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विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों में मिलीं कई खामियां
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:36 AM IST
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विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों में मिलीं कई खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मानव दिवस सृजन की कसौटी पर पिछड़े जनपदों में शामिल इस जिले के हालातों का जायजा लेने के लिए शासन के मनरेगा सेल के उपायुक्त अजय प्रकाश रविवार को दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव गौरी कलां और कांट ब्लॉक के मुनब्बरगंज का औचक निरीक्षण कर वहां मनरेगा के तहत हुए कामों को शासन से नियत मानकों की कसौटी पर परखा तो अनेक खामियां पाईं। उन्होंने ब्लॉक और ग्राम स्तर के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।
मनरेगा उपायुक्त ने मानव दिवस के लक्ष्य के सापेक्ष सृजन की समीक्षा कर जिले की प्रगति केवल 71 प्रतिशत पाई। अन्य जनपदों में शत प्रतिशत मानव दिवस सृजन के लिहाज यह उपलब्धि बेहद कम मानते हुए मनरेगा डीसी ने अधिकतम लोगों को रोजगार से जोडने के निर्देश दिए। गौरी कलां में योजना के तहत किए गए कामों का रिकार्ड सही नहीं मिला और सेवेन रजिस्टर भी नहीं बनाए गए। इसके लिए डीसी अजय प्रकाश ने ग्राम स्तरीय स्टाफ के साथ बीडीओ को मॉनीटरिंग नहीं करने का दोषी पाया। मुनब्बरगंज में रिकार्ड दुरुस्त मिला, लेकिन तालाब क्षतिग्रस्त पाए जाने पर उसका जीर्णोद्धार और खाली स्थानों पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण कर मुख्यालय पर लौटे डीसी अजय प्रकाश ने बताया कि प्रदेश के प्रतापगढ़, बरेली, सोनभद्र, अमेठी और चित्रकूट जनपद भी मानव दिवस सृजन में काफी पिछड़े हैं। मनरेगा के अंतर्गत 2019-20 के बजट में प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण और उनके विकास सहित वाटर रिचार्ज के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रबंध करने पर जोर दिया जा रहा है।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मानव दिवस सृजन की कसौटी पर पिछड़े जनपदों में शामिल इस जिले के हालातों का जायजा लेने के लिए शासन के मनरेगा सेल के उपायुक्त अजय प्रकाश रविवार को दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव गौरी कलां और कांट ब्लॉक के मुनब्बरगंज का औचक निरीक्षण कर वहां मनरेगा के तहत हुए कामों को शासन से नियत मानकों की कसौटी पर परखा तो अनेक खामियां पाईं। उन्होंने ब्लॉक और ग्राम स्तर के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।
मनरेगा उपायुक्त ने मानव दिवस के लक्ष्य के सापेक्ष सृजन की समीक्षा कर जिले की प्रगति केवल 71 प्रतिशत पाई। अन्य जनपदों में शत प्रतिशत मानव दिवस सृजन के लिहाज यह उपलब्धि बेहद कम मानते हुए मनरेगा डीसी ने अधिकतम लोगों को रोजगार से जोडने के निर्देश दिए। गौरी कलां में योजना के तहत किए गए कामों का रिकार्ड सही नहीं मिला और सेवेन रजिस्टर भी नहीं बनाए गए। इसके लिए डीसी अजय प्रकाश ने ग्राम स्तरीय स्टाफ के साथ बीडीओ को मॉनीटरिंग नहीं करने का दोषी पाया। मुनब्बरगंज में रिकार्ड दुरुस्त मिला, लेकिन तालाब क्षतिग्रस्त पाए जाने पर उसका जीर्णोद्धार और खाली स्थानों पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिए।
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निरीक्षण कर मुख्यालय पर लौटे डीसी अजय प्रकाश ने बताया कि प्रदेश के प्रतापगढ़, बरेली, सोनभद्र, अमेठी और चित्रकूट जनपद भी मानव दिवस सृजन में काफी पिछड़े हैं। मनरेगा के अंतर्गत 2019-20 के बजट में प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण और उनके विकास सहित वाटर रिचार्ज के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रबंध करने पर जोर दिया जा रहा है।
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