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कहीं कानून व्यवस्था को खतरा न बन जाए बिजली कटौती
Updated Fri, 15 Sep 2017 07:03 PM IST
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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनने लगी है। बिजली कटौती से हर वर्ग में उबाल है। लोग कटौती के खिलाफ सड़कों पर आने लगे हैं। बिजली विभाग के अफसरों-कर्मचारियों से भिड़ रहे हैं। कई जगह इन्हें बंधक बनाए जाने की भी खबरें हैं। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, शुक्रवार को पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी को दूर कर लिया गया। इसके बाद भी बिजली सप्लाई पटरी पर नहीं आई है। शुक्रवार को दिन में लगातार पांच घंटे बिजली सप्लाई ठप रही।
बिजली विभाग पहले से ही स्थानीय स्तर पर कटौती कर रहा था। इस बीच दो दिन पहले पुवायां रोड स्थित पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। इस ट्रांसफार्मर पर 70 फीसदी से ज्यादा बिजली सप्लाई का लोड होने से पूरे जिले में बिजली सप्लाई ठप हो गई। 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से हर फीडर पर दो-दो घंटे सप्लाई दी गई। पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से पहले भी जिले में बिजली सप्लाई का हाल ज्यादा अच्छा नहीं था। लोगों ने इस मुद्दे को कई बार कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी उठाया। आश्वासन के अवाला कैबिनेट मंत्री से भी कुछ नहीं मिला। लगातार कटौती से लोगों में बिजली विभाग के साथ सरकार के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौर के बीच कम गुस्सा फूट कर कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन जाए इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
दो महीने में चालू हो जाएगा 200 एमवीए की ट्रांसफार्मर
पैना पावर हाउस में लगे 160 और 100 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर से पूरे जिले को बिजली सप्लाई दी जाती है। यह दोनों ट्रांसफार्मर लंबे समय से ओवरलोड चल रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बिजली कटौती करनी होती है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता राज कुमार अग्रवाल की मानें तो 15 अक्तूबर तक 200 एमबीए का एक और ट्रांसफार्मर जिले को मिल जाएगा। इसे चालू करने में एक महीना लगेगा। इसके बाद ओवर लोड की वजह से कटौती की समस्या दूर हो जाएगी।
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नींद पूरी नहीं तो दफ्तर में आ गई झपकी
बिजली कटौती से हर वर्ग परेशान है। ज्यादातर लोगों की रात में बिजली कटौती की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में तमाम लोगों को दिन में दफ्तर में ही झपकी लेनी होती है। तीन दिन से जिले में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती के चलते शुक्रवार को कई सरकारी दफ्तरों में इस तरह का नजारा देखने को मिला। हालांकि, कोई सरकारी कर्मचारी सरकार के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन बिजली कटौती को लेकर उनका गुस्सा साफ दिख रहा था।
प्रधानों ने बिजली उपकेंद्र का किया घेराव, एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
खुटार। बिजली सप्लाई में भारी कटौती के चलते शुक्रवार को तमाम प्रधानों ने बिजली उप केंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया और सप्लाई में सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार सुबह से ही तमाम प्रधान बिजली उप केंद्र पर आ पहुंचे और प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि जेई सचिन कुमार जिला मुख्शलय पर बैठक में गए हैं। इसके बाद उप केंद्र पर पहुंचे एसडीओ अमर सिंह को प्रधानों ने ज्ञापन सौंपकर बिजली सप्लाई में सुधार की मांग की। एसडीओ ने बताया कि पैना बिजली उप केंद्र पर 160 एमवीए का ट्रांसफार्मर डैमेज होने के कारण बिजली सप्लाई में बाधा पड़ी है। इस कारण नगर क्षेत्र को सात घंटे और देहात क्षेत्र में चार चार घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। ट्रांसफार्मर ठीक होने पर बिजली सप्लाई नियमित रोस्टर पर मिलेगी। उसके बाद प्रधानों ने अधीक्षण अभियंता आरबी यादव से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि रविवार से बिजली सप्लाई 18 घंटे दी जाएगी।
इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। ज्ञापन पर प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष अधीर शुक्ला, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनुपम शुक्ला, आशाराम, वृजेश मिश्रा, सुधीर मिश्रा, रितेश शुक्ला, रामप्रकाश मिश्रा, जितेंद्र सिंह, विपिन शुक्ला, धर्मवीर सिंह, विजय सिंह भदौरिया, निर्मल सिंह, केवल सिंह, धीरेंद्र बाजपेयी, सर्वेश वर्मा, आदि के हस्ताक्षर हैं।
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बिजली विभाग पहले से ही स्थानीय स्तर पर कटौती कर रहा था। इस बीच दो दिन पहले पुवायां रोड स्थित पैना पावर हाउस के 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई। इस ट्रांसफार्मर पर 70 फीसदी से ज्यादा बिजली सप्लाई का लोड होने से पूरे जिले में बिजली सप्लाई ठप हो गई। 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से हर फीडर पर दो-दो घंटे सप्लाई दी गई। पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से पहले भी जिले में बिजली सप्लाई का हाल ज्यादा अच्छा नहीं था। लोगों ने इस मुद्दे को कई बार कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी उठाया। आश्वासन के अवाला कैबिनेट मंत्री से भी कुछ नहीं मिला। लगातार कटौती से लोगों में बिजली विभाग के साथ सरकार के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौर के बीच कम गुस्सा फूट कर कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन जाए इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
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दो महीने में चालू हो जाएगा 200 एमवीए की ट्रांसफार्मर
पैना पावर हाउस में लगे 160 और 100 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर से पूरे जिले को बिजली सप्लाई दी जाती है। यह दोनों ट्रांसफार्मर लंबे समय से ओवरलोड चल रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बिजली कटौती करनी होती है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता राज कुमार अग्रवाल की मानें तो 15 अक्तूबर तक 200 एमबीए का एक और ट्रांसफार्मर जिले को मिल जाएगा। इसे चालू करने में एक महीना लगेगा। इसके बाद ओवर लोड की वजह से कटौती की समस्या दूर हो जाएगी।
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नींद पूरी नहीं तो दफ्तर में आ गई झपकी
बिजली कटौती से हर वर्ग परेशान है। ज्यादातर लोगों की रात में बिजली कटौती की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में तमाम लोगों को दिन में दफ्तर में ही झपकी लेनी होती है। तीन दिन से जिले में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती के चलते शुक्रवार को कई सरकारी दफ्तरों में इस तरह का नजारा देखने को मिला। हालांकि, कोई सरकारी कर्मचारी सरकार के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन बिजली कटौती को लेकर उनका गुस्सा साफ दिख रहा था।
प्रधानों ने बिजली उपकेंद्र का किया घेराव, एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
खुटार। बिजली सप्लाई में भारी कटौती के चलते शुक्रवार को तमाम प्रधानों ने बिजली उप केंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया और सप्लाई में सुधार नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार सुबह से ही तमाम प्रधान बिजली उप केंद्र पर आ पहुंचे और प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि जेई सचिन कुमार जिला मुख्शलय पर बैठक में गए हैं। इसके बाद उप केंद्र पर पहुंचे एसडीओ अमर सिंह को प्रधानों ने ज्ञापन सौंपकर बिजली सप्लाई में सुधार की मांग की। एसडीओ ने बताया कि पैना बिजली उप केंद्र पर 160 एमवीए का ट्रांसफार्मर डैमेज होने के कारण बिजली सप्लाई में बाधा पड़ी है। इस कारण नगर क्षेत्र को सात घंटे और देहात क्षेत्र में चार चार घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। ट्रांसफार्मर ठीक होने पर बिजली सप्लाई नियमित रोस्टर पर मिलेगी। उसके बाद प्रधानों ने अधीक्षण अभियंता आरबी यादव से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि रविवार से बिजली सप्लाई 18 घंटे दी जाएगी।
इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। ज्ञापन पर प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष अधीर शुक्ला, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनुपम शुक्ला, आशाराम, वृजेश मिश्रा, सुधीर मिश्रा, रितेश शुक्ला, रामप्रकाश मिश्रा, जितेंद्र सिंह, विपिन शुक्ला, धर्मवीर सिंह, विजय सिंह भदौरिया, निर्मल सिंह, केवल सिंह, धीरेंद्र बाजपेयी, सर्वेश वर्मा, आदि के हस्ताक्षर हैं।