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एक परिवार के चार लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार
Updated Sun, 04 Feb 2018 07:28 PM IST
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शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के गांव छतैनी में शनिवार रात नौ बजे बथुआ पड़ी उर्द की दाल और चावल खाने के बाद एक परिवार के चार लोगों की हालत बिगड़ गई। सुबह बेहोशी की हालत में उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां से सभी को जिला अस्पताल भेज दिया गया। इनमें भाई-बहन की हालत गंभीर है। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि उनकी स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार हो जाएगा।
गांव छतैनी निवासी 60 वर्षीय रामश्री ने शनिवार रात खाने में बथुआ पड़ी उर्द की दाल और चावल बनाए थे। रात नौ बजे रामश्री व पौत्र आठ वर्षीय शिवम, पौत्री 15 वर्षीय नीलम, 10 वर्षीय नाती रामकीरत ने खाना खाया और सो गए। शिवम के छह वर्षीय छोटे भाई सत्यम ने खाना नहीं खाया। वह ऐसे ही सो गया। देर रात में एक-एक करके चारों की हालत बिगड़ गई और उन लोगों को उल्टियां भी आईं। इसके बाद वे लोग चारपाई पर अलग-अलग बेहोशी की हालत में गिर गए। सुबह सात बजे सत्यम की आंख खुली तो उसने सभी को बेहोशी की हालत में पाया। उसने दादी रामश्री को उठाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठीं। इसके बाद उसकी नजर घर के आंगन व छप्पर के नीचे तीन-चार जगह पड़ी उल्टियों गई, तब फिर उसने मकान में नशे की हालत में सोए पिता प्रेमपाल को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह भी नहीं उठे। फिर उसने कुछ दूरी पर दूसरे मकान में रह रहे चाचा रतिराम को इसकी जानकारी दी। रतिराम घर पहुंचे तो सभी को अचेत देख कर उनके होश उड़ गए। उन्होंने सभी को निगोही सीएचसी पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने चारों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां जिला अस्पताल में शिवम और उसकी बहन नीलम की हालत गंभीर है।
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छतैनी गांव के एक परिवार के लोग फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए हैं। रात में इन लोगों ने बथुआ पड़ी दाल खाई थी। हो सकता है कि बथुआ पर कीटनाशक छिड़काव का असर रहा हो। उसकी बनी दाल खाने के बाद हालत बिगड़ गई। अब हालत में सुधार हो रहा है।
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डॉ. मेहराज आलम, जिला अस्पताल
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गांव छतैनी निवासी 60 वर्षीय रामश्री ने शनिवार रात खाने में बथुआ पड़ी उर्द की दाल और चावल बनाए थे। रात नौ बजे रामश्री व पौत्र आठ वर्षीय शिवम, पौत्री 15 वर्षीय नीलम, 10 वर्षीय नाती रामकीरत ने खाना खाया और सो गए। शिवम के छह वर्षीय छोटे भाई सत्यम ने खाना नहीं खाया। वह ऐसे ही सो गया। देर रात में एक-एक करके चारों की हालत बिगड़ गई और उन लोगों को उल्टियां भी आईं। इसके बाद वे लोग चारपाई पर अलग-अलग बेहोशी की हालत में गिर गए। सुबह सात बजे सत्यम की आंख खुली तो उसने सभी को बेहोशी की हालत में पाया। उसने दादी रामश्री को उठाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठीं। इसके बाद उसकी नजर घर के आंगन व छप्पर के नीचे तीन-चार जगह पड़ी उल्टियों गई, तब फिर उसने मकान में नशे की हालत में सोए पिता प्रेमपाल को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह भी नहीं उठे। फिर उसने कुछ दूरी पर दूसरे मकान में रह रहे चाचा रतिराम को इसकी जानकारी दी। रतिराम घर पहुंचे तो सभी को अचेत देख कर उनके होश उड़ गए। उन्होंने सभी को निगोही सीएचसी पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने चारों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां जिला अस्पताल में शिवम और उसकी बहन नीलम की हालत गंभीर है।
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छतैनी गांव के एक परिवार के लोग फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए हैं। रात में इन लोगों ने बथुआ पड़ी दाल खाई थी। हो सकता है कि बथुआ पर कीटनाशक छिड़काव का असर रहा हो। उसकी बनी दाल खाने के बाद हालत बिगड़ गई। अब हालत में सुधार हो रहा है।
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डॉ. मेहराज आलम, जिला अस्पताल