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ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत
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शाहजहांपुर। भाई के साथ मजदूरी के लिए पंजाब जाने को निकले एक युवक की ट्रेन पर चढ़ते समय गिर कर मौत हो गई। यह घटना बोगी के अंदर से यात्रियों का धक्का लगने से हुई। जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव परवस्तनगर निवासी 40 वर्षीय सिंधूराज अपने भाई उदयराज व गांव के अन्य लोगों के साथ सोमवार रात पंजाब मजदूरी पर जाने के लिए घर से निकले थे। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर रात करीब 11 बजे दिल्ली-पंजाब की ओर जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस आई तो उसमें काफी भीड़ थी। जब तक सिंधूराज व उनके भाई और गांव के लोग ट्रेन में चढ़ पाते, तब तक ट्रेन ने धीरे-धीरे बढ़ना शुरू कर दिया। इसी बीच गेट पर मौजूद भीड़ को धक्का-मुक्की करते हुए गेट के पायदान पर पैर रखकर और गेट का हत्था पकड़ लटक ही पाए थे, तभी अंदर से किसी यात्री ने धक्का दे दिया। इससे उनके हाथ से गेट का हत्था छूट गया और गिर गए। उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। भाई उदयराज भी चढ़ने की कोशिश में था, तभी भाई को गिरते देख वह रुक गया। गांव के कुछ लोग ट्रेन से चले गए लेकिन उदयराज व उसके दो-तीन साथी रह गए। मामले की सूचना जीआरपी को देने के साथ ही भाई उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने सिंधूराज को मृत घोषित कर शव मोरचरी में रखवा दिया। जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी निर्मला भी रोती-बिलखती अस्पताल पहुंच गई। निर्मला ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं, जिनमें अरविंद(20), परविंद (18), अनमोल (9) हैं। निर्मला ने बताया कि वह पंजाब से दस दिन पहले आने के बाद सोमवार को वापस जा रहे थे।
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लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के गांव परवस्तनगर निवासी 40 वर्षीय सिंधूराज अपने भाई उदयराज व गांव के अन्य लोगों के साथ सोमवार रात पंजाब मजदूरी पर जाने के लिए घर से निकले थे। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर रात करीब 11 बजे दिल्ली-पंजाब की ओर जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस आई तो उसमें काफी भीड़ थी। जब तक सिंधूराज व उनके भाई और गांव के लोग ट्रेन में चढ़ पाते, तब तक ट्रेन ने धीरे-धीरे बढ़ना शुरू कर दिया। इसी बीच गेट पर मौजूद भीड़ को धक्का-मुक्की करते हुए गेट के पायदान पर पैर रखकर और गेट का हत्था पकड़ लटक ही पाए थे, तभी अंदर से किसी यात्री ने धक्का दे दिया। इससे उनके हाथ से गेट का हत्था छूट गया और गिर गए। उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। भाई उदयराज भी चढ़ने की कोशिश में था, तभी भाई को गिरते देख वह रुक गया। गांव के कुछ लोग ट्रेन से चले गए लेकिन उदयराज व उसके दो-तीन साथी रह गए। मामले की सूचना जीआरपी को देने के साथ ही भाई उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने सिंधूराज को मृत घोषित कर शव मोरचरी में रखवा दिया। जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी निर्मला भी रोती-बिलखती अस्पताल पहुंच गई। निर्मला ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं, जिनमें अरविंद(20), परविंद (18), अनमोल (9) हैं। निर्मला ने बताया कि वह पंजाब से दस दिन पहले आने के बाद सोमवार को वापस जा रहे थे।
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