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जुलूस-ए-मीलाद में न लगाएं भड़काऊ नारे
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:44 PM IST
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ईद मिलादुन्नबी
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। दावत-ए-इस्लामी के तत्वावधान में जुलूस-ए-मीलादुन्नवी दो दिसंबर को नगर में निकाला जाएगा। इस संबंध में आयोजकों ने मीडिया को जानकारी दी।
शहर के एक होटल में हुई प्रेसवार्ता में तनवीर अत्तारी ने बताया कि जुलूस-ए-मीलाद दो दिसंबर को सुबह नौ बजे रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद के पास से निकाला जाएगा। कहा: 12 रबी उल अव्वल का दिन मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा दिन है। इस दिन ईदों की भी ईद मनाई जाती है। जूलूस से पहले मस्जिद में तबरुकात की ज्यारत कराई जाएगी। इसके बाद रोडवेज, टाउनहाल, लाल इमली चौराहा, चौकी उसमान बाग, घंटाघर, चौकी अंजान होते हुए अंटा स्थित कटहल वाली मस्जिद में दुआ के साथ समापन होगा। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि वह मीलाद के जुलूस में बा-वुजू होकर और नए कपड़े पहनकर शामिल हों और खुशियां मनाएं।
तनवीर अत्तारी ने कहा कि जुलूस के दौरान ऐसा कोई भी नारा नहीं लगाएं, जिससे किसी का दिल दुखे। अनावश्यक रूप से उछल-कूद न करें और म्यूजिक वाली नात न चलाएं। डीजे से भी परहेज करें। मुसाफिरों, बीमार लोगों और अन्य जरूरतमंदों को निकलने का रास्ता जरूर दें। उन्होंने कहा कि इस बीच लंगर को सलीके से तकसीम करें, उसे जुलूस पर फेंकें मत। इस अवसर पर सरताज अत्तारी, फहीम अत्तारी, इफ्तिखार अत्तारी, रिजवान अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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शहर के एक होटल में हुई प्रेसवार्ता में तनवीर अत्तारी ने बताया कि जुलूस-ए-मीलाद दो दिसंबर को सुबह नौ बजे रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद के पास से निकाला जाएगा। कहा: 12 रबी उल अव्वल का दिन मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा दिन है। इस दिन ईदों की भी ईद मनाई जाती है। जूलूस से पहले मस्जिद में तबरुकात की ज्यारत कराई जाएगी। इसके बाद रोडवेज, टाउनहाल, लाल इमली चौराहा, चौकी उसमान बाग, घंटाघर, चौकी अंजान होते हुए अंटा स्थित कटहल वाली मस्जिद में दुआ के साथ समापन होगा। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि वह मीलाद के जुलूस में बा-वुजू होकर और नए कपड़े पहनकर शामिल हों और खुशियां मनाएं।
तनवीर अत्तारी ने कहा कि जुलूस के दौरान ऐसा कोई भी नारा नहीं लगाएं, जिससे किसी का दिल दुखे। अनावश्यक रूप से उछल-कूद न करें और म्यूजिक वाली नात न चलाएं। डीजे से भी परहेज करें। मुसाफिरों, बीमार लोगों और अन्य जरूरतमंदों को निकलने का रास्ता जरूर दें। उन्होंने कहा कि इस बीच लंगर को सलीके से तकसीम करें, उसे जुलूस पर फेंकें मत। इस अवसर पर सरताज अत्तारी, फहीम अत्तारी, इफ्तिखार अत्तारी, रिजवान अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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