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भाकिमयू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Updated Fri, 11 Aug 2017 05:43 PM IST
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शाहजहांपुर। किसानों की समस्याओं और उनके हितों की अनदेखी किए जाने के विरोध में भारतीय किसान मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चलाए जा रहे जेल भरो आंदोलन के तहत शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने सांकेतिक गिरफ्तारी देने के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे।
पूर्व में यूनियन के कार्यकर्ता लोनिवि डाकबंगला परिसर में इकट्ठा हुए और पंचायत करके अपनी मांगों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जवाहर लाल यादव ने कहा कि देश के अधिसंख्य लोग खेती-किसानी से जुड़े होने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही हैं। किसान कर्ज के दबाव में आत्महत्याएं कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाल रखी है।
बाद में कार्यकर्ताओं का समूह कलक्ट्रेट पहुंचा और खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें गिरफ्तार मानते हुए बिना शर्त रिहा कर दिया। ज्ञापनों में किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द कराने, कर्ज के बोझ से हो रही आत्महत्याओं को रोकने के लिए सरकार के स्तर से ठोस कार्य योजना बनाने, खेतिहर मजदूरों को कंपनी एक्ट और उद्यमिता क्षेत्र की सुविधाएं देने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को जीवन निर्वाह भत्ता देने आदि मांगें निहित हैं। प्रदर्शन में परशुराम वर्मा, देवेंद्र सिंह, माधुरी देवी कुशवाहा, योगेंद्र पाल सिंह, सुधीर सिंह, कामता प्रसाद, प्रमोद कुमार, भारत सिंह, प्रयाग दत्त, लीला देवी, मनीराम वर्मा आदि शामिल रहे।
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पूर्व में यूनियन के कार्यकर्ता लोनिवि डाकबंगला परिसर में इकट्ठा हुए और पंचायत करके अपनी मांगों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जवाहर लाल यादव ने कहा कि देश के अधिसंख्य लोग खेती-किसानी से जुड़े होने के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही हैं। किसान कर्ज के दबाव में आत्महत्याएं कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाल रखी है।
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बाद में कार्यकर्ताओं का समूह कलक्ट्रेट पहुंचा और खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें गिरफ्तार मानते हुए बिना शर्त रिहा कर दिया। ज्ञापनों में किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द कराने, कर्ज के बोझ से हो रही आत्महत्याओं को रोकने के लिए सरकार के स्तर से ठोस कार्य योजना बनाने, खेतिहर मजदूरों को कंपनी एक्ट और उद्यमिता क्षेत्र की सुविधाएं देने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को जीवन निर्वाह भत्ता देने आदि मांगें निहित हैं। प्रदर्शन में परशुराम वर्मा, देवेंद्र सिंह, माधुरी देवी कुशवाहा, योगेंद्र पाल सिंह, सुधीर सिंह, कामता प्रसाद, प्रमोद कुमार, भारत सिंह, प्रयाग दत्त, लीला देवी, मनीराम वर्मा आदि शामिल रहे।
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