{"_id":"5a8a52eb4f1c1b5e6e8b6173","slug":"141519014635-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर होगी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर होगी एफआईआर
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। प्रदेश शासन की प्रमुख सचिव वाह्य सहायता विभाग एवं जिले की नोडल अफसर डिंपल वर्मा ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही समाप्त होने के कगार पर होने के बावजूद शासकीय योजनाओं के निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जतायी। रविवार को जिले के दौरे पर आईं प्रमुख सचिव ने विकास भवन सभागार में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा में कई कार्य पिछड़े पाए जाने पर तीखे तेवर अपनाए। कहा, वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले स्वीकृत धनराशि खर्च कर लक्ष्य पूर्ति नहीं करने वाली कार्यदायी संस्थाओं से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
पूर्व में हुईं समीक्षा बैठकों में प्रमुख सचिव शांत और संयत स्वर में अधिकारियों को दिशा निर्देश देती रहीं, लेकिन 25 फरवरी को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर आधे-अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर उनके मन मेें व्याप्त तनाव रविवार को बैठक के दौरान खूब मुखर हुआ। बैठक के बीच डीएम अमृत त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल में सौ शैयायुक्त भवन का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक वहां लिफ्ट नहीं लगाई गई। यह भी बताया कि बिसरात घाट स्थित हनुमत धाम के लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृत है। कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पुवायां तहसील में पीएमजेएसवाई के तहत निर्माणाधीन सड़क पर अब तक बजरी पड़ी है, जबकि उसके निर्माण के निर्देश पहले दिए जा चुके हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम में सौ शैय्याओं वाले भवन का लोकार्पण भी शामिल है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को चेताया कि 21 फरवरी तक भवन में लिफ्ट नहीं लगने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। उन्होंने सड़कों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने पर जोर देते हुए पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों को प्रस्तावित गांवों में विद्युतीकरण का कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उप निदेशक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों के खातों में डीबीटी स्कीम के तहत 2.13 करोड़ रुपये की धनराशि भेजकर 86 प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति की जा चुकी है और बजट की कमी से 14 लाख के स्वीकृत बिलों का भुगतान लंबित है। प्रमुख सचिव ने अवशेष 18 लाख रुपये भुगतान करने को शासन स्तर पर विशेष वाहक भेजकर धनराशि मंगाने के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय विधायकों से सामंजस्य बनाकर गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कराने के लिए विशेष कैंप लगवाएं। सीएमओ डॉ. आरपी रावत को अस्पतालों की सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आशा वर्करों के मानदेय भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ओडीएफ की लक्ष्यपूर्ति जांचते हुए प्रमुख सचिव ने डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार को शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक केबी सिंह से जिले में संचालित 100 डायल सेवा के वाहनों की स्थिति का फीडबैक लिया। एसपी ने बताया कि 100 डायल की सभी टीमें तत्परता के साथ अपना काम कर रही हैं। बैठक के दौरान नोडल अफसर ने शिक्षा,नहर, स्ट्रीट लाइट, नलकूप, जल निगम, हैंड पंप आदि से जुड़े कार्यों की स्थिति जांची। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजीव सिंह, एडीएम जितेंद्र कुमार शर्मा एवं सर्वेश कुमार, मनरेगा उपायुक्त राजेश झा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
पूर्व में हुईं समीक्षा बैठकों में प्रमुख सचिव शांत और संयत स्वर में अधिकारियों को दिशा निर्देश देती रहीं, लेकिन 25 फरवरी को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर आधे-अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर उनके मन मेें व्याप्त तनाव रविवार को बैठक के दौरान खूब मुखर हुआ। बैठक के बीच डीएम अमृत त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल में सौ शैयायुक्त भवन का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक वहां लिफ्ट नहीं लगाई गई। यह भी बताया कि बिसरात घाट स्थित हनुमत धाम के लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृत है। कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
विज्ञापन
समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पुवायां तहसील में पीएमजेएसवाई के तहत निर्माणाधीन सड़क पर अब तक बजरी पड़ी है, जबकि उसके निर्माण के निर्देश पहले दिए जा चुके हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम में सौ शैय्याओं वाले भवन का लोकार्पण भी शामिल है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को चेताया कि 21 फरवरी तक भवन में लिफ्ट नहीं लगने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। उन्होंने सड़कों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने पर जोर देते हुए पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों को प्रस्तावित गांवों में विद्युतीकरण का कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उप निदेशक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों के खातों में डीबीटी स्कीम के तहत 2.13 करोड़ रुपये की धनराशि भेजकर 86 प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति की जा चुकी है और बजट की कमी से 14 लाख के स्वीकृत बिलों का भुगतान लंबित है। प्रमुख सचिव ने अवशेष 18 लाख रुपये भुगतान करने को शासन स्तर पर विशेष वाहक भेजकर धनराशि मंगाने के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय विधायकों से सामंजस्य बनाकर गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कराने के लिए विशेष कैंप लगवाएं। सीएमओ डॉ. आरपी रावत को अस्पतालों की सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आशा वर्करों के मानदेय भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ओडीएफ की लक्ष्यपूर्ति जांचते हुए प्रमुख सचिव ने डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार को शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक केबी सिंह से जिले में संचालित 100 डायल सेवा के वाहनों की स्थिति का फीडबैक लिया। एसपी ने बताया कि 100 डायल की सभी टीमें तत्परता के साथ अपना काम कर रही हैं। बैठक के दौरान नोडल अफसर ने शिक्षा,नहर, स्ट्रीट लाइट, नलकूप, जल निगम, हैंड पंप आदि से जुड़े कार्यों की स्थिति जांची। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजीव सिंह, एडीएम जितेंद्र कुमार शर्मा एवं सर्वेश कुमार, मनरेगा उपायुक्त राजेश झा आदि अधिकारी मौजूद रहे।