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शहर में झमाझम बादल बरसे, ग्रामीण क्षेत्र में किसान बारिश को तरसे
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:41 PM IST
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फोटो-
शहर में झमाझम बारिश, ग्रामीण क्षेत्र में किसान बारिश को तरसे
बुधवार को सुबह आठ बजे तक चार घंटे में 70.6 मिमी हुई बरसात
ठंडी हवा चलने से गिरा तापमान, दोपहर में धूप से फिर बढ़ी उमस
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। लंबे इंतजार के बाद शहर में बुधवार को सुबह बादल झमाझम बरसे। चार घंटे के दौरान 70.6 मिमी बरसात से शहर के नाले-नालियां उफना चले। निचले स्थानों पर जलभराव से जन सामान्य को थोड़ी देर के लिए असुविधा जरूर हुई, लेकिन ठंडी हवा चलने सेे तापमान गिरने के साथ उमस पूरी तरह काफूर हो गई। मौसम सुहावना हो जाने से गर्मी से बेहाल जनजीवन को बड़ी राहत मिली। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों के किसान बारिश को तरस गए। ग्रामीण क्षेत्र में मामूली बूंदाबांदी के बाद आसमान पर छाए बादल बिन बरसे ही चले गए।
दो जुलाई को 165.4 बारिश होने पर 40 डिग्री से अधिक गर्मी में उबल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली थी। मानसून के शुरुआती दौर की झमाझम बरसात से करीब सात डिग्री पारा लुढ़क गया था। इसी के साथ खरीफ सीजन की फसलों के लिए सुरक्षित किए गए 2.43 लाख हेक्टेयर रकबा में किसानों ने धान की रोपाई के साथ अन्य फसलों की बुआई का काम शुरू कर दिया। बाद में मानसून की दगाबाजी से किसान परेशान हो उठे क्योंकि बीच में दस-12 दिन तक मानसून को ब्रेक लगा रहा।
इसके बावजूद पुवायां, तिलहर, जलालाबाद, कलान आदि तहसीलों के ग्रामीण अंचल में कुछ देर को बूंदाबांदी हुई और बाद में आसमान साफ होने से धूप निकल आई। इधर, शहर और आसपास के ददरौल, भावलखेड़ा ब्लॉक में अच्छी बारिश हुई। शहर में बारिश के चलते नाल उफनाने से जगह-जगह सड़कों पर पानी भर गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि सुबह 4.15 बजे से आठ बजे तक 57 मिमी बरसात रिकार्ड हुई। इसके बाद भी हल्की बूंदाबांदी जारी रहने बारिश का आंकड़ा 70.6 मिमी तक पहुंच गया और तापमान भी करीब तीन डिग्री गिर गया।
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शहर में झमाझम बारिश, ग्रामीण क्षेत्र में किसान बारिश को तरसे
बुधवार को सुबह आठ बजे तक चार घंटे में 70.6 मिमी हुई बरसात
ठंडी हवा चलने से गिरा तापमान, दोपहर में धूप से फिर बढ़ी उमस
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। लंबे इंतजार के बाद शहर में बुधवार को सुबह बादल झमाझम बरसे। चार घंटे के दौरान 70.6 मिमी बरसात से शहर के नाले-नालियां उफना चले। निचले स्थानों पर जलभराव से जन सामान्य को थोड़ी देर के लिए असुविधा जरूर हुई, लेकिन ठंडी हवा चलने सेे तापमान गिरने के साथ उमस पूरी तरह काफूर हो गई। मौसम सुहावना हो जाने से गर्मी से बेहाल जनजीवन को बड़ी राहत मिली। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों के किसान बारिश को तरस गए। ग्रामीण क्षेत्र में मामूली बूंदाबांदी के बाद आसमान पर छाए बादल बिन बरसे ही चले गए।
दो जुलाई को 165.4 बारिश होने पर 40 डिग्री से अधिक गर्मी में उबल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली थी। मानसून के शुरुआती दौर की झमाझम बरसात से करीब सात डिग्री पारा लुढ़क गया था। इसी के साथ खरीफ सीजन की फसलों के लिए सुरक्षित किए गए 2.43 लाख हेक्टेयर रकबा में किसानों ने धान की रोपाई के साथ अन्य फसलों की बुआई का काम शुरू कर दिया। बाद में मानसून की दगाबाजी से किसान परेशान हो उठे क्योंकि बीच में दस-12 दिन तक मानसून को ब्रेक लगा रहा।
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इसके बावजूद पुवायां, तिलहर, जलालाबाद, कलान आदि तहसीलों के ग्रामीण अंचल में कुछ देर को बूंदाबांदी हुई और बाद में आसमान साफ होने से धूप निकल आई। इधर, शहर और आसपास के ददरौल, भावलखेड़ा ब्लॉक में अच्छी बारिश हुई। शहर में बारिश के चलते नाल उफनाने से जगह-जगह सड़कों पर पानी भर गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि सुबह 4.15 बजे से आठ बजे तक 57 मिमी बरसात रिकार्ड हुई। इसके बाद भी हल्की बूंदाबांदी जारी रहने बारिश का आंकड़ा 70.6 मिमी तक पहुंच गया और तापमान भी करीब तीन डिग्री गिर गया।
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