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इमलिया में आग से झुलसे तीन बच्चे
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:45 PM IST
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अाग में झुलसा बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। थाना कांट क्षेत्र के गांव इमलिया में केमिकल युक्त प्लास्टिक का ड्रम काटते समय अचानक आग भड़की आग से अलाव के पास बैठे तीन बच्चे झुलस गए। उन्हें आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव इमलिया निवासी महेश कुमार के मकान का बुधवार को लिंटर पड़ना था। इसलिए लिंटर तक पानी पहुंचाने के लिए प्लास्टिक के बड़े ड्रमों को काट कर उसमें पानी भरने की तैयारी चल रही थी। महेश सुबह लगभग 7:30 बजे घर के बाहर अलाव के पास ड्रम काट रहा था, तभी अचानक अलाव से ड्रम की तरफ आग की लपट उठी। इसी की चपेट में आने से महेश का 18 वर्षीय बेटा दीपू, मुनेश का सात वर्षीय बेटा अमन और सहदेव का 16 वर्षीय बेटा आरेश झुलस गए। घटना से हड़कंप मच गया। परिवार के लोग तीनों को लेकर कांट सीएचसी पर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना में आरेश के दोनों पैर, हाथ, चेहरा व अमन के भी हाथ और चेहरा झुलस गया। वहंी दीपू का भी चेहरा झुलसा है। डॉक्टर ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है। महेश ने बताया कि कुछ दिन पहले पिपरौला गांव के पास स्थित अन्या फैक्ट्री से प्लास्टिक के खाली ड्रम लेकर आए थे। ड्रम खाली थे। पता नहीं आग कैसे लग गई। बताते हैं कि जिस फैक्ट्री से ड्रम लाए थे। वह खाद कारखाना के पीछे है। इसमें प्लास्टिक की बोरियां बनाई जाती हैं। संभावना है कि ड्रम में कोई ज्वलनशील केमिकल लगा था जिससे आग भड़क गई।
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गांव इमलिया निवासी महेश कुमार के मकान का बुधवार को लिंटर पड़ना था। इसलिए लिंटर तक पानी पहुंचाने के लिए प्लास्टिक के बड़े ड्रमों को काट कर उसमें पानी भरने की तैयारी चल रही थी। महेश सुबह लगभग 7:30 बजे घर के बाहर अलाव के पास ड्रम काट रहा था, तभी अचानक अलाव से ड्रम की तरफ आग की लपट उठी। इसी की चपेट में आने से महेश का 18 वर्षीय बेटा दीपू, मुनेश का सात वर्षीय बेटा अमन और सहदेव का 16 वर्षीय बेटा आरेश झुलस गए। घटना से हड़कंप मच गया। परिवार के लोग तीनों को लेकर कांट सीएचसी पर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना में आरेश के दोनों पैर, हाथ, चेहरा व अमन के भी हाथ और चेहरा झुलस गया। वहंी दीपू का भी चेहरा झुलसा है। डॉक्टर ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है। महेश ने बताया कि कुछ दिन पहले पिपरौला गांव के पास स्थित अन्या फैक्ट्री से प्लास्टिक के खाली ड्रम लेकर आए थे। ड्रम खाली थे। पता नहीं आग कैसे लग गई। बताते हैं कि जिस फैक्ट्री से ड्रम लाए थे। वह खाद कारखाना के पीछे है। इसमें प्लास्टिक की बोरियां बनाई जाती हैं। संभावना है कि ड्रम में कोई ज्वलनशील केमिकल लगा था जिससे आग भड़क गई।
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