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किसी की मां, तो किसी का बिलख रहा था भाई
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:46 PM IST
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किसी की मां, तो किसी का बिलख रहा था भाई
शमशेरपुर गांव में दूसरे दिन भी पसरा हुआ था मातमी सन्नाटा
दफन किए गए बच्चों के शव, मोहित का हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
कांट । गांव शमशेरपुर में शनिवार शाम बिजली गिरने से तीन बच्चों और एक युवक की मौत पर दूसरे दिन भी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। शव को देखकर किसी की मां बिलख रही थी, तो किसी का भाई। रविवार को जब चारों के शव अलग-अलग तरह से अंतिम संस्कार को ले जाए जाने लगे तो हर किसी की आंखें छलक आईं।
प्रशासन ने शनिवार रात को ही शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उनके परिजनों को सौंप दिया था। रविवार सुबह सबसे पहले धनपाल के आठ वर्षीय बेटे बबलू के शव को उसके परिजनों ने अपने खेत में सुपुर्दे खाक कर दिया। बबलू के भाई विपिन को गंभीर झुलसी अवस्था में लखनऊ रेफर किया गया है। इसके बाद एक-एक करके अन्य मृतकों में 12 वर्षीय डबले उर्फ लव पुत्र सुुरजीत, 11 वर्षीय अनमोल पुत्र पप्पू सिंह और 22 वर्षीय मोहित के शव अंतिम संस्कार को घर से निकले तो इनके परिवार की महिलाएं बिलखते हुए पीछे-पीछे चल दीं। डबले की मां सुनीता को तो संभालना मुश्किल हो रहा था। कुछ ऐसा ही हाल उसकी बड़ी बहन विद्या का भी था। वहीं मोहित की मां अनारकली और पत्नी को बिलखते देख उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा था, हालत यह थी कि लोगों के घरों में घटना के बाद से लेकर रविवार दोपहर तक किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला था। मोहित के शव को मुखाग्नि उसके छोटे भाई पिंकू ने दी। वहीं बच्चों के शव को दफन कर दिया गया।
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किसी की मां, तो किसी का बिलख रहा था भाई
शमशेरपुर गांव में दूसरे दिन भी पसरा हुआ था मातमी सन्नाटा
दफन किए गए बच्चों के शव, मोहित का हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
कांट । गांव शमशेरपुर में शनिवार शाम बिजली गिरने से तीन बच्चों और एक युवक की मौत पर दूसरे दिन भी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। शव को देखकर किसी की मां बिलख रही थी, तो किसी का भाई। रविवार को जब चारों के शव अलग-अलग तरह से अंतिम संस्कार को ले जाए जाने लगे तो हर किसी की आंखें छलक आईं।
प्रशासन ने शनिवार रात को ही शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उनके परिजनों को सौंप दिया था। रविवार सुबह सबसे पहले धनपाल के आठ वर्षीय बेटे बबलू के शव को उसके परिजनों ने अपने खेत में सुपुर्दे खाक कर दिया। बबलू के भाई विपिन को गंभीर झुलसी अवस्था में लखनऊ रेफर किया गया है। इसके बाद एक-एक करके अन्य मृतकों में 12 वर्षीय डबले उर्फ लव पुत्र सुुरजीत, 11 वर्षीय अनमोल पुत्र पप्पू सिंह और 22 वर्षीय मोहित के शव अंतिम संस्कार को घर से निकले तो इनके परिवार की महिलाएं बिलखते हुए पीछे-पीछे चल दीं। डबले की मां सुनीता को तो संभालना मुश्किल हो रहा था। कुछ ऐसा ही हाल उसकी बड़ी बहन विद्या का भी था। वहीं मोहित की मां अनारकली और पत्नी को बिलखते देख उन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा था, हालत यह थी कि लोगों के घरों में घटना के बाद से लेकर रविवार दोपहर तक किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला था। मोहित के शव को मुखाग्नि उसके छोटे भाई पिंकू ने दी। वहीं बच्चों के शव को दफन कर दिया गया।
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