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अत्यंत कुपोषित तीन बच्चों का इलाज कराने के निर्देश
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 04 Feb 2015 11:35 PM IST
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डीएम शुभ्रा सक्सेना ने राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिए गए गांव सिसौआ में बुधवार को चौपाल लगाकर वहां बच्चों में कुपोषण की पहचान के लिए किए गए सर्वे कार्य की जांच की। इस दौरान उन्होंने अत्यंत कुपोषित पाए गए तीन बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को आसपास के परिवेश की स्वच्छता और पोषक आहार की अहमियत बताई।
सर्वे से पता चला कि गांव में 164 बच्चे कुपोषित और 31 अति कुपोषित हैं। अत्यंत कुपोषित बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग करने पर डीएम ने पाया कि तीन बच्चों, नीलोफर, सुरजीत और रिंकी, का स्वास्थ्य बेहद खराब है। अति कुपोषित बच्चों के माता-पिता से इसका कारण पूछने पर एक ही जवाब मिला कि बच्चा बीमार रहने से कमजोर हो गया है। बीमार क्यों हुआ, इसका जवाब किसी ने नहीं दिया।
इस पर डीएम ने अभिभावकों को समझाया कि पोषक आहार की कमी से बच्चे बीमार पड़ते हैं और शारीरिक कमजोरी आने पर उन्हें बीमारियां घेरने लगती हैं। डीएम ने महिलाओं को छह माह तक बच्चों को स्तनपान कराने और बाद में प्रोटीन युक्त आहार देने का सुझाव दिया। साथ ही सीएमएस को तीनों अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण व पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधान मजीद से आग्रह किया कि कुपोषित बच्चों को पोषक आहार अैर दूध आदि उपलब्ध कराने में सहयोग करें। चौपाल में सीएमओ डॉ. उमेश सिंह यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एवं राज्य पोशण मिशन की नोडल अफसर वंदना त्रिवेदी, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीपीओ बुद्घि मिश्रा, बीएसए राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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सर्वे से पता चला कि गांव में 164 बच्चे कुपोषित और 31 अति कुपोषित हैं। अत्यंत कुपोषित बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग करने पर डीएम ने पाया कि तीन बच्चों, नीलोफर, सुरजीत और रिंकी, का स्वास्थ्य बेहद खराब है। अति कुपोषित बच्चों के माता-पिता से इसका कारण पूछने पर एक ही जवाब मिला कि बच्चा बीमार रहने से कमजोर हो गया है। बीमार क्यों हुआ, इसका जवाब किसी ने नहीं दिया।
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इस पर डीएम ने अभिभावकों को समझाया कि पोषक आहार की कमी से बच्चे बीमार पड़ते हैं और शारीरिक कमजोरी आने पर उन्हें बीमारियां घेरने लगती हैं। डीएम ने महिलाओं को छह माह तक बच्चों को स्तनपान कराने और बाद में प्रोटीन युक्त आहार देने का सुझाव दिया। साथ ही सीएमएस को तीनों अति कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के पोषण व पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधान मजीद से आग्रह किया कि कुपोषित बच्चों को पोषक आहार अैर दूध आदि उपलब्ध कराने में सहयोग करें। चौपाल में सीएमओ डॉ. उमेश सिंह यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट एवं राज्य पोशण मिशन की नोडल अफसर वंदना त्रिवेदी, डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद, डीपीओ बुद्घि मिश्रा, बीएसए राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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