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Shahjahanpur News: अफसरों को भ्रष्ट बता 75% पार्षदों ने किया बोर्ड का बहिष्कार

Sun, 24 Sep 2023 01:33 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 01:33 AM IST
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75% councilors boycotted the board calling the officers corrupt
विकास भवन सभागार में नगर निगम की बोर्ड बैठक में मोजूद महापौर अर्चना वर्मा व अन्य। संवाद
नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक : कार्य न करने का लगाया आरोप, होटल में फोन बंद कर बैठे रहे सदस्य
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संवाद न्यूज एजेंसी



शाहजहांपुर। नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक का 75 फीसदी पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया। वे शनिवार को विकास भवन के सभागार में पहुंचने के बजाय कुछ ही दूर एक होटल में अपने फोन बंद कर शाम तक बैठे रहे। इस बीच बोर्ड बैठक में विचार-विमर्श और आरोप-प्रत्यारोप के बीच उन दस प्रस्तावों में से नौ पर मुहर लगा दी गई जिन्हें तीन जुलाई को हुई कार्यकारिणी की बैठक में अनुमोदित किया गया था।

बहिष्कार करने वाले अधिकतर पार्षद भाजपाई थे। उन्होंने मीडिया से बात नहीं की और फोटो खिंचवाने से भी मना कर दिया। उनका कहना था कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। जनहित का कोई काम नहीं हो रहा है। यही बात बैठक में मौजूद 14 पार्षदों ने भी जोरदार तरीके से उठाई। महापौर अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा शुरू होते ही पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाना शुरू कर दिया।
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पार्षदों ने कहा कि चार महीने पहले दिए गए कार्य अब तक नहीं हुए हैं। पार्षद दिवाकर मिश्रा ने पूछा कि पूर्व में दिए गए प्रस्ताव पर कितने कार्य हुए, इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। पार्षद मनीष गुप्ता ने कहा कि उन्होंने एक पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव दिया था, उसकी जगह दूसरी बना दी गई। पार्षद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि दूसरे नगर निगमों की अपेक्षा शहरवासियों से अधिक कर वसूला जा रहा है जबकि यहां कर सबसे कम होना चाहिए। उन्होंने अस्पताल व होटलों से कर वसूली के लिए कर्मचारियों को भेजने का सुझाव दिया। इस पर नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने आने वाले समय में कर निर्धारण के लिए मकानों को जियोग्राफिक इंफारमेशन सिस्टम (जीआईएस) नंबर जारी किए जाने की जानकारी दी। बताया कि वर्तमान में 55 हजार लोग संपत्ति कर के दायरे में हैं, 80 हजार होने की संभावना है।
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पानी नहीं तो कर भी नहीं

पार्षदों ने कहा कि अगर शहरवासियों को जल नहीं मिला, तो कर जमा नहीं होने देंगे। पार्षदों ने अमृत योजना के तहत निर्मित ओवरहेड टैंकों के हैंडओवर न होने पाने तथा भुगतान कर दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। नगर निगम के महाप्रबंधक जल ने बताया कि अभी टेस्टिंग चल रही है। इस पर भी पार्षद भड़क गए और बोले कि ऐसा कब तक होगा। एक महिला पार्षद ने रेती रोड से पुत्तूलाल चौराहा तक लीकेज के कारण जलभराव व रोड धंसने की जानकारी दी। नगर आयुक्त ने इसको दिखवाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने घर के अंदर तक जलापूर्ति की पाइप लाइन पहुंचाने और बाहर खुली लाइनों को बंद कराने के लिए भी संबंधित को निर्देशित किया। एक अन्य पार्षद ने आवास विकास कॉलोनी में छह इंच पर पाइप लाइन डाले जाने और उससे भविष्य में जलभराव की समस्या खड़ी होने की बात कही।

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सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मरों का मुद्दा उठा

पार्षद जगदीश ने सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मरों को हटवाने की बात कही, जिस पर महापौर ने उन स्थानों की जानकारी चाही। नगर आयुक्त ने बताया कि बिजली विभाग को शिफ्टिंग के लिए अच्छी खासी धनराशि देनी पड़ती है, इसलिए स्थान बताना भी जरूरी है।

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परियोजना अधिकारी गैरहाजिर, भड़के पार्षद

आवास योजना के तहत बनाई गई सूची से पात्रों के नाम हटाए जाने और धनराशि न मिल पाने पर चर्चा हुई। इसका जवाब देने के लिए डूडा के परियोजना अधिकारी अतुल पाठक मौजूद नहीं थे। पार्षदों ने नाराजगी जताई। उन्होंने परियोजना अधिकारी द्वारा कोई जानकारी साझा न करने, डूडा कार्यालय में दलालाें का बोलबाला होने तथा दो-दो हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि 7928 लोगों की सूची बनाई गई, जिसकी जांच कराए जाने पर 4100 ही पात्र रह गए। बाकी लोग मिले नहीं या फिर अपात्र थे।

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प्रोजेक्टर से दी मॉडल कूड़ा प्रबंधन की जानकारी

बैठक में मॉडल कूड़ा प्रबंधन की योजना का प्रोजेक्टर पर प्रस्तुतिकरण किया गया। इसको शहर में लागू किए जाने की जानकारी दी गई। बताया कि सभी वार्डों में 250 सदस्यों की एक समिति बनाई जाएगी। इस समिति के पदाधिकारी ही कूड़ा उठान और सुविधा शुल्क वसूली का कार्य कराएंगे। इसमें लगने वाले कर्मचारियों को भुगतान नगर निगम की ओर से किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि खिरनीबाग वार्ड में कूड़ा प्रबंधन के कार्य को मॉडल के रूप में कराया जा रहा है। जहां कंपोस्टर रखे गए है, जिनमें गीला-सूखा कूड़ा एकत्र होता है और खाद भी बनाई जा रही है।

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बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख रूप से नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, अपर नगर आयुक्त एसके सिंह, सहायक नगर आयुक्त रश्मि भारती, उप सभापति व पार्षद वेद प्रकाश मौर्या, पार्षद मनीश गुप्ता, सोनी मिश्रा, जगदीश कुशवाहा, अरविंद राजपाल, नीतू सिंह, रीता, शिवओम सक्सेना, मोहम्मद सत्तार, विजय लक्ष्मी, फरहान अहमद, दिवाकर मिश्रा, तालिब खां, आसिफ सलीम मौजूद रहे।



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इन प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया



1. नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवंटित बजट के अनुसार 169.62 करोड़ की धनराशि से विकास योजना को कार्यकारिणी समिति के सदस्यों द्वारा स्वीकार किया गया। इसमें एक बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर खर्च होगा। शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके लिए 20 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इनके अलावा श्मशान घाट के सुंदरीकरण, पेयजल व्यवस्था के हैंडपंप लगवाने, नाली निर्माण आदि के कार्य भी होंगे।



2. संपत्तिकर के एक मुश्त समाधान (ओटीएस) योजना संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृत दी गई। इसके तहत बड़े बकायेदारों को ब्याज से राहत मिलेगी। साथ ही एकमुश्त धनराशि जमा करने पर मूल बकाये में भी 20 प्रतिशत छूट मिलने का प्रावधान होगा। ऐसे कई बकायेदार हैं, जिन पर नगर पालिका के समय से ही बकाया चला आ रहा है। उनको नोटिस और बिल भी जारी किए गए थे। बकाया जमा करने के लिए दो माह का समय दिया जाएगा।



3. नवनिर्वाचित समस्त पार्षदों को मोबाइल तथा सीयूजी नंबर निगम निधि से उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। हर पार्षद को 20 हजार रुपये कीमत का मोबाइल दिया जाएगा। हालांकि कुछ पार्षदों ने मोबाइल व सीयूजी नंबर लेने से इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि इस धनराशि से वार्ड में कार्य करवाया जाए।



4. 10 लाख रुपये से कम के विकास कार्यों के लिए ई-टेंडर की बाध्यता समाप्त कर सामान्य निविदा के माध्यम से कराए जाने का प्रस्ताव पास किया गया। इसका उद्देश्य ई-टेंडर की प्रक्रिया में लगने वाले समय से छुटकारा पाना रहा। सामान्य निविदा के माध्यम से टेंडर आसानी से हो सकेंगे। अब तक एक लाख से ऊपर के सभी कार्यों के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाती थी।



5. कार्यकारिणी समिति द्वारा सर्वसम्मति से दाखिल खारिज प्रकरणों में विलंब शुक्ल अधिकतम 5000 रुपये तक करने का प्रस्ताव पास हुआ। 90 दिन के अंदर दाखिल न करने पर विलंब शुल्क देना होता है। पहले यह एक हजार रुपये प्रति वर्ष लिया जाता था। कई लोगों को 20 से 25 हजार रुपये तक देना पड़ता था।



6. राज्य स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव एवं अन्य प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए सदन के अनुमोदनार्थ अग्रसारित किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत महानगर में नगर निगम की ओर से सुभाषनगर से रिंग रोड तक स्मार्ट रोड बनाई जा रही है। मल्टीलेवल कार पार्किंग, आईटीएमएस चौराहा का निर्माण करवाया गया है। अब जोनल कार्यालय, सीनियर सीटिजन के लिए केयर सेंटर, ओपन जिम, श्मशाम घाटों में ग्रीन सिस्टम का निर्माण आदि कार्य कराए जाएंगे।



7. फीकल स्लज एवं सेप्टेज मैनजमेंट के लिए उपविधि के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया। न्यू सिटी ककरा में नगर निगम की ओर से एक एफएसटीपी बनाया गया है। जहां पर घरों में स्थित सेप्टिक टैंकों की सफाई कर उसका मल ले जाया जा रहा है और उसको निस्तारण हो रहा है। इसके लिए एक बायलॉज भी बनाया गया है। जिसको लागू किया जाएगा। पहले सेप्टिक टैंक की सफाई कराने को तीन हजार देने पड़ते थे, अब एक हजार ही देने होंगे।







8. मोहल्ला समिति के माध्यम से विकेंद्रीकृत कूड़ा प्रबंधन का प्रस्तुतीकरण एवं इस पर विचार विमर्श के लिए सदन के सम्मुख विचारार्थ प्रस्तुत करने के लिए स्वीकृत किया गया। इसके तहत सभी वार्डों में मॉडल कूड़ा प्रबंधन की योजना को लागू किया जाएगा। वार्डों में 250 सदस्यों की एक समिति बनाई जाएगी। जोकि कूड़ा उठान और सुविधा शुल्क वसूली का कार्य कराएगी। खिरनीबाग वार्ड में कूड़ा प्रबंधन के कार्य को मॉडल के रूप में कराया जा रहा है। जहां कंपोस्टर रखे गए है जिनमें गीला-सूखा कूड़ा एकत्र होता है और खाद भी बनाई जा रही है।








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नगर निगम सामान्य बोर्ड बैठक के लिए 1/5 सदस्यों का होना जरूरी है। ऐसा प्रावधान नगर निगम अधिनियम 1959 में है। सदन में कोरम नियमानुसार पूर्ण था। कार्यकारिणी समिति की कार्यवाही एजेंडे के अनुरूप हुई और महापौर अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। पार्षदों द्वारा बैठक के बहिष्कार की जानकारी नहीं है। यदि उनकी कोई समस्या है तो बैठक में आकर रखनी चाहिए थी। जब जानकारी होगी तब ही समाधान निकाला जा सकेगा।
- संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर
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