{"_id":"6962a956db1c10402e015236","slug":"271-teachers-transferred-in-the-basic-education-departmentsent-to-single-teacher-and-closed-schools-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-162640-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: बेसिक शिक्षा विभाग में 271 शिक्षकों के तबादले...एकल और बंद स्कूलों में भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: बेसिक शिक्षा विभाग में 271 शिक्षकों के तबादले...एकल और बंद स्कूलों में भेजा
विज्ञापन
शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में 271 प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों के तबादले किए गए हैं। जिले के अंदर ही इन्हें बंद और एकल स्कूलों में भेजा गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए जरूरत के हिसाब से शिक्षकों के तबादले हुए हैं। बीईओ के पास सूची पहुंचने के बाद प्राथमिक शिक्षक संघ ने मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। जिले के अंदर 87 प्रधानाध्यापकों को इसी पद पर भेजा गया है। इसी तरह 143 प्राइमरी स्कूलों के प्रधानाध्यापकाें की पदोन्नति होने के बाद जूनियर के सहायक अध्यापक पद पर भेजा है। नौ शिक्षकाें को जूनियर स्कूल के प्रधानाध्यापक से जूनियर के प्रधानाध्यापक पद पर तबादला किया गया है। इसी तरह सरप्लस 32 अध्यापकाें को बंद व एकल स्कूलों में भेजा गया है।
बीएसए कार्यालय से शिक्षकाें के तबादले की सूची तैयार कर बीईओ कार्यालय में भेजी गई। वहां से शिक्षकों के पास तबादले के आदेश पहुंचे तो खलबली मच गई। प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय विद्यालयों के तृतीय समायोजन में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताते हुए मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया कि वरिष्ठ शिक्षकाें व दिव्यांगजनों को 60 से 70 किलोमीटर दूरस्थ स्कूलों में भेजा गया है।
विज्ञापन
--
लिपिक की भूमिका पर खड़े किए सवाल
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्रा ने बताया कि तृतीय समायोजन में कनिष्ठ शिक्षकों को निकटतम विद्यालयों में समायोजित किया गया है, जबकि वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं दिव्यांग शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयों में भेजा गया है। इसी मार्च माह में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भी काफी दूर भेजा गया है। बताया कि 150 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में कई प्रधानाध्यापकों का समायोजन किया गया, जबकि अनेक प्रधानाध्यापकों का समायोजन बिना किसी स्पष्ट कारण कर दिया गया।
आरोप लगाया कि लिपिक की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। अवैध वसूली के आरोपों के चलते अनियमित समायोजन कर शिक्षक समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। जरूरत पड़ने पर न्यायालय में याचिका दाखिल की जाएगी।
--
प्राथमिक स्कूलों में 151 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की गई है, वरना उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापकों की तैनाती की गई है। प्रमुख सचिव के आदेश के क्रम में तबादले किए गए हैं। पूरा प्रकरण जिलाधिकारी के संज्ञान में है। गड़बड़ी के आरोप निराधार हैं।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
विज्ञापन
न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। जिले के अंदर 87 प्रधानाध्यापकों को इसी पद पर भेजा गया है। इसी तरह 143 प्राइमरी स्कूलों के प्रधानाध्यापकाें की पदोन्नति होने के बाद जूनियर के सहायक अध्यापक पद पर भेजा है। नौ शिक्षकाें को जूनियर स्कूल के प्रधानाध्यापक से जूनियर के प्रधानाध्यापक पद पर तबादला किया गया है। इसी तरह सरप्लस 32 अध्यापकाें को बंद व एकल स्कूलों में भेजा गया है।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय से शिक्षकाें के तबादले की सूची तैयार कर बीईओ कार्यालय में भेजी गई। वहां से शिक्षकों के पास तबादले के आदेश पहुंचे तो खलबली मच गई। प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय विद्यालयों के तृतीय समायोजन में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताते हुए मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया कि वरिष्ठ शिक्षकाें व दिव्यांगजनों को 60 से 70 किलोमीटर दूरस्थ स्कूलों में भेजा गया है।
विज्ञापन
लिपिक की भूमिका पर खड़े किए सवाल
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्रा ने बताया कि तृतीय समायोजन में कनिष्ठ शिक्षकों को निकटतम विद्यालयों में समायोजित किया गया है, जबकि वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं दिव्यांग शिक्षकों को दूरस्थ विद्यालयों में भेजा गया है। इसी मार्च माह में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भी काफी दूर भेजा गया है। बताया कि 150 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में कई प्रधानाध्यापकों का समायोजन किया गया, जबकि अनेक प्रधानाध्यापकों का समायोजन बिना किसी स्पष्ट कारण कर दिया गया।
आरोप लगाया कि लिपिक की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। अवैध वसूली के आरोपों के चलते अनियमित समायोजन कर शिक्षक समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। जरूरत पड़ने पर न्यायालय में याचिका दाखिल की जाएगी।
प्राथमिक स्कूलों में 151 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की गई है, वरना उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रधानाध्यापकों की तैनाती की गई है। प्रमुख सचिव के आदेश के क्रम में तबादले किए गए हैं। पूरा प्रकरण जिलाधिकारी के संज्ञान में है। गड़बड़ी के आरोप निराधार हैं।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए