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कोरोना संकट: बाहर से आए दो हजार लोग क्वारंटीन
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शाहजहांपुर। कोरोना के संकट को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग बेहद परेशान हैं। दरअसल पिछले 15 दिन में ऐसे तमाम लोग अन्य राज्यों सहित नोएडा, गाजियाबाद, आगरा जैसे शहरों से घर लौटे हैं, जहां कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग भी हैं जो होली पर घर आए थे और अब गांव में ही रुके हैं। इन सभी को प्रशासन ने अपने रडार पर ले लिया है। सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर के मुताबिक हर ब्लॉक के गांवों में औसतन 100-125 बाहरी लोग चिह्नित किए गए हैं। इन सभी को घरों में रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
जिले के 15 विकास खंडों में 1077 ग्राम पंचायतें हैं। इनसे संबद्ध करीब चार हजार गावों के युवा और अन्य ग्रामीण पढ़ाई, नौकरी आदि के मकसद से देश की राजधानी दिल्ली समेत राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब आदि प्रदेशों में रह रहे हैं। होली पर ये लोग अपने घर आए थे। इसी बीच अन्य राज्यों में कोरोना से हालात बिगड़े तो वापस नहीं गए। वहीं, अन्य प्रदेशों में काम कर रहे लोग भी कोरोना का संकट बढ़ने पर घर लौटने लगे। इसको लेकर गांववालों ने एतराज भी शुरू कर दिया। कई गांवों में तो लोगों को घुसने तक नहीं दिया गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन भी ऐसे लोगों को लेकर सचेत हो गया।
प्रधानों ने नजरअंदाज किया डीएम का आदेश
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने दो दिन पहले ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए थे कि बाहर से घर लौटे लोगों को लेकर ऐतराज जताने के बजाय उन्हें घरों में रहने को कहें और खांसी, जुकान के लक्षण होने पर नजदीकी अस्पताल भिजवाएं। इसके बावजूद ग्राम प्रधानों के स्तर से कोई सूचना नहीं मिली। इस पर सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर ने ब्लॉकवार बाहरी लोगों की खोजबीन कराई। सीडीओ के अनुसार हर ग्राम पंचायत मेें बाहरी लोग नहीं हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या 1500 से 2000 के आसपास होने का अनुमान है। हालांकि इन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलने की कोई सूचना नहीं हैं, फिर भी बाहरी लोगों को लेकर पूरी सतर्कता बरतते हुए उनकी निगरानी कराई जा रही है।
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प्रधानों को गांव सैनिटाइज कराने के निर्देश
सीडीओ के अनुसार सभी ग्राम प्रधानों से कहा गया है कि अपने गांव को सैनिटाइज कराने के साथ गलियों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं और सार्वजनिक हैंडपंपों के पास हैंड वाश रखवाएं। ग्राम प्रधानों को यह निर्देश भी दिए हैं कि गांव में डुगडुगी पिटवाकर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे मेें जागरूक करें और विदेश से कोई व्यक्ति आने पर कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें।
जिले में भर में दूसरे प्रदेशों और शहरों से काम करके आने वाले करीब दो हजार लोगों को क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इनकी निगरानी कर रही हैं। - महेंद्र सिंह तंवर, सीडीओ
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जिले के 15 विकास खंडों में 1077 ग्राम पंचायतें हैं। इनसे संबद्ध करीब चार हजार गावों के युवा और अन्य ग्रामीण पढ़ाई, नौकरी आदि के मकसद से देश की राजधानी दिल्ली समेत राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब आदि प्रदेशों में रह रहे हैं। होली पर ये लोग अपने घर आए थे। इसी बीच अन्य राज्यों में कोरोना से हालात बिगड़े तो वापस नहीं गए। वहीं, अन्य प्रदेशों में काम कर रहे लोग भी कोरोना का संकट बढ़ने पर घर लौटने लगे। इसको लेकर गांववालों ने एतराज भी शुरू कर दिया। कई गांवों में तो लोगों को घुसने तक नहीं दिया गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन भी ऐसे लोगों को लेकर सचेत हो गया।
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प्रधानों ने नजरअंदाज किया डीएम का आदेश
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने दो दिन पहले ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए थे कि बाहर से घर लौटे लोगों को लेकर ऐतराज जताने के बजाय उन्हें घरों में रहने को कहें और खांसी, जुकान के लक्षण होने पर नजदीकी अस्पताल भिजवाएं। इसके बावजूद ग्राम प्रधानों के स्तर से कोई सूचना नहीं मिली। इस पर सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर ने ब्लॉकवार बाहरी लोगों की खोजबीन कराई। सीडीओ के अनुसार हर ग्राम पंचायत मेें बाहरी लोग नहीं हैं, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या 1500 से 2000 के आसपास होने का अनुमान है। हालांकि इन लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलने की कोई सूचना नहीं हैं, फिर भी बाहरी लोगों को लेकर पूरी सतर्कता बरतते हुए उनकी निगरानी कराई जा रही है।
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प्रधानों को गांव सैनिटाइज कराने के निर्देश
सीडीओ के अनुसार सभी ग्राम प्रधानों से कहा गया है कि अपने गांव को सैनिटाइज कराने के साथ गलियों और नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं और सार्वजनिक हैंडपंपों के पास हैंड वाश रखवाएं। ग्राम प्रधानों को यह निर्देश भी दिए हैं कि गांव में डुगडुगी पिटवाकर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे मेें जागरूक करें और विदेश से कोई व्यक्ति आने पर कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें।
जिले में भर में दूसरे प्रदेशों और शहरों से काम करके आने वाले करीब दो हजार लोगों को क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इनकी निगरानी कर रही हैं। - महेंद्र सिंह तंवर, सीडीओ