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‘शाहजहांपुर को लखनऊ खंडपीठ से जोड़ा जाए’
Shahjahanpur
Updated Tue, 18 Dec 2012 06:01 PM IST
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शाहजहांपुर। सेंट्रल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने शाहजहांपुर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ से संबद्ध किए जाने सहित कई मांगों को लेकर जजी परिसर में प्रदर्शन किया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन जनपद न्यायाधीश अली जामिन को उनके विश्राम कक्ष में जाकर सौंपा। इस दौरान वकील सोमवार को न्यायिक कार्य से भी विरत रहे।
ज्ञापन में कहा गया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय शाहजहांपुर से 400 किलोमीटर दूर है, जिस कारण वादकारियों और अधिवक्ताओं को वहां आने-जाने में काफी परेशानी होती है। साथ ही वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय नहीं मिल पाता है। यह भी कहा गया है कि जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ की स्थापना करते हुए शाहजहांपुर को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिले की तहसील जलालाबाद में मुंसिफ न्यायालय का भवन अस्थाई और संकुचित स्थान पर बना है। वहां वकीलों के बैठने को समुचित स्थान नहीं है। अभिलेखों की सुरक्षा की व्यवस्था भी नहीं है। अत: जलालाबाद में मुंसिफ न्यायालय के स्थायी भवन का निर्माण होने तक वहां फौजदारी वाद न भेजे जाएं।
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ज्ञापन देने वालों में बार अध्यक्ष एजाज हसन खां और महामंत्री कमलेश सक्सेना सहित वीके सिंह, रमाकांत मिश्रा, इरशाद अली खां और आलोक द्विवेदी शामिल रहे। प्रदर्शन करने वालों में फिरोज हसन खां, गायत्री प्रकाश अवस्थी, अमोघचंद्र दीक्षित, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, देवेंद्र गुप्ता, रामनिवास राठौर, प्रमोद तिवारी, आत्म प्रकाश त्रिवेदी, सुबोध दिनकर आदि थे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय शाहजहांपुर से 400 किलोमीटर दूर है, जिस कारण वादकारियों और अधिवक्ताओं को वहां आने-जाने में काफी परेशानी होती है। साथ ही वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय नहीं मिल पाता है। यह भी कहा गया है कि जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ की स्थापना करते हुए शाहजहांपुर को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध किया जाए।
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ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिले की तहसील जलालाबाद में मुंसिफ न्यायालय का भवन अस्थाई और संकुचित स्थान पर बना है। वहां वकीलों के बैठने को समुचित स्थान नहीं है। अभिलेखों की सुरक्षा की व्यवस्था भी नहीं है। अत: जलालाबाद में मुंसिफ न्यायालय के स्थायी भवन का निर्माण होने तक वहां फौजदारी वाद न भेजे जाएं।
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ज्ञापन देने वालों में बार अध्यक्ष एजाज हसन खां और महामंत्री कमलेश सक्सेना सहित वीके सिंह, रमाकांत मिश्रा, इरशाद अली खां और आलोक द्विवेदी शामिल रहे। प्रदर्शन करने वालों में फिरोज हसन खां, गायत्री प्रकाश अवस्थी, अमोघचंद्र दीक्षित, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, देवेंद्र गुप्ता, रामनिवास राठौर, प्रमोद तिवारी, आत्म प्रकाश त्रिवेदी, सुबोध दिनकर आदि थे।