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मंदिर के कपाट खुलते ही मां के लगे जयकारे
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:07 AM IST
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फोटो-30
मंदिर के कपाट खुलते ही लगे जयकारे
कुर्रिया कलां।
गांव के प्राचीन देवी मंदिर के कपाट छह माह बाद सोमवार सुबह खुलते ही मां के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। पुजारी गुरुदेव प्रसाद दीक्षित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
सदियों पुरानी देवी मां की मूर्ति काठ की बनी हुई है। इस मूर्ति को छह माह में एक बार तीन दिन के लिए दर्शनार्थ खोला जाता है। मान्यता है कि यहां देवी से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु शक्कर और गोला का बकरा बनाकर मां को भेंट करते है। सोमवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा था। सुबह करीब 10 बजे कपाट खुलते ही जयकारे लगने लगे। मंदिर प्रांगड़ में लगे मेले की दुकानों पर आए लोगों ने जरूरत का सामान भी खरीदा।
मंदिर के कपाट खुलते ही लगे जयकारे
कुर्रिया कलां।
गांव के प्राचीन देवी मंदिर के कपाट छह माह बाद सोमवार सुबह खुलते ही मां के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। पुजारी गुरुदेव प्रसाद दीक्षित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
सदियों पुरानी देवी मां की मूर्ति काठ की बनी हुई है। इस मूर्ति को छह माह में एक बार तीन दिन के लिए दर्शनार्थ खोला जाता है। मान्यता है कि यहां देवी से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु शक्कर और गोला का बकरा बनाकर मां को भेंट करते है। सोमवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा था। सुबह करीब 10 बजे कपाट खुलते ही जयकारे लगने लगे। मंदिर प्रांगड़ में लगे मेले की दुकानों पर आए लोगों ने जरूरत का सामान भी खरीदा।
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