{"_id":"5ca26009bdec22140f07678c","slug":"201554145289-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव के समय विधायक को याद आई किसानों के मुआवजे की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव के समय विधायक को याद आई किसानों के मुआवजे की चिंता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। पुवायां क्षेत्र के विधायक चेतराम को लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग-24 बनाए जाने के लिए किसानों की अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की चिंता चुनाव के समय हुई है। इस पर उन्होंने सोमवार को कलक्ट्रेट जाकर डीएम अमृत त्रिपाठी से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री के नाम संबोधित पत्र देकर प्रस्तावित रिंग रोड के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का उचित मुआवजा संबंधित किसानों को जल्द दिलाने का अनुरोध किया।
विधायक का कहना है कि उनके चिनौर स्थित आवास से पुवायां की ओर जाते समय नियामतपुर के पास ग्रामीणों ने रोककर उन्हें बताया कि रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी उनकी जमीनों का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। विधायक ने डीएम को बताया कि अटसलिया से नियामतपुर, सतवां होते हुए बरेली मोड़ के आगे तक प्रस्तावित रिंग रोड के किनारे स्थित खेत स्वामियों को भूमि मुआवजा दिया जाना है, लेकिन जिन किसानों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें मुआवजा प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है।
विधायक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से हजारों किसानों को गेहूं और गन्ना की फसलों का नुकसान उठाना पड़ा है। उपजाऊ जमीनें मार्ग क्षेत्र में आकर घिर जाने से कम जोत वाले छोटे किसान खेती करने से भी वंचित हो गए हैं। डीएम त्रिपाठी ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रार्थना पत्र शासन स्तर पर भिजवाने के साथ किसानों को आर्थिक क्षतिपूर्ति जल्द कराई जाएगी। खास बात यह रही कि विधायक जिन किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग करने डीएम के पास गए थे उनमे से एक भी किसान उनके साथ मौजूद नहीं था। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि पुनीत कुमार शर्मा जरूर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक का कहना है कि उनके चिनौर स्थित आवास से पुवायां की ओर जाते समय नियामतपुर के पास ग्रामीणों ने रोककर उन्हें बताया कि रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी उनकी जमीनों का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। विधायक ने डीएम को बताया कि अटसलिया से नियामतपुर, सतवां होते हुए बरेली मोड़ के आगे तक प्रस्तावित रिंग रोड के किनारे स्थित खेत स्वामियों को भूमि मुआवजा दिया जाना है, लेकिन जिन किसानों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें मुआवजा प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है।
विज्ञापन
विधायक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से हजारों किसानों को गेहूं और गन्ना की फसलों का नुकसान उठाना पड़ा है। उपजाऊ जमीनें मार्ग क्षेत्र में आकर घिर जाने से कम जोत वाले छोटे किसान खेती करने से भी वंचित हो गए हैं। डीएम त्रिपाठी ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रार्थना पत्र शासन स्तर पर भिजवाने के साथ किसानों को आर्थिक क्षतिपूर्ति जल्द कराई जाएगी। खास बात यह रही कि विधायक जिन किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग करने डीएम के पास गए थे उनमे से एक भी किसान उनके साथ मौजूद नहीं था। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि पुनीत कुमार शर्मा जरूर मौजूद रहे।
विज्ञापन