फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   बैराजों से बढ़ी पानी की मात्रा, गंगा और गर्रा फिर उफनाने की आशंका

बैराजों से बढ़ी पानी की मात्रा, गंगा और गर्रा फिर उफनाने की आशंका

Tue, 14 Aug 2018 12:13 AM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
बैराजों से बढ़ी पानी की मात्रा, गंगा और गर्रा फिर उफनाने की आशंका
लीड............
विज्ञापन

फोटो 34,35 में

बैराजों से छोड़ा पानी, गंगा और गर्रा उफान
गंगा की तटवर्ती बाढ़ चौकियों को किया गया अलर्ट, रामगंगा में कटान तेज
ड्यूनी डॉम से सीजन में सर्वाधिक 15576 क्यूसेक पानी गर्रा में छोड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़ने के कारण अगले 24 घंटेे में जलालाबाद और कलान तहसील में गंगा तथा शहर के समीप गर्रा नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। भैंसार बांध पर गंगा 143.05 और गर्रा 144.95 मीटर पर बह रही है। बदायूं के कछला घाट पर गंगा में 15 सेमी पानी बढ़ने के कारण तटवर्ती गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है। रविवार शाम से पीलीभीत के ड्यूनी डॉम से चालू सीजन में सर्वाधिक 15576 क्यूसेक पानी की गर्रा में निकासी शुरू हो गई है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से कनिष्ठ सहायक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने विभिन्न बैराजों से मिली रिपोर्ट के हवाले से बताया कि दो दिन पहले नरौरा बैराज से रिलीज 1.10 लाख क्यूसेक पानी से कछला घाट पर गंगा का जल स्तर बढ़ चुका है। यह पानी आज रात तक जिले की सीमा में पहुंचेगा, लेकिन इससे पहले सोमवार को सुबह नरौरा से 122173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसे देखते हुए गंगा की तटवर्ती बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। खन्नौत में लगातार चौथे दिन भी 15 सेमी पानी कम हुआ, लेकिन दिन में हुई चार मिमी बरसात से नदी चढ़ने के आसार हैं। रामगंगा के जल स्तर में 19 सेमी गिरावट के साथ भूमि कटान तेज हो गया है। विभिन्न बैराजों से रामगंगा में आ रहा 73242 क्यूसेक पानी आसपास के गांवों की फसलें खराब हो सकती हैं।
विज्ञापन


फसलों की बरबादी का जायजा लेने में जुटे ग्रामीण
मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर घटते ही तटवर्ती ग्राम पहरुआ, मौजमपुर, हरिहरपुर, कुनियां आदि गांवों के ग्रामीण नदी पार की खेतों में बोई फसलें देखने नाव से निकल पड़े। किसानों के अनुसार बाढ़ में खरीफ फसलों के डूब जाने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। रामगंगा के तटवर्ती गांवों के किसानों का कहना है कि नदी पार की खेती में खरीफ की फसलें उनकी गरीबी दूर कर देती हैं। कटरी में कम लागत से दलहनी और तिलहनी फसलें अच्छी होती हैं, लेकिन इस बार नदी पार के खेतों में बोई गईं फसलें बाढ़ में डूबकर पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और इस कारण उन्हें रबी फसलों की बुवाई के लिए कर्ज लेना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाढ़ के साथ आवास ढहने से पड़ रही दोहरी मार
परौर के ग्रामीण रामगंगा के भूमि कटान और बरसात में आवास गिरने की दोहरी मार का सामना करने को मजबूर हैं। परौर के हाथीखाना में निसार खां का मकान बरसात से ढह गया। यही नहीं, मेहनत-मजदूरी करके बनाए गए अन्य ग्रामीणों के मकान भी रामगंगा की धार पर आने की संभावना है। परौर के मजरा मोहनपुर एवं बिचपुरी में रामगंगा तेजी से कटान करती हुई रामताल तालाब की ओर बढ़ रही है। तालाब से रामगंगा की दूरी महज दस मीटर रह गई है। तालाब में रामगंगा का पानी आने की दशा मेें परौर के आबादी क्षेत्र को बाढ़ से बचाना बेहद दुष्कर हो जाएगा।

एक्सईएन नेे स्थगित की सिंचाई बंधु की बैठक
विकास भवन सभागार मेें मंगलवार का दोपहर जिला सिंचाई बंधु समिति की मासिक बैठक होनी थी, लेकिन कटरी क्षेत्र में बाढ़ और भूमि कटान की स्थिति को देखते सिंचाई विभाग के अभियंता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। इसे देखते एक्सईएन आरके वर्मा ने समिति के उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह की अनुमति से बैठक स्थगित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed