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गेज से लाइनों की ऊंचाई नापी, चेक किए प्वाइंट
Shahjahanpur
Updated Mon, 11 Feb 2013 05:32 AM IST
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- सीआरएस ने इलेक्ट्रिक लाइनों का बारीकी से किया निरीक्षण
- रोजा में पॉवर सप्लाई स्टेशन और इक्यूपमेंट डिपो भी देखा
- रोजा से सीआरएस स्पेशल की वापसी इलेक्ट्रिक इंजन से हुई
अमर उजाला नेटवर्क
शाहजहांपुर/रोजा। बरेली-रोजा के बीच रेलवे लाइनों के कराए गए इलेक्ट्रिीफिकेशन की जांच को उत्तर रेलवे के संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) राजकुमार कर्दम बहुप्रतीक्षित दौरे पर विभिन्न स्टेशनों, रास्ते में पड़ने वाले पुलों और रेल समपारों का निरीक्षण करते हुए रविवार की शाम यहां पहुंचे। उन्होंने स्टेशन की सभी लाइनों के ऊपर से गुजरी ओएचई लाइन की ऊंचाई की माप कराई और बाद में रोजा पहुंचकर वहां के पॉवर सप्लाई स्टेशन और ओएचई इक्यूपमेंट डिपो का निरीक्षण कर लाइनों के कई प्वाइंट चेक कराए।
सीआरएस को बरेली से निरीक्षण करते हुए स्पेशल ट्रेन से शाम चार बजे यहां आकर रनथ्रू रोजा जाना था। उनके दौरे को लेकर दो नंबर प्लेटफार्म पर स्टेशन अधीक्षक एके गौतम, डिप्टी एसएस (कामर्शियल) सुशील कुमार श्रीवास्तव, वाणिज्य निरीक्षक डीएन सिंह, स्वास्थ्य निरीक्षक त्रिलोक चंद्र आदि अधिकारी पहले से अलर्ट रहे। अफसरों की पेशानी पर उस वक्त बल पड़ गए जब वाकी-टाकी पर डीआरएम स्पेशल के अफसरों ने सिग्नल रेड कराकर यहां ठहराव लेने का संकेत दिया।
यही हुआ भी। शाम 4.47 बजे सीआरएस स्पेशल रुकते ही श्री कर्दम बोगी में बैठे विंडो इंस्पेक्शन करते रहे। इसी बीच, उनकी बोगी से उतरे डीआरएम सुनील कुमार माथुर और अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण शुरू कर दिया। इसके तहत गेज से ओवरहेड लाइनों की पटरियों से ऊंचाई की माप कराई। इस दौरान डीआरएम ने एसएस को फुट ओवरब्रिज के नीचे से निकाली गई ओएचई लाइन को जल्द इंसुलेटेड कराने के निर्देश दिए।
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बमुश्किल 14 मिनट का ठहराव लेने के बाद सीआरएस स्पेशल अगले पड़ाव को रवाना हो गई। अफसरों की टीम ने खन्नौत पुल, 318 नंबर अटसलिया फाटक और 320 नंबर मोहम्मदी रोड क्रासिंग के पास हाईटेंशन लाइन के प्वाइंट चेक कराए। शाम सवा छह बजे स्पेशल ट्रेन रोजा के डाउन यार्ड में रुकी। इसी के साथ सीआरएस श्री कर्दम ने खुद नीचे उतरकर अधीनस्थों के साथ पहले पॉवर सप्लाई स्टेशन और बाद में ओएचई इक्यूपमेंट डिपो का निरीक्षण किया।
श्री कर्दम ने इस मौके पर जेई कृष्ण मुरारी से पॉवर स्टेशन की कार्य प्रणाली और डिपो में उपलब्ध संसाधनों का विवरण लिया। खास यह रहा कि रोजा तक डीजल इंजन से पहुंची सीआरएस स्पेशल की वापसी शाम सवा सात बजे इलेक्ट्रिक इंजन से हुई। इलेक्ट्रिक इंजन को आपरेट करने का मौका एक बार फिर चालक हरि प्रसाद, सहायक चालक रामजी और चीफ लोको इंस्पेक्टर बालेश कुमार को मिला। बता दें कि इसी रनिंग स्टाफ ने गत वर्ष 17 जुलाई को रोजा से लखनऊ तक बिजली के इंजन से सीआरएस स्टेशल दौड़ाई थी।
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- रोजा में पॉवर सप्लाई स्टेशन और इक्यूपमेंट डिपो भी देखा
- रोजा से सीआरएस स्पेशल की वापसी इलेक्ट्रिक इंजन से हुई
अमर उजाला नेटवर्क
शाहजहांपुर/रोजा। बरेली-रोजा के बीच रेलवे लाइनों के कराए गए इलेक्ट्रिीफिकेशन की जांच को उत्तर रेलवे के संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) राजकुमार कर्दम बहुप्रतीक्षित दौरे पर विभिन्न स्टेशनों, रास्ते में पड़ने वाले पुलों और रेल समपारों का निरीक्षण करते हुए रविवार की शाम यहां पहुंचे। उन्होंने स्टेशन की सभी लाइनों के ऊपर से गुजरी ओएचई लाइन की ऊंचाई की माप कराई और बाद में रोजा पहुंचकर वहां के पॉवर सप्लाई स्टेशन और ओएचई इक्यूपमेंट डिपो का निरीक्षण कर लाइनों के कई प्वाइंट चेक कराए।
सीआरएस को बरेली से निरीक्षण करते हुए स्पेशल ट्रेन से शाम चार बजे यहां आकर रनथ्रू रोजा जाना था। उनके दौरे को लेकर दो नंबर प्लेटफार्म पर स्टेशन अधीक्षक एके गौतम, डिप्टी एसएस (कामर्शियल) सुशील कुमार श्रीवास्तव, वाणिज्य निरीक्षक डीएन सिंह, स्वास्थ्य निरीक्षक त्रिलोक चंद्र आदि अधिकारी पहले से अलर्ट रहे। अफसरों की पेशानी पर उस वक्त बल पड़ गए जब वाकी-टाकी पर डीआरएम स्पेशल के अफसरों ने सिग्नल रेड कराकर यहां ठहराव लेने का संकेत दिया।
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यही हुआ भी। शाम 4.47 बजे सीआरएस स्पेशल रुकते ही श्री कर्दम बोगी में बैठे विंडो इंस्पेक्शन करते रहे। इसी बीच, उनकी बोगी से उतरे डीआरएम सुनील कुमार माथुर और अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण शुरू कर दिया। इसके तहत गेज से ओवरहेड लाइनों की पटरियों से ऊंचाई की माप कराई। इस दौरान डीआरएम ने एसएस को फुट ओवरब्रिज के नीचे से निकाली गई ओएचई लाइन को जल्द इंसुलेटेड कराने के निर्देश दिए।
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बमुश्किल 14 मिनट का ठहराव लेने के बाद सीआरएस स्पेशल अगले पड़ाव को रवाना हो गई। अफसरों की टीम ने खन्नौत पुल, 318 नंबर अटसलिया फाटक और 320 नंबर मोहम्मदी रोड क्रासिंग के पास हाईटेंशन लाइन के प्वाइंट चेक कराए। शाम सवा छह बजे स्पेशल ट्रेन रोजा के डाउन यार्ड में रुकी। इसी के साथ सीआरएस श्री कर्दम ने खुद नीचे उतरकर अधीनस्थों के साथ पहले पॉवर सप्लाई स्टेशन और बाद में ओएचई इक्यूपमेंट डिपो का निरीक्षण किया।
श्री कर्दम ने इस मौके पर जेई कृष्ण मुरारी से पॉवर स्टेशन की कार्य प्रणाली और डिपो में उपलब्ध संसाधनों का विवरण लिया। खास यह रहा कि रोजा तक डीजल इंजन से पहुंची सीआरएस स्पेशल की वापसी शाम सवा सात बजे इलेक्ट्रिक इंजन से हुई। इलेक्ट्रिक इंजन को आपरेट करने का मौका एक बार फिर चालक हरि प्रसाद, सहायक चालक रामजी और चीफ लोको इंस्पेक्टर बालेश कुमार को मिला। बता दें कि इसी रनिंग स्टाफ ने गत वर्ष 17 जुलाई को रोजा से लखनऊ तक बिजली के इंजन से सीआरएस स्टेशल दौड़ाई थी।