{"_id":"123-89082","slug":"Shahjahanpur-89082-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"थानेदार नहीं जानते होलिका स्थलों के बारे में ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थानेदार नहीं जानते होलिका स्थलों के बारे में
Shahjahanpur
Updated Mon, 10 Mar 2014 05:32 AM IST
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क्राइम मीटिंग में एसपी के सामने खुली पोल
- थाना प्रभारी स्थलों की संख्या के बारे में ही नहीं बता सके
- सभी स्थलों का भ्रमण कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मुजफ्फरनगर में होली के मौके पर गड़बड़ी फैलाने की साजिश का तो भंडाफोड़ हो गया, यहां भी चुनावी मौसम में गड़बड़ी फैलाई जा सकती है। मगर जिले में थाना प्रभारियों को यही नहीं पता कि उनके क्षेत्र में कितनी जगह होली जलती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि उन्हें विवादित स्थलों के बारे में क्या पता होगा, यही बात एसपी ने भी प्रभारियों से कह डाली। अब उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है, एक-एक होलिका स्थल के बारे में बताने के लिए।
शनिवार को एसपी ने पुलिस लाइंस में पुलिस सम्मेलन और क्राइम मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग के बारे में बता दिया गया था कि चुनाव, अपराध और होली के बारे में बात होगी। माना गया कि थाना प्रभारी पूरी तैयारी से आए होंगे, मसलन कितने पोलिंग बूथ हैं और कितने होलिका स्थल। मगर एसपी की यह सोच गलत निकली। उन्होंने अपने पास रखी एक लिस्ट को देखकर एक-एक थाना प्रभारी से पूछना शुरू किया कि उन्होंने कितने होलिका स्थल का निरीक्षण कर लिया है। किसी ने चार बताए, तो किसी ने 15, मगर यह सब कुछ हवा में बताया हुआ था। यह बात ऐसे खुली कि इन थाना प्रभारियों को तो यही नहीं पता था कि उनके क्षेत्र में कितने होलिका स्थल हैं। आठ-दस थाना प्रभारियों ने जब गलत आंकड़े बताए तो शुरू हुई एसपी की नाराजगी। बोले, जब आप भ्रमण ही नहीं करेंगे तो विवादित होलिका स्थल के बारे में क्या पता चलेगा। चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के अंदर सारे होलिका स्थल का भ्रमण करके उन्हें रिपोर्ट दें, ताकि विवादित स्थल के मामले निपटाए जा सकें। पूरी मीटिंग में यह कोई अधिकारी यह कहने वाला नहीं था कि शहर में कई विवादित मामले हैं, जो दिक्कत खड़ी कर सकते हैं। खासतौर से चुनावी माहौल में मामले जान बूझकर भड़काने की कोशिश चल रही है। होली पर चर्चा करने के अलावा एसपी ने चुनाव और शहर में सामान्य ड्यूटी के बारे में भी बात की। कहा कि पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी लगातार चेंकिग करते रहे। इस दौरान अगर कोई पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति को छोड़कर होली और चुनावों के दौरान सभी पुलिस कर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएंगी। इसके साथ ही लॉटसाहब का जुलूस शांतिपूवर्क निपटाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
होली स्थलों पर सुलग रहीं
विवाद की चिनगारियां
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लाख दावे करें कि होली स्थलों पर कब्जों को लेकर गुजरे सालों में उपजे विवाद द्विपक्षीय समझौतों से शांत कर दिए गए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि होली रखे जाने वाले कई ठिकानों पर विवाद की चिनगारियां अभी तक सुलग रही हैं। प्रशासन ने इन मामलों निस्तारण करने में संजीदगी से काम नहीं लिया तो विवादों की आग फिर से भड़क सकती है। ऐसे ही कुछ मामलों पर डालते हैं एक नजर-
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0 शहर केमोहल्ला बिजलीपुरा में दशकों पुराने होली स्थल पर पिछले साल कुछ लोगों ने दहन सामग्री रखे जाने पर विवाद खड़ा कर दिया। बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं केसाथ विरोध प्रदर्शन किया तो प्रशासन की तंद्रा भंग हुई। दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ, लेकिन बाद में फिर होली रखने को लेकर अवरोध डाला गया।
0 अंटा क्षेत्र में आइस फैक्ट्री के पास एक राजनीतिक दल के नेता ने पिछले साथ दशकों पुराने तिकोने होली स्थल को अपने परिसर में समेटने केलिए वहां चहारदीवारी बनाकर लोहे का फाटक खड़ा कर दिया। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल सक्रिय हुआ तो नेताजी बैक फुट पर आ गए और उन्हें फाटक खोलकर होली स्थल के लिए रास्ता देना पड़ा, लेकिन वहां इंडिया मार्क हैंड पंप लगने नहीं दिया। तभी से यह प्रकरण सुलग रहा है।
0 ककरा कलां में सात दशक पुराने होली स्थल की जमीन को अपनी बताते हुए पिछले दिनों उसी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कब्जा जमाने की कोशिश की। बजरंग दल के जिला संयोजक राजेश अवस्थी के अनुसार इस प्रकरण में डीएम स्तर से समझौता होने पर तय किया गया कि नौ मीटर व्यास की जमीन होली स्थल के लिए सुरक्षित रहेगी, लेकिन प्रशासन ने अभी तक समझौते का अनुपालन नहीं कराया। नतीजे में होली स्थल पर लगी ईंटें अभी तक हटाई नहीं गईं।
0 जलालाबाद क्षेत्र के नगला मदा गांव में एक व्यक्ति ने वर्षों पुराने होली स्थल पर कब्जा करके वहां कमरा बनवा लिया। ग्रामीणों से जानकारी पाकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया तो प्रशासन ने जेसीबी से अवैध निर्माण ढहा दिया, लेकिन अब वहां फिर से होली स्थल के आधे हिस्से में पक्का निर्माण करके कब्जा कर लिया गया। यह मामला भी अभी तक गरमाया है।
यह है होलिका दहन स्थलों की संख्या
थाना सदर बाजार क्षेत्र- 95
थाना कोतवाली क्षेत्र- 75
आरसी मिशन क्षेत्र- 43
रोजा थाना क्षेत्र- 84
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- थाना प्रभारी स्थलों की संख्या के बारे में ही नहीं बता सके
- सभी स्थलों का भ्रमण कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मुजफ्फरनगर में होली के मौके पर गड़बड़ी फैलाने की साजिश का तो भंडाफोड़ हो गया, यहां भी चुनावी मौसम में गड़बड़ी फैलाई जा सकती है। मगर जिले में थाना प्रभारियों को यही नहीं पता कि उनके क्षेत्र में कितनी जगह होली जलती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि उन्हें विवादित स्थलों के बारे में क्या पता होगा, यही बात एसपी ने भी प्रभारियों से कह डाली। अब उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है, एक-एक होलिका स्थल के बारे में बताने के लिए।
शनिवार को एसपी ने पुलिस लाइंस में पुलिस सम्मेलन और क्राइम मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग के बारे में बता दिया गया था कि चुनाव, अपराध और होली के बारे में बात होगी। माना गया कि थाना प्रभारी पूरी तैयारी से आए होंगे, मसलन कितने पोलिंग बूथ हैं और कितने होलिका स्थल। मगर एसपी की यह सोच गलत निकली। उन्होंने अपने पास रखी एक लिस्ट को देखकर एक-एक थाना प्रभारी से पूछना शुरू किया कि उन्होंने कितने होलिका स्थल का निरीक्षण कर लिया है। किसी ने चार बताए, तो किसी ने 15, मगर यह सब कुछ हवा में बताया हुआ था। यह बात ऐसे खुली कि इन थाना प्रभारियों को तो यही नहीं पता था कि उनके क्षेत्र में कितने होलिका स्थल हैं। आठ-दस थाना प्रभारियों ने जब गलत आंकड़े बताए तो शुरू हुई एसपी की नाराजगी। बोले, जब आप भ्रमण ही नहीं करेंगे तो विवादित होलिका स्थल के बारे में क्या पता चलेगा। चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के अंदर सारे होलिका स्थल का भ्रमण करके उन्हें रिपोर्ट दें, ताकि विवादित स्थल के मामले निपटाए जा सकें। पूरी मीटिंग में यह कोई अधिकारी यह कहने वाला नहीं था कि शहर में कई विवादित मामले हैं, जो दिक्कत खड़ी कर सकते हैं। खासतौर से चुनावी माहौल में मामले जान बूझकर भड़काने की कोशिश चल रही है। होली पर चर्चा करने के अलावा एसपी ने चुनाव और शहर में सामान्य ड्यूटी के बारे में भी बात की। कहा कि पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी लगातार चेंकिग करते रहे। इस दौरान अगर कोई पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति को छोड़कर होली और चुनावों के दौरान सभी पुलिस कर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएंगी। इसके साथ ही लॉटसाहब का जुलूस शांतिपूवर्क निपटाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
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होली स्थलों पर सुलग रहीं
विवाद की चिनगारियां
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लाख दावे करें कि होली स्थलों पर कब्जों को लेकर गुजरे सालों में उपजे विवाद द्विपक्षीय समझौतों से शांत कर दिए गए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि होली रखे जाने वाले कई ठिकानों पर विवाद की चिनगारियां अभी तक सुलग रही हैं। प्रशासन ने इन मामलों निस्तारण करने में संजीदगी से काम नहीं लिया तो विवादों की आग फिर से भड़क सकती है। ऐसे ही कुछ मामलों पर डालते हैं एक नजर-
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0 शहर केमोहल्ला बिजलीपुरा में दशकों पुराने होली स्थल पर पिछले साल कुछ लोगों ने दहन सामग्री रखे जाने पर विवाद खड़ा कर दिया। बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं केसाथ विरोध प्रदर्शन किया तो प्रशासन की तंद्रा भंग हुई। दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ, लेकिन बाद में फिर होली रखने को लेकर अवरोध डाला गया।
0 अंटा क्षेत्र में आइस फैक्ट्री के पास एक राजनीतिक दल के नेता ने पिछले साथ दशकों पुराने तिकोने होली स्थल को अपने परिसर में समेटने केलिए वहां चहारदीवारी बनाकर लोहे का फाटक खड़ा कर दिया। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल सक्रिय हुआ तो नेताजी बैक फुट पर आ गए और उन्हें फाटक खोलकर होली स्थल के लिए रास्ता देना पड़ा, लेकिन वहां इंडिया मार्क हैंड पंप लगने नहीं दिया। तभी से यह प्रकरण सुलग रहा है।
0 ककरा कलां में सात दशक पुराने होली स्थल की जमीन को अपनी बताते हुए पिछले दिनों उसी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कब्जा जमाने की कोशिश की। बजरंग दल के जिला संयोजक राजेश अवस्थी के अनुसार इस प्रकरण में डीएम स्तर से समझौता होने पर तय किया गया कि नौ मीटर व्यास की जमीन होली स्थल के लिए सुरक्षित रहेगी, लेकिन प्रशासन ने अभी तक समझौते का अनुपालन नहीं कराया। नतीजे में होली स्थल पर लगी ईंटें अभी तक हटाई नहीं गईं।
0 जलालाबाद क्षेत्र के नगला मदा गांव में एक व्यक्ति ने वर्षों पुराने होली स्थल पर कब्जा करके वहां कमरा बनवा लिया। ग्रामीणों से जानकारी पाकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया तो प्रशासन ने जेसीबी से अवैध निर्माण ढहा दिया, लेकिन अब वहां फिर से होली स्थल के आधे हिस्से में पक्का निर्माण करके कब्जा कर लिया गया। यह मामला भी अभी तक गरमाया है।
यह है होलिका दहन स्थलों की संख्या
थाना सदर बाजार क्षेत्र- 95
थाना कोतवाली क्षेत्र- 75
आरसी मिशन क्षेत्र- 43
रोजा थाना क्षेत्र- 84