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ठेकेदार के खाना व जरूरत का सामान न देने पर थाने पहुंचे चौकी
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शाहजहांपुर। थाना कांट क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में ठेके पर कार्य कर रहे बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 70 मजदूर खाना और जरूरत का सामान न मिलने पर शनिवार को अजीजगंज पुलिस चौकी जा पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार पर खाना समेत अन्य जरूरी सामान उपलब्ध न कराने का आरोप लगाकर चौकी प्रभारी से शिकायत की। चौकी प्रभारी ने उनकी समस्या को सुनकर खाना उपलब्ध कराने की बात कही और मामला कांट थाना क्षेत्र से संबंधित होने के चलते वहां भेज दिया। इसके बाद मजदूर वहां पहुंचे तो कांट पुलिस ने ठेकेदार और मजदूरों के बीच बातचीत कराकर समस्या का समाधान कराया।
थाना कांट क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में ठेके पर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 70 मजदूर कार्यरत थे। 25 मार्च को देश में लॉकडाउन हुआ तो ठेकेदार ने मजदूरों को गांव अकर्रा रसूलपुर स्थित टीचर्स कॉलोनी में ठहरा दिया। शनिवार को पुलिस चौकी पहुंचे मजदूरों ने आरोप लगाया कि वहां ठहराने के बाद ठेकेदार ने उनकी कोई सुधि नहीं ली। एक बार उन्होंने प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मामले की जानकारी दी तो प्रशासन ने उन्हें कुछ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। उसी आर्थिक सहायता से अब तक जैसे-तैसे उन लोगों ने गुजारा किया। अब उनके पास राशन खत्म हो गया है। ठेकेदार को फोन करते हैं तो वह टाल मटोल कर देता है। मजबूरन उन लोगों को पुलिस के पास आना पड़ा। उन्होंने अजीजगंज चौकी प्रभारी नासिर खान से ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चौकी प्रभारी ने मजदूरों की समस्या सुनकर खाना खिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन वे लोग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। मामला थाना कांट क्षेत्र से संबंधित था इसलिए उन्होंने कांट जाकर शिकायत करने की बात कही। बिहार के मजदूर सुनील का कहना है कि ठेकेदार की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। न तो खाना और न ही जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मजदूरों को दिक्कत हो रही है।
ठेकेदार को लगी फटकार तो सुलझा विवाद
कांट थाना प्रभारी वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि पेपर मिल के मजदूर अपनी शिकायत लेकर पिपरोला पुलिस चौकी पहुंचे थे। वहां चौकी प्रभारी प्रदीप सहरावत ने ठेकेदार को बुलवाकर मजदूरों की वार्ता कराई। फटकार के बाद ठेकेदार ने मजदूरों को काम और भोजन देने का आश्वासन दिया है। मजदूरों और ठेकेदार के बीच समझौता हो गया है। समझौते के आधार पर ठेकेदार ने एक सप्ताह के भीतर काम दिलवाने, उनके लिए राशन उपलब्ध कराने और काम के एवज में तनख्वाह दिलवाए जाने का आश्वासन दिया है।
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थाना कांट क्षेत्र में स्थित एक पेपर मिल में ठेके पर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 70 मजदूर कार्यरत थे। 25 मार्च को देश में लॉकडाउन हुआ तो ठेकेदार ने मजदूरों को गांव अकर्रा रसूलपुर स्थित टीचर्स कॉलोनी में ठहरा दिया। शनिवार को पुलिस चौकी पहुंचे मजदूरों ने आरोप लगाया कि वहां ठहराने के बाद ठेकेदार ने उनकी कोई सुधि नहीं ली। एक बार उन्होंने प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मामले की जानकारी दी तो प्रशासन ने उन्हें कुछ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। उसी आर्थिक सहायता से अब तक जैसे-तैसे उन लोगों ने गुजारा किया। अब उनके पास राशन खत्म हो गया है। ठेकेदार को फोन करते हैं तो वह टाल मटोल कर देता है। मजबूरन उन लोगों को पुलिस के पास आना पड़ा। उन्होंने अजीजगंज चौकी प्रभारी नासिर खान से ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चौकी प्रभारी ने मजदूरों की समस्या सुनकर खाना खिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन वे लोग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। मामला थाना कांट क्षेत्र से संबंधित था इसलिए उन्होंने कांट जाकर शिकायत करने की बात कही। बिहार के मजदूर सुनील का कहना है कि ठेकेदार की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। न तो खाना और न ही जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मजदूरों को दिक्कत हो रही है।
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ठेकेदार को लगी फटकार तो सुलझा विवाद
कांट थाना प्रभारी वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि पेपर मिल के मजदूर अपनी शिकायत लेकर पिपरोला पुलिस चौकी पहुंचे थे। वहां चौकी प्रभारी प्रदीप सहरावत ने ठेकेदार को बुलवाकर मजदूरों की वार्ता कराई। फटकार के बाद ठेकेदार ने मजदूरों को काम और भोजन देने का आश्वासन दिया है। मजदूरों और ठेकेदार के बीच समझौता हो गया है। समझौते के आधार पर ठेकेदार ने एक सप्ताह के भीतर काम दिलवाने, उनके लिए राशन उपलब्ध कराने और काम के एवज में तनख्वाह दिलवाए जाने का आश्वासन दिया है।
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