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वाणिज्य कर विभाग के शिविर में दी जीएसटी की जानकारी
Updated Mon, 19 Jun 2017 07:03 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)। सोमवार को नगर के एक पैलेस में व्यापार मंडल की ओर से आयोजित कार्यशाला में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
वाणिज्य कर विभाग शाहजहांपुर के असिस्टेंट कमिश्नर संजीव कुमार ने व्यापारियों को बताया कि जिन व्यापारियों का बैट में रजिस्ट्रेशन है, वह जीएसटी में रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। टैक्स के दायरे में नहीं आने वाले व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन एक प्रार्थनापत्र पर तीन दिन के अंदर निरस्त कर दिया जाएगा। 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले टैक्स के दायरे में हैं। व्यापारी एक ही पेन कार्ड ने अपनी सभी फर्मों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद 60 दिन तक रिटर्न फाइल करने की छूट है। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपना स्टाक सही कर लें, एक वर्ष से पुराना स्टाक शो करने की छूट नहीं है, जो स्टाक दिखाया जाएगा, उसे छह माह के अंदर निकालना होगा। जो भी टैक्स वापस होगा उसे उपभोक्ता तक वापस पहुंचाना व्यापारी की जिम्मेदारी होगी। साथ ही इसकी जांच कराई जाएगी।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने जीएसटी के तमाम प्रावधानों को व्यापारी विरोधी बताते हुए कहा कि उपभोक्ता से टैक्स लेकर सरकार तक पहुंचाना व्यापारी की जिम्मेदारी होगी। इस प्रकार व्यापारी को बिचौलिया बना दिया गया है। जीएसटी में चूक पर व्यापारी को सजा का प्रावधान किया गया है, जबकि कर्मचारी चूक करे तो सजा का प्रावधान नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। सजा के स्थान पर पेनाल्टी का प्रावधान किया जाना चाहिए। जीएसटी में 50 लाख से ऊपर का कारोबार करने वालों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने में मात्र 10 दिन बचे हैं, लेकिन एक माह से भटक रहे व्यापारियों को अब तक माइग्रेशन पासवर्ड नहीं मिल सका है, ऐसे में कानून को लागू किया जाना गलत होगा। इसके लिए 25 जून को व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिविर में व्यापार कर अधिकारी दमयंती गंगवार, सत्यप्रकाश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, केके लील, संतोष वर्मा, पवन मिश्रा, कपिल गुप्ता, धीरज शर्मा, मंगल मिश्रा, नाजिम खां, सुनील गुप्ता, पंकज सराफ, शोभित अग्रवाल, जसवंत सिंह सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
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वाणिज्य कर विभाग शाहजहांपुर के असिस्टेंट कमिश्नर संजीव कुमार ने व्यापारियों को बताया कि जिन व्यापारियों का बैट में रजिस्ट्रेशन है, वह जीएसटी में रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। टैक्स के दायरे में नहीं आने वाले व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन एक प्रार्थनापत्र पर तीन दिन के अंदर निरस्त कर दिया जाएगा। 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले टैक्स के दायरे में हैं। व्यापारी एक ही पेन कार्ड ने अपनी सभी फर्मों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद 60 दिन तक रिटर्न फाइल करने की छूट है। उन्होंने कहा कि व्यापारी अपना स्टाक सही कर लें, एक वर्ष से पुराना स्टाक शो करने की छूट नहीं है, जो स्टाक दिखाया जाएगा, उसे छह माह के अंदर निकालना होगा। जो भी टैक्स वापस होगा उसे उपभोक्ता तक वापस पहुंचाना व्यापारी की जिम्मेदारी होगी। साथ ही इसकी जांच कराई जाएगी।
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व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने जीएसटी के तमाम प्रावधानों को व्यापारी विरोधी बताते हुए कहा कि उपभोक्ता से टैक्स लेकर सरकार तक पहुंचाना व्यापारी की जिम्मेदारी होगी। इस प्रकार व्यापारी को बिचौलिया बना दिया गया है। जीएसटी में चूक पर व्यापारी को सजा का प्रावधान किया गया है, जबकि कर्मचारी चूक करे तो सजा का प्रावधान नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। सजा के स्थान पर पेनाल्टी का प्रावधान किया जाना चाहिए। जीएसटी में 50 लाख से ऊपर का कारोबार करने वालों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने में मात्र 10 दिन बचे हैं, लेकिन एक माह से भटक रहे व्यापारियों को अब तक माइग्रेशन पासवर्ड नहीं मिल सका है, ऐसे में कानून को लागू किया जाना गलत होगा। इसके लिए 25 जून को व्यापार मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिविर में व्यापार कर अधिकारी दमयंती गंगवार, सत्यप्रकाश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, केके लील, संतोष वर्मा, पवन मिश्रा, कपिल गुप्ता, धीरज शर्मा, मंगल मिश्रा, नाजिम खां, सुनील गुप्ता, पंकज सराफ, शोभित अग्रवाल, जसवंत सिंह सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
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