{"_id":"596a2a674f1c1ba1238b4983","slug":"11500129895-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभाविप ने आर्यकन्या पाठशाला में डाला ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभाविप ने आर्यकन्या पाठशाला में डाला ताला
Updated Sat, 15 Jul 2017 08:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में एडमीशन को लेकर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं की कॉलेज प्रधानाचार्य से जमकर नोकझाेंक हुई। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर ताला डालकर छात्राओं व कॉलेज स्टाफ को बंधक बना लिया और गेट पर धरना देकर बैठ गए। फिर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाकर सभी को बाहर निकाला। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
विद्यार्थी परिषद से जुड़े कुछ लोग अपने दोस्त की बहन को 11 वीं में एडमीशन दिलाने के लिए शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज पहुंचे और प्रधानाचार्य वीना रानी रस्तोगी से छात्रा का एडमीशन करने को कहा। इस पर उन्होंने कह दिया कि कॉलेज में 11 वीं में बैठने के लिए 80 छात्राओं की जगह है। इसके बावजूद भी उन्होंने 130 छात्राओं को प्रवेश दिया है। अब जगह नहीं है। इसी बात पर कार्यकर्ताओं व प्रधानाचार्य के बीच बातचीत में तल्खी बढ़ गई। गुस्से में आए कार्यकर्ताआें ने कॉलेज के मुख्य गेट और प्रधानाचार्य कक्ष में ताला लगा दिया। छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को बंद करने के बाद वे कॉलेज गेट पर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। लगभग डेढ़ बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाकर सबसे पहले कॉलेज से छात्राओं को बाहर निकलवाया, फिर प्रधानाचार्य कक्ष का ताला खुलवाकर उन्हें बाहर निकलवाया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षाें ने एक-दूसरे पर अभद्रता करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत किया। बाद में कॉलेज प्रबंधक कौशल किशोर वाजपेयी ने छात्रा के प्रवेश लेने की अनुमति दे दी। तब मामला शांत हुआ। थाने के सब इंस्पेक्टर आलोक मिश्रा और प्रचानाचार्य वीना रानी रस्तोगी ने बताया कि उनका समझौता हो गया है। अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से कॉलेज में अभद्रता की गई वह गलत है।
विज्ञापन
विद्यार्थी परिषद से जुड़े कुछ लोग अपने दोस्त की बहन को 11 वीं में एडमीशन दिलाने के लिए शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज पहुंचे और प्रधानाचार्य वीना रानी रस्तोगी से छात्रा का एडमीशन करने को कहा। इस पर उन्होंने कह दिया कि कॉलेज में 11 वीं में बैठने के लिए 80 छात्राओं की जगह है। इसके बावजूद भी उन्होंने 130 छात्राओं को प्रवेश दिया है। अब जगह नहीं है। इसी बात पर कार्यकर्ताओं व प्रधानाचार्य के बीच बातचीत में तल्खी बढ़ गई। गुस्से में आए कार्यकर्ताआें ने कॉलेज के मुख्य गेट और प्रधानाचार्य कक्ष में ताला लगा दिया। छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को बंद करने के बाद वे कॉलेज गेट पर धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। लगभग डेढ़ बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाकर सबसे पहले कॉलेज से छात्राओं को बाहर निकलवाया, फिर प्रधानाचार्य कक्ष का ताला खुलवाकर उन्हें बाहर निकलवाया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षाें ने एक-दूसरे पर अभद्रता करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत किया। बाद में कॉलेज प्रबंधक कौशल किशोर वाजपेयी ने छात्रा के प्रवेश लेने की अनुमति दे दी। तब मामला शांत हुआ। थाने के सब इंस्पेक्टर आलोक मिश्रा और प्रचानाचार्य वीना रानी रस्तोगी ने बताया कि उनका समझौता हो गया है। अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से कॉलेज में अभद्रता की गई वह गलत है।
विज्ञापन