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कोर्ट के आदेश पर सिपाही सहित पांच पर रिपोर्ट दर्ज
Shahjahanpur
Updated Sat, 02 Nov 2013 05:44 AM IST
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बरखेड़ा थाने में तैयार है आरोपी सिपाही
- मकान पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप
- पीड़ित व्यक्ति उत्तराखंड के ऋषिकेश का रहने वाला
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। सिपाही सहित पांच लोगों द्वारा खरीदे गए मकान की एवज में रुपये की मांग करना, मारपीट और धमकी देने की कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सिपाही पीलीभीत के बरखेड़ा थाने में तैनात है।
मूलरूप से खुटार कस्बा निवासी और वर्तमान में उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी वेदप्रकाश मिश्रा उर्फ प्रकाशानंद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने पुवायां में एक मकान और जगह का बैनामा 10 अक्तूबर को कराया था। वह इस जगह में गौशाला और मंदिर बनाना चाहता था। उसके खरीदे मकान में मूलरूप से गढ़िया रंगीन निवासी रामसरन, उसकी पत्नी उर्मिला, पुत्र मोहित, रोहित आदि कुछ समय से रहते थे। उसने मकान खरीदने से पहले उर्मिला देवी से बात की थी। उर्मिला ने मकान खरीदने में कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही थी। इकरारनामा कराने के बाद उर्मिला देवी ने उससे दस लाख रुपये की मांग कर दी। 27 सितंबर को उर्मिला ने बरखेड़ा थाने में तैनात सिपाही प्रभाकर मिश्रा के सामने फैसले की बात की। कई लोगों के सामने पांच लाख रुपये ले लिए। उर्मिला देवी ने कुछ दिन में मकान खाली कर देने की बात भी कही।
एक अक्तूबर को वेदप्रकाश पुवायां आया तो रामसरन, उसकी पत्नी और पुत्रों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। शिकायत पर उर्मिला देवी को थाने बुलाया गया था। इस बात से नाराज होकर सिपाही प्रभाकर मिश्रा ने उसे फोन कर गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि रंगदारी में दस लाख रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर अपहरण कर मार देने की धमकी भी दी गई है।
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आरोप है कि उक्त पांच लाख रुपये की ठगी करने के बाद 10 लाख रुपये और ठग लेना चाहते हैं। उसने पुवायां पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रामसरन, उर्मिला, मोहित, रोहित और सिपाही प्रभाकर मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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- मकान पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप
- पीड़ित व्यक्ति उत्तराखंड के ऋषिकेश का रहने वाला
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। सिपाही सहित पांच लोगों द्वारा खरीदे गए मकान की एवज में रुपये की मांग करना, मारपीट और धमकी देने की कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सिपाही पीलीभीत के बरखेड़ा थाने में तैनात है।
मूलरूप से खुटार कस्बा निवासी और वर्तमान में उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी वेदप्रकाश मिश्रा उर्फ प्रकाशानंद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने पुवायां में एक मकान और जगह का बैनामा 10 अक्तूबर को कराया था। वह इस जगह में गौशाला और मंदिर बनाना चाहता था। उसके खरीदे मकान में मूलरूप से गढ़िया रंगीन निवासी रामसरन, उसकी पत्नी उर्मिला, पुत्र मोहित, रोहित आदि कुछ समय से रहते थे। उसने मकान खरीदने से पहले उर्मिला देवी से बात की थी। उर्मिला ने मकान खरीदने में कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही थी। इकरारनामा कराने के बाद उर्मिला देवी ने उससे दस लाख रुपये की मांग कर दी। 27 सितंबर को उर्मिला ने बरखेड़ा थाने में तैनात सिपाही प्रभाकर मिश्रा के सामने फैसले की बात की। कई लोगों के सामने पांच लाख रुपये ले लिए। उर्मिला देवी ने कुछ दिन में मकान खाली कर देने की बात भी कही।
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एक अक्तूबर को वेदप्रकाश पुवायां आया तो रामसरन, उसकी पत्नी और पुत्रों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। शिकायत पर उर्मिला देवी को थाने बुलाया गया था। इस बात से नाराज होकर सिपाही प्रभाकर मिश्रा ने उसे फोन कर गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि रंगदारी में दस लाख रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर अपहरण कर मार देने की धमकी भी दी गई है।
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आरोप है कि उक्त पांच लाख रुपये की ठगी करने के बाद 10 लाख रुपये और ठग लेना चाहते हैं। उसने पुवायां पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रामसरन, उर्मिला, मोहित, रोहित और सिपाही प्रभाकर मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।