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ग्रीष्मावकाश के बाद तमाम स्कूलों के नहीं खुलेंगे ताले!
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:28 PM IST
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ग्रीष्मावकाश के बाद तमाम स्कूलों के नहीं खुलेंगे ताले!
बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से पढ़ाई पर लगा ग्रहण
385 प्राथमिक स्कूलों के गुरुजनों ने छोड़ा जिला, आए मात्र 82
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो- 15 में
शाहजहांपुर।
जिले में बेसिक शिक्षा की दशा दयनीय हो गई है। नवीन सत्र के ग्रीष्मावकाश में शासन से घोषित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति के चलते यहां से 385 शिक्षक-शिक्षिकाएं जिला छोड़ कर अपने गृह जनपद रवाना हो गए, जबकि दूसरे जनपदों से शाहजहांपुर में मात्र 82 शिक्षक ही आए हैं। एक साथ तीन सौ से अधिक शिक्षकों के जिला छोड़ देने से तमाम विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का तो भविष्य ही अंधकारमय हो गया है। स्थानांतरण व्यवस्था से कितने स्कूल बंद हो गए। इसका सही आंकलन तो दो जुलाई को ही हो सकेगा, जब जिस दिन विद्यालय खुलेंगे।
पहले से ही राम भरोसे चल बेसिक शिक्षा की गाड़ी में ग्रीष्मावकाश तब अचानक ब्रेक लगने के संकेत मिल गए, जिस दिन से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू हुई। खास बात यह भी है कि शासन ने अंतर्जनपदीय नीति तो घोषित कर दी, लेकिन समायोजन नीति अभी भी कोर्ट के आदेशानुसार ठप पड़ी है। इससे बंद स्कूलों को तब तक चाहकर भी नहीं खोला जा सकता, जब तक समायोजन संबंधी शासनादेश जारी नहीं हो जाता। बड़ी संख्या में ऐसे भी विद्यालय होंगे, जो स्थानांतरण प्रक्रिया के कारण एकल हो गए होंगे, वहां के बच्चों की पढ़ाई फिलहाल चौपट ही समझी जाए।
यहां बता दें कि वर्तमान में जनपद में 2292 प्राथमिक और 897 उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। प्राथमिक स्कूलों में 719 प्रधान अध्यापक और 3172 सहायक अध्यापक तथा 3412 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में 309 प्रधान अध्यापक, 1921 सहायक अध्यापक और 768 अनुदेशक कार्यरत हैं। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत 385 शिक्षक-शिक्षिकाएं एक साथ कम हो गए, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। जो 82 शिक्षक गैर जनपदों से यहां आए हैं, उनमें कुछ उच्च प्राथमिक स्कूलों के भी हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी भी रह गए आधे
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की समस्त विकास खंडों में जिम्मेदारी संभालने वाले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भी आधे रह गए हैं। ग्रीष्मावकाश में 15 ब्लाकों में से नौ बीईओ का स्थानांतरण सुदूर जनपदों में हो जाने से यहां मात्र छह बीईओ ही रह गए। दो दिन पहले दो ने कार्यभार ग्रहण कर लिया, इस तरह जिले के 15 विकास खंडों में खंड शिक्षा अधिकारियों की संख्या आठ हो गई। ऐसे में एक-एक खंड शिक्षा अधिकारी पर दो-दो ब्लाक देखने की जिम्मेदारी होगी, जबकि स्कूल खुलते ही पाठ्य पुस्तक वितरण, यूनिफार्म वितरण, बैग और जूते-मोजे वितरण का कार्य चरम पर होगा। इससे भी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना लाजिमी ही है।
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फोटो- 16 में
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का स्थानांतरण हो जाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। चूंकि स्थानांतरण प्रक्रिया अभी छुटपुट रूप से चल रही है, इसलिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल होगा कि कितने स्कूल बंद हो रहे हैं। कलान-मिर्जापुर, जैतीपुर आदि ब्लॉकों के स्कूल काफी बंद रहने की संभावना है। जब तक समायोजन शुरू नहीं होता, तब तक तो समस्या बनी ही रहेगी, समायोजन शुरू होने पर शिक्षकों को अन्य स्कूलों में व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा पर असर न पड़े।
राकेश कुमार, बीएसए
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बेसिक शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से पढ़ाई पर लगा ग्रहण
385 प्राथमिक स्कूलों के गुरुजनों ने छोड़ा जिला, आए मात्र 82
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो- 15 में
शाहजहांपुर।
जिले में बेसिक शिक्षा की दशा दयनीय हो गई है। नवीन सत्र के ग्रीष्मावकाश में शासन से घोषित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति के चलते यहां से 385 शिक्षक-शिक्षिकाएं जिला छोड़ कर अपने गृह जनपद रवाना हो गए, जबकि दूसरे जनपदों से शाहजहांपुर में मात्र 82 शिक्षक ही आए हैं। एक साथ तीन सौ से अधिक शिक्षकों के जिला छोड़ देने से तमाम विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का तो भविष्य ही अंधकारमय हो गया है। स्थानांतरण व्यवस्था से कितने स्कूल बंद हो गए। इसका सही आंकलन तो दो जुलाई को ही हो सकेगा, जब जिस दिन विद्यालय खुलेंगे।
पहले से ही राम भरोसे चल बेसिक शिक्षा की गाड़ी में ग्रीष्मावकाश तब अचानक ब्रेक लगने के संकेत मिल गए, जिस दिन से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू हुई। खास बात यह भी है कि शासन ने अंतर्जनपदीय नीति तो घोषित कर दी, लेकिन समायोजन नीति अभी भी कोर्ट के आदेशानुसार ठप पड़ी है। इससे बंद स्कूलों को तब तक चाहकर भी नहीं खोला जा सकता, जब तक समायोजन संबंधी शासनादेश जारी नहीं हो जाता। बड़ी संख्या में ऐसे भी विद्यालय होंगे, जो स्थानांतरण प्रक्रिया के कारण एकल हो गए होंगे, वहां के बच्चों की पढ़ाई फिलहाल चौपट ही समझी जाए।
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यहां बता दें कि वर्तमान में जनपद में 2292 प्राथमिक और 897 उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। प्राथमिक स्कूलों में 719 प्रधान अध्यापक और 3172 सहायक अध्यापक तथा 3412 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में 309 प्रधान अध्यापक, 1921 सहायक अध्यापक और 768 अनुदेशक कार्यरत हैं। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत 385 शिक्षक-शिक्षिकाएं एक साथ कम हो गए, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। जो 82 शिक्षक गैर जनपदों से यहां आए हैं, उनमें कुछ उच्च प्राथमिक स्कूलों के भी हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी भी रह गए आधे
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की समस्त विकास खंडों में जिम्मेदारी संभालने वाले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भी आधे रह गए हैं। ग्रीष्मावकाश में 15 ब्लाकों में से नौ बीईओ का स्थानांतरण सुदूर जनपदों में हो जाने से यहां मात्र छह बीईओ ही रह गए। दो दिन पहले दो ने कार्यभार ग्रहण कर लिया, इस तरह जिले के 15 विकास खंडों में खंड शिक्षा अधिकारियों की संख्या आठ हो गई। ऐसे में एक-एक खंड शिक्षा अधिकारी पर दो-दो ब्लाक देखने की जिम्मेदारी होगी, जबकि स्कूल खुलते ही पाठ्य पुस्तक वितरण, यूनिफार्म वितरण, बैग और जूते-मोजे वितरण का कार्य चरम पर होगा। इससे भी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना लाजिमी ही है।
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फोटो- 16 में
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का स्थानांतरण हो जाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। चूंकि स्थानांतरण प्रक्रिया अभी छुटपुट रूप से चल रही है, इसलिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल होगा कि कितने स्कूल बंद हो रहे हैं। कलान-मिर्जापुर, जैतीपुर आदि ब्लॉकों के स्कूल काफी बंद रहने की संभावना है। जब तक समायोजन शुरू नहीं होता, तब तक तो समस्या बनी ही रहेगी, समायोजन शुरू होने पर शिक्षकों को अन्य स्कूलों में व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा पर असर न पड़े।
राकेश कुमार, बीएसए