फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   बंडा में बाघ के हमले में श्रमिक घायल

बंडा में बाघ के हमले में श्रमिक घायल

Sun, 04 Feb 2018 07:08 PM IST
Updated Sun, 04 Feb 2018 07:08 PM IST
विज्ञापन
बंडा में बाघ के हमले में श्रमिक घायल
बंडा (शाहजहांपुर)। रविवार सुबह गन्ना काट रहे एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। साथी श्रमिकों के शोर मचाने पर बाघ घायल श्रमिक को छोड़कर गन्ने में जाकर छिप गया। सूचना के चार घंटे बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो लोगों ने जमकर हंगामा करते हुए वनकर्मियों को खूब खरी खोटी सुनाईं।
विज्ञापन

पीलीभीत के गांव दिउरिया कलां निवासी 40 वर्षीय धर्मपाल गांव के ही सर्वेश कुमार, महेंद्र कुमार, जंगपाल, ओम प्रकाश, रामकुमार, उमराय, हेतराम, राजाराम, दयाराम, सूरजपाल, हेमराज, नत्थूलाल, भगवानदास, मोहनलाल सहित 16 श्रमिकों के साथ रविवार सुबह लगभग नौ बजे बंडा के गांव नवदिया बंकी स्थित बिजली फार्म स्वामी मंजीत सिंह के खेत में गन्ना छीलने आया था। धर्मपाल साथी श्रमिकों के लिए गन्ना काटने लगा। इस दौरान बाघ ने पीछे से धर्मपाल पर झपट्टा मारा तो धर्मपाल ने शोर मचा दिया। धर्मपाल के साथी श्रमिक भी बाघ को देखकर भागने की बजाय शोर मचाते हुए गन्ने, फरसा आदि लेकर बाघ की ओर दौड़े तो बाघ धर्मपाल को छोड़कर गन्ने के खेत में चला गया। इसके बाद श्रमिक धर्मपाल को उठाकर खेत से भाग निकले।
विज्ञापन

जानकारी पाकर तमाम लोग मौके पर पहुंचे और धर्मपाल को पूरनपुर के निजी अस्पताल में ले गए। धर्मपाल के पेट और दाहिने हाथ पर बाघ के पंजे से घाव हो गया है। धर्मपाल की हालत खतरे से बाहर है। घटना के लगभग चार घंटे बाद वन दरोगा का संजीव कुमार, वनरक्षक सत्यपाल सिंह, वाचर चंद्रपाल सिंह, सुभाष चंद्र, मोरपाल, प्रेमचंद, नत्थूलाल, मुन्ना लाल आदि मौके पर पहुंचे, लेकिन बाघ के भय से कोई भी गन्ने के पास नहीं गया। वन दरोगा ने बताया कि पग चिन्ह से लग रहा है कि गन्ने मेें नर बाघ छिपा हुआ है। बाघ युवा है। वन विभाग की टीम ने लोगों को खेत से दूर रहने की सलाह दी है। मामले की जानकारी वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथी हिम्मत न दिखाते तो चली जाती धर्मपाल की जान
बंडा। धर्मपाल के साथ गन्ना छील रहे श्रमिक यदि बाघ को देखकर भाग खड़े होते तो धर्मपाल की जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था, लेकिन श्रमिकों के हौसले के चलते धर्मपाल सकुशल है। हालांकि बाघ के हमले की दहशत से वह देर शाम तक उबर नहीं सका था।
बिजली फार्म के मंजीत सिंह का शारदा नहर से पश्चिम करीब 500 मीटर दूरी पर गन्ने का खेत है। उन्होंने शाहजहांपुर के सीमावर्ती पीलीभीत के गांव दिउरिया से श्रमिकों को गन्ना छीलने के लिए बुलाया था। पड़ोस के गांव गहलुइया, कंधरपुर आदि में बाघ तीन दिन से देखा जा रहा था, लेकिन मंजीत सिंह और श्रमिकों को अंदाजा नहीं था कि बाघ उसी गन्ने के खेत में मौजूद हैं, जहां वह लोग काम कर रहे हैं।
धर्मपाल के साथी श्रमिक सर्वेश कुमार, महेंद्र कुमार, जंगपाल आदि ने बताया कि वे लोग गन्ना छील रहे थे, जबकि धर्मपाल गन्ने को काटकर डाल रहा था। अचानक धर्मपाल की चीख सुनी तो देखा धर्मपाल जमीन पर पड़ा है और बाघ पास में खड़ा गुर्रा रहा है। इस पर उन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और गन्ना काटने वाले फरसे, गन्ने आदि लेकर शोर मचाते हुए बाघ को डराया तो बाघ गन्ने के अंदर भाग खड़ा हुआ। उन लोगों ने धर्मपाल को उठाया और भागकर खेत से दूर जा खड़े हुए। शोर करने पर आसपास के तमाम फार्मर बंदूक आदि लेकर आ पहुंचे। इसके बाद उन लोगों ने खेत में जाकर अपनी साइकिल, कपड़े आदि सामान उठाया। उधर, गांव बहलुइया, कंधरपुर, जमुनिया, अल्हादादपुर आदि के लोगों में वनकर्मियों के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि तीन दिन से बाघ लगातार दिख रहा है। इसकी सूचना वनकर्मियों को दी जा रही है, लेकिन वनकर्मी सावधान रहने की सलाह देकर लौट जाते हैं, जबकि बाघ को जंगल को ओर खदेड़े जाने का प्रयास किया जाना चाहिए।


पांच बार देखा गया बाघ, चुप्पी साधे रहे वनकर्मी
26 नवंबर 17 : गांव गहलुइया में गन्ने की रखवाली करते समय गांव पिपरिया दुलई के मोतीलाल पर बाघ ने हमला किया। मोतीलाल के पालतू कुत्ते से बाघ पर जवाबी हमला बोला तो बाघ भाग निकला।
15 दिसंबर 17 : गांव नबदिया बंकी निवासी जगदीश की भैंस के पड्डे को बाघ ने बनाया शिकार।
30 जनवरी 18 : गांव जमुनिया नवदिया, अल्हादादपुर में देखा गया बाघ। वनकर्मी लोगों को सचेत कर लौटे वापस।
31 जनवरी 18 : गांव पटना में देखा गया बाघ। वनकर्मियों ने ट्रेस किए पग मार्क।
दो फरवरी 18 : गांव गहलुइया के पास शारदा नहर पुल पर दिखा बाघ। लोगों ने भागकर बचाई जान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed