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एक साथ उजड़ गया दो बहनों का सुहाग
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शाहजहांपुर/मदनापुर। मदनापुर में चंदौखा गांव के पास हुए हादसे में एक साथ दो बहनों का सुहाग उजड़ गया। घटना की जानकारी परिजनों तक पहुंची तो दोनों परिवार में कोहराम मच गया। जिस किसी ने इस घटना के बारे में सुना उसी के मुंह से यही निकला कि यह बहुत बुरा हुआ।
मदनापुर के गांव रजपुरा निवासी 35 वर्षीय सुखवीर सिंह और हरदोई के थाना पचदेवरा के गांव परसरा मड़ैया निवासी 40 वर्षीय भगवानशरण उर्फ पप्पू सगे साढू़ थे। दोनों लोग रजपुरा से निकलकर बमुश्किल सात किलोमीटर का सफर तय कर पाए थे कि चंदौखा के पास बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई। हादसे में घायल हुए पप्पू ने पहले दम तोड़ा तो सुखवीर ने बरेली जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। दोनों की मौत की खबर ने एक साथ दोनों परिवार को झकझोर दिया। मृतक सुखवीर सिंह के तीन बच्चों में सबसे बड़ी बेटी पांच वर्षीय निहारिका, तीन वर्षीय सोनम और एक वर्ष की निधि है। इन मासूम बच्चों को देख-देखकर पत्नी रीना का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। वहीं सुखवीर सिंह के साढू भगवानशरण उर्फ पप्पू के बच्चों में बड़ी बेटी 20 वर्षीय नेमवती, चार बेटों में सुरजीत 15 वर्षीय, संदीप 13 वर्षीय, कुलदीप 11 वर्षीय और अंकित नौ वर्षीय हैं। पत्नी सुमनदेवी के कंधों पर अकेले इन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है। घटना के बाद से पप्पू के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मदनापुर के गांव रजपुरा निवासी 35 वर्षीय सुखवीर सिंह और हरदोई के थाना पचदेवरा के गांव परसरा मड़ैया निवासी 40 वर्षीय भगवानशरण उर्फ पप्पू सगे साढू़ थे। दोनों लोग रजपुरा से निकलकर बमुश्किल सात किलोमीटर का सफर तय कर पाए थे कि चंदौखा के पास बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई। हादसे में घायल हुए पप्पू ने पहले दम तोड़ा तो सुखवीर ने बरेली जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। दोनों की मौत की खबर ने एक साथ दोनों परिवार को झकझोर दिया। मृतक सुखवीर सिंह के तीन बच्चों में सबसे बड़ी बेटी पांच वर्षीय निहारिका, तीन वर्षीय सोनम और एक वर्ष की निधि है। इन मासूम बच्चों को देख-देखकर पत्नी रीना का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। वहीं सुखवीर सिंह के साढू भगवानशरण उर्फ पप्पू के बच्चों में बड़ी बेटी 20 वर्षीय नेमवती, चार बेटों में सुरजीत 15 वर्षीय, संदीप 13 वर्षीय, कुलदीप 11 वर्षीय और अंकित नौ वर्षीय हैं। पत्नी सुमनदेवी के कंधों पर अकेले इन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है। घटना के बाद से पप्पू के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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