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कुप्पी गिरने से लगी आग, घरेलू सामान राख
Updated Fri, 30 Jun 2017 08:47 PM IST
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बृृहस्पतिवार रात जलती कुप्पी गिर जाने से छप्पर में आग लगने से उसमें रखी पचास हजार की नगदी समेत पूरा सामान जलकर राख हो गया। आगजनी में लाइसेंसी बंदूक व दो दर्जन कारतूस भी जल गए। गनीमत रही कि आग पड़ोस के घरों तक नही पहुंची।
गांव एलमनगर कटरिया निवासी सीताराम व उनके घरवाले कमरे में जल रही कुप्पी को बुझाना भूल गए और घर के बाहर जाकर सो गए। रात करीब साढ़े आठ बजे किसी तरह गिरी जलती कुप्पी से कपड़ों में आग लग गई और लपटों ने छप्पर को भी चपेट में ले लिया। जब आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया, तब परिजनों के साथ ही पड़ोसियों को इसकी भनक लगी। इस दौरान कारतूसों में आग लगने से वहां धमाके होने लगे। इससे आग बुझाने में जुटे लोग भी सहम गए, लेकिन आग की लपटें पड़ोस के घरों तक न पहुंच जाएं। इससे डरे लोग आग बुझाने में डटे रहे। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। पीड़ित सीताराम ने बताया कि आग में उसकी 12 बोर की एक नाली बंदूक, 25 कारतूस, लाइसेंस के अलावा दो दिन पहले शिवाला का तेल बेचकर घर में लाकर रखी पचास की नगदी समेत घरेलू सामान जलकर राख हो गया। अग्निकांड में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
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गांव एलमनगर कटरिया निवासी सीताराम व उनके घरवाले कमरे में जल रही कुप्पी को बुझाना भूल गए और घर के बाहर जाकर सो गए। रात करीब साढ़े आठ बजे किसी तरह गिरी जलती कुप्पी से कपड़ों में आग लग गई और लपटों ने छप्पर को भी चपेट में ले लिया। जब आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया, तब परिजनों के साथ ही पड़ोसियों को इसकी भनक लगी। इस दौरान कारतूसों में आग लगने से वहां धमाके होने लगे। इससे आग बुझाने में जुटे लोग भी सहम गए, लेकिन आग की लपटें पड़ोस के घरों तक न पहुंच जाएं। इससे डरे लोग आग बुझाने में डटे रहे। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। पीड़ित सीताराम ने बताया कि आग में उसकी 12 बोर की एक नाली बंदूक, 25 कारतूस, लाइसेंस के अलावा दो दिन पहले शिवाला का तेल बेचकर घर में लाकर रखी पचास की नगदी समेत घरेलू सामान जलकर राख हो गया। अग्निकांड में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
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