न के मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी पुवायां पुलिस के ठेंगे पर हैं। यही कारण है कि मृतका के पति और देवरानी के गैंगरेप का पूरा मामला बताने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर अधिकारियों को मामले की जानकारी तक देना जरूरी नहीं समझा। मीडिया से मामले की जानकारी पाकर एएसपी (ग्रामीण) पीपी सिंह मंगलवार शाम थाने पहुंचने पर पुलिस कार्रवाई करने पर मजबूर हुई।
मृतका की देवरानी मंगलवार को पूरे दिन चीख-चीख कर कहती रही कि उसकी जेठानी को गैंगरेप के बाद सल्फास खिला मार दिया गया है। मौत से पहले मृतका ने गांव के तमाम लोगों के सामने अपना बयान दिया था। गांव के लोगों ने भी मृतका की देवरानी की बात की पुष्टि की। मृतका की देवरानी ने इस आशय की तहरीर भी पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने उसकी बात को तवज्जो नहीं दी। लापरवाही और घटना को दबाने का आलम यह है कि स्कूल के जिस कमरे में गैंगरेप हुआ है, पुलिस ने उसे सील करने तक की जरूरत नहीं समझी। जबकि स्कूल में महिला की टूटी चूड़ियां, गांजा पीने की पतुकी और बीड़ी के तमाम अधजले टुकड़े पड़े हुए थे।
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महिला की मौत के 40 घंटे बाद मंगलवार को एएसपी से मामले में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया। कहा, यदि इस प्रकार की घटना हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
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कई घंटे बाद चेती पुलिस
पुवायां। मामले में थाना पुलिस और आला अफसर कई घंटे बाद चेते। मंगलवार शाम करीब सात बजे एएसपी देहात प्रबल प्रताप सिंह, एसडीएम विनय पाठक, सीओ बीरेश मौतला और दूसरे अफसर गांव पहुंचे और स्कूल के उस कमरे को सील कराया, जहां वारदात हुई बताई जा रही है। एक्सपर्ट ने कमरे से फिंगर प्रिंट भी लिए हैं। फॉरेंसिक टीम को वारदात वाली जगह से महिला के बाल भी मिले हैं। घटना वाले कमरे के दरवाजे में कुंडी नहीं होने के कारण एक लेखपाल और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।

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कहां गया मुखबिर तंत्र
पुवायां। अक्सर किसी अपराधी के पकड़े जाने पर पुलिस उल्लेख करती है कि मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई लेकिन इस मामले में लगभग 30 घंटे बाद भी पुलिस को जानकारी न होना उसके मुखबिर तंत्र पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि गांव के चौकीदार ने पुलिस को मामले की जानकारी क्यों नहीं दी?



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दो आरोपी गिरफ्तार
पुवायां। मृतका की देवरानी की तहरीर में नामजद तीनाें आरोपी पुलिस ने सोमवार को ही गिरफ्त में ले लिए। हालांकि पुलिस रिंकू श्रीवास्तव समेत दो आरोपियों के पकड़े जाने की पुष्टि कर रही है। एक आरोपी को मंगलवार शाम दबिश देकर गन्ने के खेत से पकड़ा गया है।

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साधारण परिवार के हैं आरोपी
पुवायां। गांव मजीदापुर के जिन युवकों पर दुराचार का आरोप है, उनमें से एक पुवायां में बाल काटने का काम करता है। दूसरा आरोपी टेलर है, जबकि तीसरा श्रमिक है। उधर, सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में एक आरोपी ने एक और युवक के घटना में शामिल होने की बात कही है। दो आरोपियों की उम्र करीब 22 वर्ष और एक 35 वर्ष का है। गांव के लोगों के अनुसार सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और नशा भी करते हैं।
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आरोपी का मोबाइल पुलिस को मिला
पुवायां। मृतका की देवरानी के अनुसार जेठानी से गैंगरेप के आरोपी मौके से भागे तो एक आरोपी का मोबाइल मौके पर ही गिर गया। पीड़िता मोबाइल को अपने साथ ले आई और देवरानी को सौंप दिया। यह मोबाइल मृतका की देवरानी के पास था। पुलिस ने मंगलवार रात मोबाइल को कब्जे में ले लिया।




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ग्रामीण नहीं सुन सके महिला की चीखें
पुवायां। मृतका की देवरानी ने बताया कि गैंगरेप के बाद अस्त-व्यस्त हालत में घर पहुंची जेठानी से उसे बताया था कि गैगरेप के दौरान उसने आरोपियों के चंगुल से बचने की बहुत कोशिश की, शोर भी मचाया लेकिन कोई भी उसकी मदद को नहीं पहुंचा। बताते चलें कि पूर्व माध्यमिक स्कूल गांव से लगभग सौ मीटर दूर है और स्कूल के आसपास खेत हैं, जिनमें गन्ना खड़ा है।

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बिना दरवाजे खिड़की का है स्कूल
पुवायां। जिस स्कूल में गैंगरेप की घटना बताई जा रही है वह वर्ष 2007 में बना था। स्कूल के कई कमरों में दरवाजे नहीं हैं। कई खिड़कियों से पल्ले भी गायब हैं। स्कूल के जिस कमरा नंबर तीन में गैंगरेप की घटना बताई जा रही है, उसमें लगा हुआ दरवाजा खुला पड़ा रहता है। स्कूल में केवल प्रधानाचार्य कक्ष में ताला लगा हुआ है। स्कूल का अतिरिक्त कक्ष भी खुला पड़ा रहता है। प्रधानाचार्य और शिक्षकों की लापरवाही के चलते स्कूल असामाजिक तत्वों का अड्डा बनकर रह गया है। स्कूल से थोड़ी दूर स्थित एक नलकूप पर पूरे दिन असामाजिक तत्व जमे रहते हैं। बताया जाता है कि आरोपियों ने पीड़ित मृतका को इसी स्थान से अपनी गिरफ्त में लिया था।
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