{"_id":"5c2cac7fbdec2256d34bd18d","slug":"61546431615-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैनल से हुआ पीएम, नहीं मिले चोट के निशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैनल से हुआ पीएम, नहीं मिले चोट के निशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। पुलिस की पिटाई से ई-रिक्शा चालक बालेश्वर की मौत के बाद बुधवार को शव का पोस्टमार्टम डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. अब्दुल हफीज व डॉ. मेहराज आलम ने वीडियोग्राफी के साथ किया। एक घंटे से अधिक समय तक किए गए पोस्टमार्टम में बालेश्वर के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा प्रिजर्व किया गया है। इधर, हाईवे पर मंगलवार को छह घंटे तक चले बवाल के बाद भी इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। वहीं मामले की जांच एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी के निर्देश में सीओ सदर को सौंपी गई है। लोगों का गुस्सा न भड़के इसलिए एसपी ने बुधवार को आरोपी दो सिपाहियों तौसीम हैदर, गौरव कुमार को निलंबित कर दिया है।
आरोप है कि मौजमपुर निवासी 55 वर्षीय बालेश्वर को पुलिस ने मंगलवार सुबह ई-रिक्शा के कागज देखने के बहाने चौकी में बुलाया और यहां पर तीन सिपाहियों ने उसकी पिटाई कर दी। हालत बिगड़ने पर उसे उसके साथी के साथ घर भेज दिया। परिजनों ने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का गुस्सा भड़का और शव गांव के किनारे हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गुस्साए लोगों से छह घंटे तक जूझना पड़ा था। मृतक के परिजन और ग्रामीण आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर निलंबन की कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर रहे थे। दोपहर बाद 3:30 बजे से रात 9:30 बजे चली इस हंगामे पूर्ण स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को दो बार लाठीचार्ज भी करना पड़ा और अंत में एक लाख मुआवजा व जांच के बाद सिपाहियों पर कार्रवाई के लिखित आश्वासन पर मामला शांत हुआ था, लेकिन इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी चौक कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहीं मामले की जांच एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी को सौंपी गई है। इधर, चौक कोतवाली प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई।
विज्ञापन
आरोप है कि मौजमपुर निवासी 55 वर्षीय बालेश्वर को पुलिस ने मंगलवार सुबह ई-रिक्शा के कागज देखने के बहाने चौकी में बुलाया और यहां पर तीन सिपाहियों ने उसकी पिटाई कर दी। हालत बिगड़ने पर उसे उसके साथी के साथ घर भेज दिया। परिजनों ने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का गुस्सा भड़का और शव गांव के किनारे हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गुस्साए लोगों से छह घंटे तक जूझना पड़ा था। मृतक के परिजन और ग्रामीण आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर निलंबन की कार्रवाई व मुआवजे की मांग कर रहे थे। दोपहर बाद 3:30 बजे से रात 9:30 बजे चली इस हंगामे पूर्ण स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को दो बार लाठीचार्ज भी करना पड़ा और अंत में एक लाख मुआवजा व जांच के बाद सिपाहियों पर कार्रवाई के लिखित आश्वासन पर मामला शांत हुआ था, लेकिन इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी चौक कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वहीं मामले की जांच एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी को सौंपी गई है। इधर, चौक कोतवाली प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई।
विज्ञापन