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कर्जमाफी की राह ताक रहे 1.18 लाख किसान
Updated Fri, 01 Sep 2017 06:43 PM IST
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शाहजहांपुर। प्रदेश की योगी सरकार की फसली ऋण मोचन योजना के तहत जिले में लघु सीमांत श्रेणी के 1.18 लाख किसानों को लाभान्वित किया जाना है, लेकिन पहले चरण में केवल 20274 किसानों को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र जारी होंगे। ये वे किसान हैं, जिन्होंने अपने बैंक खातों से आधार नंबर लिंक कराने में तत्परता बरती। योजना लागू करने को प्रशासन वीआईपी कार्यक्रम की तैयारी में जुट गया है।
बता दें कि जिले में कार्यरत 31 बैंकों की करीब 300 शाखाओं से लगभग चार लाख किसानों ने 45 अरब रुपये का कृषि ऋण ले रखा है। इनमें ढाई से पांच एकड़ जोत वाले 3.52 लाख लघु-सीमांत श्रेणी के किसानों पर लगभग 25 अरब रुपये की ऋण देनदारी है। यही नहीं, निर्धारित अवधि में बकाया अदा नहीं करने वाले लगभग 50 हजार किसानों के खाते एनपीए श्रेणी में लाए जा चुके, जबकि ऐसे किसानों पर 380 करोड़ रुपये बकाया है। बैंक अधिकारियों ने सपा शासनकाल में 8500 से अधिक ऐसे कृषक खातेदार चिन्हित किए, जो ऋण अदायगी में सक्षम होने के बावजूद लोन नहीं चुका रहे। ऐसे किसानों से राजस्व की वसूली के पैटर्न पर फसली ऋण वसूलने को रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने की तैयारी की गई, लेकिन सरकार ने कर्जमाफी का तोहफा देकर किसानों से आरसी के जरिए वसूली की बला फिलहाल टाल दी है। बैंक अधिकारियों केे अनुसार जिले में लघु सीमांत श्रेणी के करीब 3.50 लाख किसान हैं, लेकिन सरकार की कर्जमाफी का लाभ फिलहाल उन्हीं किसानों को देय होगा, जिन्होंने गत वर्ष 31 मार्च से पहले फसली ऋण लिए हैं। ऐसे लगभग 1.18 लाख किसान चिन्हित किए गए हैं। खास यह है कि कर्ज माफी में मूलधन और ब्याज को एक ही पैमाने पर रखा गया है। ऐसी स्थिति में उन किसानों को ऋण पर देय ब्याज से भी मुक्ति मिल जाएगी, जिन्होंने एक लाख रुपये से कम कर्ज लिया है।
40 फीसदी किसानों ने जमा नहीं किए आधार कार्ड
ऋण मोचन योजना की घोषणा के बाद से प्रशासन पात्र किसानों से लगातार अनुरोध कर रहा है कि वे अपने ऋण खातों से आधार नंबर शीघ्रता से लिंक कराएं। जिन किसानों ने किन्हीं कारणों से अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाए, उनकी सहूलियत के लिए आधार मेला कैंप भी लगाए गए। तहसील स्तर पर यह अभियान जारी है। इसके बावजूद अभी तक बमुश्किल 60 प्रतिशत किसानों ने संबंधित बैंक शाखाओं को आधार नंबर उपलब्ध कराए है। अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्रशेखर जोशी के अनुसार इस काम में किसान जितनी तत्परता बरतेंगे, उतनी ही शीघ्रता से योजना पर क्रियान्वयन संभव होगा।
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एक लाख से कम ऋण पर ब्याज होगा माफ
फसली ऋण मोचन योजना की परिधि में आने वाले उन सभी किसानों को ब्याज माफी का भी लाभ मिलना तय है, जिन्होंने एक लाख रुपये से कम ऋण लिया है। आठ सितंबर को प्रदेश के केबिनेट मंत्री जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के माध्यम से किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित कराने के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सर्वेश कुमार, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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बता दें कि जिले में कार्यरत 31 बैंकों की करीब 300 शाखाओं से लगभग चार लाख किसानों ने 45 अरब रुपये का कृषि ऋण ले रखा है। इनमें ढाई से पांच एकड़ जोत वाले 3.52 लाख लघु-सीमांत श्रेणी के किसानों पर लगभग 25 अरब रुपये की ऋण देनदारी है। यही नहीं, निर्धारित अवधि में बकाया अदा नहीं करने वाले लगभग 50 हजार किसानों के खाते एनपीए श्रेणी में लाए जा चुके, जबकि ऐसे किसानों पर 380 करोड़ रुपये बकाया है। बैंक अधिकारियों ने सपा शासनकाल में 8500 से अधिक ऐसे कृषक खातेदार चिन्हित किए, जो ऋण अदायगी में सक्षम होने के बावजूद लोन नहीं चुका रहे। ऐसे किसानों से राजस्व की वसूली के पैटर्न पर फसली ऋण वसूलने को रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने की तैयारी की गई, लेकिन सरकार ने कर्जमाफी का तोहफा देकर किसानों से आरसी के जरिए वसूली की बला फिलहाल टाल दी है। बैंक अधिकारियों केे अनुसार जिले में लघु सीमांत श्रेणी के करीब 3.50 लाख किसान हैं, लेकिन सरकार की कर्जमाफी का लाभ फिलहाल उन्हीं किसानों को देय होगा, जिन्होंने गत वर्ष 31 मार्च से पहले फसली ऋण लिए हैं। ऐसे लगभग 1.18 लाख किसान चिन्हित किए गए हैं। खास यह है कि कर्ज माफी में मूलधन और ब्याज को एक ही पैमाने पर रखा गया है। ऐसी स्थिति में उन किसानों को ऋण पर देय ब्याज से भी मुक्ति मिल जाएगी, जिन्होंने एक लाख रुपये से कम कर्ज लिया है।
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40 फीसदी किसानों ने जमा नहीं किए आधार कार्ड
ऋण मोचन योजना की घोषणा के बाद से प्रशासन पात्र किसानों से लगातार अनुरोध कर रहा है कि वे अपने ऋण खातों से आधार नंबर शीघ्रता से लिंक कराएं। जिन किसानों ने किन्हीं कारणों से अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाए, उनकी सहूलियत के लिए आधार मेला कैंप भी लगाए गए। तहसील स्तर पर यह अभियान जारी है। इसके बावजूद अभी तक बमुश्किल 60 प्रतिशत किसानों ने संबंधित बैंक शाखाओं को आधार नंबर उपलब्ध कराए है। अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्रशेखर जोशी के अनुसार इस काम में किसान जितनी तत्परता बरतेंगे, उतनी ही शीघ्रता से योजना पर क्रियान्वयन संभव होगा।
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एक लाख से कम ऋण पर ब्याज होगा माफ
फसली ऋण मोचन योजना की परिधि में आने वाले उन सभी किसानों को ब्याज माफी का भी लाभ मिलना तय है, जिन्होंने एक लाख रुपये से कम ऋण लिया है। आठ सितंबर को प्रदेश के केबिनेट मंत्री जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के माध्यम से किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित कराने के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सर्वेश कुमार, एडीएम, वित्त एवं राजस्व