{"_id":"5a5e3abd4f1c1b62268b4b1d","slug":"61516124861-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्व संग्रह अमीनों ने तहसीलों में प्रदर्शन कर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्व संग्रह अमीनों ने तहसीलों में प्रदर्शन कर दिया धरना
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो 03 में।
राजस्व संग्रह अमीनों ने तहसीलों में प्रदर्शन कर दिया धरना
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुरू किया कार्य बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राजस्व विभाग के संग्रह अमीनों ने वेतनमान में संशोधन और वाहन भत्ता समेत 11 सूत्री मांग पत्र को शासन स्तर पर लंबित रखे जाने के विरोध में राजस्व संग्रह अमीन संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। पहले दिन अमीनों ने अपने सर्किल का भ्रमण करने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर धरना दिया। सदर तहसील में धरना स्थल पर हुई सभा में पदाधिकारियों ने मांगों पर शासन के उदासीन रवैये की निंदा की।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए संघ के तहसील अध्यक्ष राकेश कुमार दीक्षित ने कहा कि प्रदेश स्तर राजस्व की वसूली में तमाम ऐसे अमीन कार्यरत हैं, जो गत वर्षों में सीजनल सेवाएं देते रहने के बाद नियमित हो चुके हैं, लेकिन उनकी सामयिक सेवाओं को नियमित सेवा में नहीं जोड़े जाने से सैकड़ों अमीनों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही है। सेवा नियमावली में संशोधन की मांग अनसुनी किए जाने से अमीनों को वित्तीय हानि उठाने के साथ अन्य कई कठिनाइयों के साथ राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों के अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के जिला संगठन मंत्री धीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि अमीन संवर्ग के ग्रेड वेतन में संशोधन, राजस्व वसूली में वृद्धि के लिए पर्यवेक्षकों की जवाबदेही तय किए जाने, अमीनों को नायब तहसीलदार पर पूर्ववत पदोन्नति दिए जाने, संवर्ग का नाम परिवर्तित कर राजस्व संग्रह अधिकारी किए जाने आदि मांगों को लेकर विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों से आश्वासन मिले, लेकिन इस संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं होने से अमीनों का धैर्य जवाब देने लगा है। धरना-प्रदर्शन में विजय पाठक, सोबरन लाल, रामबहादुर सिंह, पतिराखन लाल, प्रदीप दुबे, राजेश मिश्रा, महेश कुमार, श्शिवकरन लाल, मौजी राम, शिवराम आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्व संग्रह अमीनों ने तहसीलों में प्रदर्शन कर दिया धरना
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुरू किया कार्य बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। राजस्व विभाग के संग्रह अमीनों ने वेतनमान में संशोधन और वाहन भत्ता समेत 11 सूत्री मांग पत्र को शासन स्तर पर लंबित रखे जाने के विरोध में राजस्व संग्रह अमीन संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। पहले दिन अमीनों ने अपने सर्किल का भ्रमण करने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर धरना दिया। सदर तहसील में धरना स्थल पर हुई सभा में पदाधिकारियों ने मांगों पर शासन के उदासीन रवैये की निंदा की।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए संघ के तहसील अध्यक्ष राकेश कुमार दीक्षित ने कहा कि प्रदेश स्तर राजस्व की वसूली में तमाम ऐसे अमीन कार्यरत हैं, जो गत वर्षों में सीजनल सेवाएं देते रहने के बाद नियमित हो चुके हैं, लेकिन उनकी सामयिक सेवाओं को नियमित सेवा में नहीं जोड़े जाने से सैकड़ों अमीनों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही है। सेवा नियमावली में संशोधन की मांग अनसुनी किए जाने से अमीनों को वित्तीय हानि उठाने के साथ अन्य कई कठिनाइयों के साथ राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों के अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
संघ के जिला संगठन मंत्री धीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि अमीन संवर्ग के ग्रेड वेतन में संशोधन, राजस्व वसूली में वृद्धि के लिए पर्यवेक्षकों की जवाबदेही तय किए जाने, अमीनों को नायब तहसीलदार पर पूर्ववत पदोन्नति दिए जाने, संवर्ग का नाम परिवर्तित कर राजस्व संग्रह अधिकारी किए जाने आदि मांगों को लेकर विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों से आश्वासन मिले, लेकिन इस संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं होने से अमीनों का धैर्य जवाब देने लगा है। धरना-प्रदर्शन में विजय पाठक, सोबरन लाल, रामबहादुर सिंह, पतिराखन लाल, प्रदीप दुबे, राजेश मिश्रा, महेश कुमार, श्शिवकरन लाल, मौजी राम, शिवराम आदि शामिल रहे।
विज्ञापन