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Shahjahanpur News: एक हजार वर्गफीट के मकान में रहते थे 40 लोग
Fri, 21 Aug 2026 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:10 AM IST
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शाहजहांपुर। समीर इदरीसी के कर्मों की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ी। एक हजार वर्गफीट के जिस मकान में करीब 40 लोगों के पांच परिवार रहते थे, वो जमींदोज कर दिया गया। अब परिवार के सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है।
समीर के पिता लियाकत अपने चार भाइयों के परिवार के साथ करीब एक हजार वर्गफीट के दो मंजिला मकान में रहते थे। मकान में भूतल और पहली मंजिल पर पांच-पांच कमरे बने थे। परिजनों के अनुसार, करीब 40 लोग यहां रहते थे और उनका परिवार पिछले 50 वर्षों से मकान में रह रहा था। मकान समीर की मां सलमा, अमीरन और नसीम के नाम दर्ज बताया गया है। हत्या के मामले में पुलिस ने समीर, उसके पिता लियाकत, सगे भाई तदीम और चचेरे भाई राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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आठ घंटे जाम रहा था कांट-जलालाबाद मार्ग, लिखित आश्वासन के बाद हटे थे प्रदर्शनकारी
31 जुलाई की रात कांट के कमलनैनपुर निवासी गौतम मौर्या की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की रात में ही पुलिस जब समीर को लेकर हत्या में इस्तेमाल चाकू की बरामदगी कराने पहुंची तो उसने पुलिस पर हमला कर दिया था। एनकाउंटर में गोली लगने पर समीर घायल हो गया था। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण एक अगस्त को हिंदूवादी संगठनों ने कांट थाने के सामने धरना देकर कांट-जलालाबाद मार्ग जाम कर दिया था। करीब आठ घंटे तक चले धरने के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना पर पहुंचे एसपी सौरभ दीक्षित ने लोगों को समझाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी थी। मांग पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हुआ था।
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‘समीर को मार देते, मकान छोड़ देते’
मकान गिराए जाने के दौरान वहां मौजूद महिलाएं फफक पड़ीं। उनका कहना था कि समीर को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसे गोली मार देते, लेकिन मकान नहीं गिराना चाहिए था। महिलाओं ने कहा कि कार्रवाई करनी ही थी तो केवल समीर के हिस्से का निर्माण गिराया जाता। मकान गिरने के बाद उनके परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हत्याकांड के दूसरे आरोपी अश्वनी के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की गई।
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छावनी बना मोहल्ला
बृहस्पतिवार को भवन गिराने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार के साथ ही सीओ सदर शुभम वर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का जायजा लिया।
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समीर के पिता लियाकत अपने चार भाइयों के परिवार के साथ करीब एक हजार वर्गफीट के दो मंजिला मकान में रहते थे। मकान में भूतल और पहली मंजिल पर पांच-पांच कमरे बने थे। परिजनों के अनुसार, करीब 40 लोग यहां रहते थे और उनका परिवार पिछले 50 वर्षों से मकान में रह रहा था। मकान समीर की मां सलमा, अमीरन और नसीम के नाम दर्ज बताया गया है। हत्या के मामले में पुलिस ने समीर, उसके पिता लियाकत, सगे भाई तदीम और चचेरे भाई राजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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आठ घंटे जाम रहा था कांट-जलालाबाद मार्ग, लिखित आश्वासन के बाद हटे थे प्रदर्शनकारी
31 जुलाई की रात कांट के कमलनैनपुर निवासी गौतम मौर्या की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की रात में ही पुलिस जब समीर को लेकर हत्या में इस्तेमाल चाकू की बरामदगी कराने पहुंची तो उसने पुलिस पर हमला कर दिया था। एनकाउंटर में गोली लगने पर समीर घायल हो गया था। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण एक अगस्त को हिंदूवादी संगठनों ने कांट थाने के सामने धरना देकर कांट-जलालाबाद मार्ग जाम कर दिया था। करीब आठ घंटे तक चले धरने के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना पर पहुंचे एसपी सौरभ दीक्षित ने लोगों को समझाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी थी। मांग पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हुआ था।
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‘समीर को मार देते, मकान छोड़ देते’
मकान गिराए जाने के दौरान वहां मौजूद महिलाएं फफक पड़ीं। उनका कहना था कि समीर को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसे गोली मार देते, लेकिन मकान नहीं गिराना चाहिए था। महिलाओं ने कहा कि कार्रवाई करनी ही थी तो केवल समीर के हिस्से का निर्माण गिराया जाता। मकान गिरने के बाद उनके परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि हत्याकांड के दूसरे आरोपी अश्वनी के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की गई।
छावनी बना मोहल्ला
बृहस्पतिवार को भवन गिराने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार के साथ ही सीओ सदर शुभम वर्मा भी मौके पर मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का जायजा लिया।