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सीवर लाइन की टेंडर प्रक्रिया शुरू, पांच फर्मो ने किया आवेदन
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शाहजहांपुर। शहर में सीवर लाइन बिछाने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस काम के लिए जल निगम को पांच फर्मों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया जा रहा है।
शहर के घरों व फैक्टरियों से निकलने वाला अपशिष्ट नालों में बहकर नदियों में गिरने का सिलसिला अनवरत जारी है। इसकी वजह से जीवनदायिनी कही जाने वाली गर्रा और खन्नौत नदियां अपना अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गई हैं। गंदे नालों के गिरने से दोनों नदियां बड़े नालों के रूप में तब्दील हो गई हैं। इनके अस्तित्व को बचाने के साथ ही शहरवासियों की सहूलियत के लिए सीवर लाइन डालने का निर्णय लिया गया है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अब तक कार्यदायी संस्था जल निगम को पांच आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अब इन आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है।
377 करोड़ रुपये का बजट हुआ था मंजूर
अमृत योजना के तहत सीवर लाइन के लिए पिछले साल 23 जुलाई को प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग में 377 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ था। इसमें 186 किमी सीवर लाइन डालने के कार्य को मंजूरी मिली थी और 73 करोड़ की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 1979-80 में भी सीवर लाइन डालने को मंजूरी मिली थी, मगर धन आवंटन न होने के कारण उस समय काम रुक गया था।
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शहर में सीवर लाइन डालने के लिए पांच फर्मों ने आवेदन किए हैं। नगर निगम आवेदनों की जांच कर रहा है, जो तकनीकी मानकों को पूरा करते हुए कम बजट में कार्य कराएगा उसी को शहर में सीवर लाइन डालने का ठेका दिया जाएगा। - मोहित रॉय, एई जल निगम
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शहर के घरों व फैक्टरियों से निकलने वाला अपशिष्ट नालों में बहकर नदियों में गिरने का सिलसिला अनवरत जारी है। इसकी वजह से जीवनदायिनी कही जाने वाली गर्रा और खन्नौत नदियां अपना अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गई हैं। गंदे नालों के गिरने से दोनों नदियां बड़े नालों के रूप में तब्दील हो गई हैं। इनके अस्तित्व को बचाने के साथ ही शहरवासियों की सहूलियत के लिए सीवर लाइन डालने का निर्णय लिया गया है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अब तक कार्यदायी संस्था जल निगम को पांच आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अब इन आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है।
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377 करोड़ रुपये का बजट हुआ था मंजूर
अमृत योजना के तहत सीवर लाइन के लिए पिछले साल 23 जुलाई को प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग में 377 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ था। इसमें 186 किमी सीवर लाइन डालने के कार्य को मंजूरी मिली थी और 73 करोड़ की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 1979-80 में भी सीवर लाइन डालने को मंजूरी मिली थी, मगर धन आवंटन न होने के कारण उस समय काम रुक गया था।
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शहर में सीवर लाइन डालने के लिए पांच फर्मों ने आवेदन किए हैं। नगर निगम आवेदनों की जांच कर रहा है, जो तकनीकी मानकों को पूरा करते हुए कम बजट में कार्य कराएगा उसी को शहर में सीवर लाइन डालने का ठेका दिया जाएगा। - मोहित रॉय, एई जल निगम