फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   103 acres of land captured, sugar mill not built even in nine years

Shahjahanpur News: 103 एकड़ जमीन कब्जाई, नौ साल में भी चीनी मिल नहीं बनाई

Wed, 06 Dec 2023 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 06 Dec 2023 01:17 AM IST
विज्ञापन
103 acres of land captured, sugar mill not built even in nine years
जलालाबाद के देहना में चीनी मिल पर कराया गया निर्माण कार्य। स्रोत: संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

शाहजहांपुर। एक ओर जहां नए उद्योगों की स्थापना में जमीन का अभाव आड़े आ रहा है, वहीं दूसरी ओर बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव दहेना में करीब दस साल पहले 103 एकड़ भूमि अधिग्रहीत करने के बाद भी चीनी मिल स्थापित नहीं हो सकी। प्रशासन ने भी सुध नहीं ली। जमीन कब्जाने वाली कंपनी का पता नहीं है और बेशकीमती जमीन बदहाल पड़ी है।
लखनऊ की कैमुना एग्रो लिमिटेड ने 2013 में औद्योगिक पार्टनरशिप मीट में जलालाबाद तहसील के ग्राम दहेना में चीनी मिल स्थापित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में चीनी मिल को हरी झंडी दे दी गई। कैमुना एग्रो लिमिटेड ने प्रस्ताव में चीनी मिल में प्रतिदिन पांच हजार क्विंटल गन्ना पेराई करने और खोई से 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन करने का जिक्र था।
विज्ञापन

इसके बाद जलालाबाद से करीब 15 किलोमीटर दूर बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव देहना में कैमुना ग्रुप ने शुगर मिल के लिए साल 2014 में भूमि का अधिग्रहण कर भूमि पूजन किया। मिल के लिए कुल 103 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई। इसमें करीब 12 एकड़ सरकारी जमीन भी थी। इसे शासन के निर्देश पर प्रशासन ने कैमुना ग्रुप को उपलब्ध कराया था। 100 कर्मचारियों के लिए आवासों का निर्माण किया गया था, लेकिन इसके बाद निर्माण रुक गया। निर्माण रुकने का कारण आज तक पता ही नहीं चला।
विज्ञापन
विज्ञापन

गन्ना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दहेना में चीनी मिल स्थापना के लिए संबंधित कंपनी की तरफ से लाइसेंस बनवाने के लिए कोई भी आवेदन नहीं आया। जबकि चीनी मिल की परिकल्पना तैयार करने वाले विभाग से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की जानी चाहिए थीं। तत्कालीन सरकार की तरफ से भी इससे संबंधित चीनी मिल बनाने के लिए दिशा-निर्देश नहीं मिले थे। इसलिए इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया। अगर कोई जानकारी होती या कोई लिखित में आदेश मिला होता तो इस ओर ध्यान दिया जाता।
--------

--------
जलालाबाद ही नहीं आसपास के जनपदों को मिलता फायदा
शुगर मिल लगने से जलालाबाद तहसील ही नहीं आसपास के जनपदों को भी फायदा होता। इनमें सीमावर्ती जिले फर्रुखाबाद, हरदोई, बदायूं को सीधा लाभ मिलता। जिले में पहले से चल रही चीनी मिलों पर काम का और किसानों पर खर्च का बोझ कम होता। बताया जाता है कि इस मिल के बनने से 50 हजार से अधिक किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलता। करीब 18000 हेक्टेयर से अधिक गन्ने का रकबा इससे जुड़ जाता।
---------
खाली पड़ी जमीन, निर्माण हो रहा जर्जर
चीनी मिल के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन पर पहले तो कुछ निर्माण कार्य कराया गया। बाद में निर्माण रोक दिया गया। इसके बाद कंपनी ने इसकी सुध नहीं ली। जो निर्माण हुआ, वह अब जर्जर होने लगा है। कंपनी के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। काम क्यों रोका गया, अब कंपनी जमीन का क्या करेगी, इसके बारे में अब प्रशासन तहकीकात करेगा।
-------
जमीन वापस कराने के लिए सरकार से चल रहा पत्राचार
जलालाबाद के विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने बताया कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही सरकारी जमीन खाली कराने के लिए उद्योग मंत्री, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री से पत्राचार किया गया। कैमुना ग्रुप के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी का कोई पता नहीं लगा। करीब 12 एकड़ जमीन इसमें सरकारी शामिल है। जिसको खाली कराकर किसी कल्याणकारी कार्य के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए लगातार पत्राचार चल रहा है।
-------
वर्जन-
व्यापक जनहित में शासन के निर्देश पर निवेशक को जरूरत के अनुरूप जमीन मुहैया कराई जाती है। इसी के अनुसार दहेना गांव में जमीन दिलाई गई थी। किस कारण आगे काम नहीं हो सका, इसके बारे में जानकारी नहीं है।- पैगाम हैदर, तहसीलदार जलालाबाद

-----
वर्जन-
जलालाबाद के दहेना में चीनी मिल स्थापित करने के लिए किसी भी ग्रुप से लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं आया और न ही ग्रुप के किसी व्यक्ति ने संपर्क किया। इस विषय में ग्रुप के लोगों से मिलने का प्रयास किया जाएगा। प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी की जाएगी।- राजेश वर्मा, सहायक गन्ना आयुक्त, बरेली मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed