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खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को सरकार से मिले प्रोत्साहन
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शाहजहांपुर। उद्योग विभाग की ओर से शनिवार को गन्ना शोध परिषद के सभागार में खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर उद्यमियों का प्रतिनिधित्व करते हुए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने सरकार को सुझाव दिया कि किसानों की कृषि से आय दोगुनी करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित उद्योगों को भरपूर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी तक सभी सरकारों ने किसानों को केवल वोट बैंक मानते हुए उन्हें सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और सब्सिडी पर खाद, कृषि यंत्र आदि उपलब्ध कराती रही, लेकिन उन्हें आय बढ़ाने के लिए उचित मार्गदर्शन नहीं दिया। इस कारण किसान गेहूं, धान, गन्ना, आलू आदि फसलें उगाते रहे। इन फसलों की पैदावार अधिक होने पर किसानों को पूरा मूल्य भी नहीं मिल पाता और समर्थन मूल्य बिचौलिए खा जाते हैं। किसानों का रुझान मेंथा, खस, फूल उत्पादन आदि निर्यातोन्मुखी खेती की ओर बढ़ाया जाता तो वह आर्थिक रूप से ज्यादा सक्षम होते।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने सरकार से किसानों की तरह छोटे उद्यमियों को भी सस्ती दरों पर बिजली और ऋण उपलब्ध कराने के साथ सरकारी कर्मचारियों के उत्पीड़न से बचाने की मांग करे हुए कहा कि ऐसा करके उद्योगों का विकास किया जा सकेगा और इसका अप्रत्यक्ष लाभ किसानों को ही मिलेगा। सेमिनार में आईआईए के चैप्टर चेयरमैन अनुज देव गुप्ता, सचिव विवेक अग्रवाल, आरिफ जमाल खां, रामचंद्र सिंघल, सचिन गोयल, दीपक अग्रवाल, शिवम गुप्ता, उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि अभी तक सभी सरकारों ने किसानों को केवल वोट बैंक मानते हुए उन्हें सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और सब्सिडी पर खाद, कृषि यंत्र आदि उपलब्ध कराती रही, लेकिन उन्हें आय बढ़ाने के लिए उचित मार्गदर्शन नहीं दिया। इस कारण किसान गेहूं, धान, गन्ना, आलू आदि फसलें उगाते रहे। इन फसलों की पैदावार अधिक होने पर किसानों को पूरा मूल्य भी नहीं मिल पाता और समर्थन मूल्य बिचौलिए खा जाते हैं। किसानों का रुझान मेंथा, खस, फूल उत्पादन आदि निर्यातोन्मुखी खेती की ओर बढ़ाया जाता तो वह आर्थिक रूप से ज्यादा सक्षम होते।
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने सरकार से किसानों की तरह छोटे उद्यमियों को भी सस्ती दरों पर बिजली और ऋण उपलब्ध कराने के साथ सरकारी कर्मचारियों के उत्पीड़न से बचाने की मांग करे हुए कहा कि ऐसा करके उद्योगों का विकास किया जा सकेगा और इसका अप्रत्यक्ष लाभ किसानों को ही मिलेगा। सेमिनार में आईआईए के चैप्टर चेयरमैन अनुज देव गुप्ता, सचिव विवेक अग्रवाल, आरिफ जमाल खां, रामचंद्र सिंघल, सचिन गोयल, दीपक अग्रवाल, शिवम गुप्ता, उदय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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