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नगर निगम के 42 कर्मचारियों का पता नहीं, निकल रहा वेतन
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:18 PM IST
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नगर निगम के 42 कर्मचारियों का पता नहीं, निकल रहा वेतन
विभाग प्रमुखों से नगर आयुक्त ने कर्मचारियों की सूची मांगी
नगर आयुक्त को जांच में तैनाती स्थल पर नहीं मिले कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। नगर निगम गठन को पांच महीने बीत चुके हैं, इसके बाद भी महानगर में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं हैं। इसकी एक वजह कर्मचारियों और विभाग प्रमुखों की मनमानी भी है। नगर आयुक्त विद्या शंकर सिंह ने पड़ताल की तो पता लगा कि नगर निगम के विभिन्न विभागों के करीब 42 कर्मचारी लापता हैं। इसके बाद भी उनकी हाजरी लग रही है और वेतन का आहरण हो रहा है। इन कर्मचारियों की तैनाती कहां है, इनसे क्या काम लिया जा रहा है। अफसरों को पता ही नहीं।
शासन ने शाहजहांपुर नगर निगम को अप्रैल में नगर निगम का दर्जा दिया था। इसके बाद से नगर निगम में विकास का पहिया एक तरह से थम सा गया था। निगम में अब काम रफ्ता-रफ्ता पटरी पर आने के साथ कर्मचारियों और विभागों के प्रमुखों की कार्यप्रणाली भी सामने आने लगी है। करीब दो महीने पहले नगर आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग, जलकल, प्रकाश, कर, सफाई आदि के कर्मचारियों के बारे में पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि करीब 42 कर्मचारी बिना काम के ही वेतन ले रहे हैं। कर्मचारियों की तैनाती और उनके काम की जानकारी जुटाने के लिए नगर आयुक्त ने टीम के साथ कई दिन शहर के विभिन्न इलाकों में औचक भ्रमण भी किया। गौर करने वाली बात यह है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर नजर रखने के लिए तैनात बेलदार अपनी तैनाती स्थल पर नहीं मिले। नगर आयुक्त ने निगम के सभी विभागों के प्रमुखों से ऐसे कर्मचारियों की सूची मांगी है।
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मोबाइन नंबर के साथ वार्ड बार लगेगी कर्मचारियों की सूची
- नगर निगम में नई व्यवस्था के तहत नगर आयुक्त ने महानगर के सभी वार्डों में वहां तैनात कर्मचारियों की सूची मय नाम और मोबाइल नंबर के साथ लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण, जलकल, प्रकाश, सफाई, सड़क नगर निगम के सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि जल्द वार्डों में तैनात कर्मचारियों की सूची बनाकर उनको उपलब्ध करा दी जाए। ताकि जनहित में सूची में हर वार्ड में लगवाया जा सके। इससे कर्मचारियों को होने वाली समस्या कम होगी, लोग आसानी से शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
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लंबे समय से चल रही थी कर्मचारियों की मनमानी
नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मनमानी लंबे समय से चल रही थी। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो सिर्फ हाजिरी भरने नगर निगम आते रहे हैं। विभाग प्रमुख इनसे कोई काम नहीं लेते और हर महीने वेतन बिल जारी कर वेतन आहरण हो रहा था। इसका सीधा असर महानगर में दिख रहा था। जगह-जगह गंदगी, खराब स्ट्रीट लाइट्र टूटी सड़कें इसका का परिणाम है। उम्मीद है कि सख्ती होने के बाद अब कुछ सुधार होगा।
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वर्जन-
तीन दर्जन से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी तैनाती और काम के बारे में मुझे अब तक कुछ पता नहीं लगा है। नगर निगम के सभी विभागों में यह स्थिति है। निर्माण विभाग की स्थिति ज्यादा खराब है। सभी विभागों से कर्मचारियों, उनकी तैनाती और काम की सूची तलब की गई है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
-विद्या शंकर सिंह, नगर आयुक्त
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नगर निगम के 42 कर्मचारियों का पता नहीं, निकल रहा वेतन
विभाग प्रमुखों से नगर आयुक्त ने कर्मचारियों की सूची मांगी
नगर आयुक्त को जांच में तैनाती स्थल पर नहीं मिले कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। नगर निगम गठन को पांच महीने बीत चुके हैं, इसके बाद भी महानगर में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं हैं। इसकी एक वजह कर्मचारियों और विभाग प्रमुखों की मनमानी भी है। नगर आयुक्त विद्या शंकर सिंह ने पड़ताल की तो पता लगा कि नगर निगम के विभिन्न विभागों के करीब 42 कर्मचारी लापता हैं। इसके बाद भी उनकी हाजरी लग रही है और वेतन का आहरण हो रहा है। इन कर्मचारियों की तैनाती कहां है, इनसे क्या काम लिया जा रहा है। अफसरों को पता ही नहीं।
शासन ने शाहजहांपुर नगर निगम को अप्रैल में नगर निगम का दर्जा दिया था। इसके बाद से नगर निगम में विकास का पहिया एक तरह से थम सा गया था। निगम में अब काम रफ्ता-रफ्ता पटरी पर आने के साथ कर्मचारियों और विभागों के प्रमुखों की कार्यप्रणाली भी सामने आने लगी है। करीब दो महीने पहले नगर आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग, जलकल, प्रकाश, कर, सफाई आदि के कर्मचारियों के बारे में पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि करीब 42 कर्मचारी बिना काम के ही वेतन ले रहे हैं। कर्मचारियों की तैनाती और उनके काम की जानकारी जुटाने के लिए नगर आयुक्त ने टीम के साथ कई दिन शहर के विभिन्न इलाकों में औचक भ्रमण भी किया। गौर करने वाली बात यह है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर नजर रखने के लिए तैनात बेलदार अपनी तैनाती स्थल पर नहीं मिले। नगर आयुक्त ने निगम के सभी विभागों के प्रमुखों से ऐसे कर्मचारियों की सूची मांगी है।
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मोबाइन नंबर के साथ वार्ड बार लगेगी कर्मचारियों की सूची
- नगर निगम में नई व्यवस्था के तहत नगर आयुक्त ने महानगर के सभी वार्डों में वहां तैनात कर्मचारियों की सूची मय नाम और मोबाइल नंबर के साथ लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण, जलकल, प्रकाश, सफाई, सड़क नगर निगम के सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि जल्द वार्डों में तैनात कर्मचारियों की सूची बनाकर उनको उपलब्ध करा दी जाए। ताकि जनहित में सूची में हर वार्ड में लगवाया जा सके। इससे कर्मचारियों को होने वाली समस्या कम होगी, लोग आसानी से शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
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लंबे समय से चल रही थी कर्मचारियों की मनमानी
नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मनमानी लंबे समय से चल रही थी। पड़ताल में यह भी सामने आया है कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो सिर्फ हाजिरी भरने नगर निगम आते रहे हैं। विभाग प्रमुख इनसे कोई काम नहीं लेते और हर महीने वेतन बिल जारी कर वेतन आहरण हो रहा था। इसका सीधा असर महानगर में दिख रहा था। जगह-जगह गंदगी, खराब स्ट्रीट लाइट्र टूटी सड़कें इसका का परिणाम है। उम्मीद है कि सख्ती होने के बाद अब कुछ सुधार होगा।
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वर्जन-
तीन दर्जन से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी तैनाती और काम के बारे में मुझे अब तक कुछ पता नहीं लगा है। नगर निगम के सभी विभागों में यह स्थिति है। निर्माण विभाग की स्थिति ज्यादा खराब है। सभी विभागों से कर्मचारियों, उनकी तैनाती और काम की सूची तलब की गई है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
-विद्या शंकर सिंह, नगर आयुक्त