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एक करोड़ रुपये की जांच में मिली गड़बड़ी
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:50 PM IST
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बहादुरगंज गल्ला मंडी में आयकर टीमों ने दोनों प्रतिष्ठानों पर देर शाम तक चली सर्वे प्रक्रिया में करीब एक करोड़ रुपये की गड़बड़ी पकड़ी। आयकर आयुक्त वृंदा देसाई ने दोनों व्यापारियों को यह धनराशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।
आयकर आयुक्त ने बताया कि आटा व्यवसायी अखिल गुप्ता पुत्र अरूण गुप्ता को 65 लाख रुपये और दाल व्यापारी प्रभाकर गुप्ता को 35 लाख रुपये जमा करने होंगे। पचास प्रतिशत धनराशि पर टैक्स देय होगा और 25 प्रतिशत धनराशि के बांड खरीदने होंगे, जिसकी धनराशि चार वर्ष बाद बिना किसी ब्याज के लौटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि दोनों व्यापारी प्रमाण सहित यह सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं कि नोट बंदी के बाद कैश में हुई बिक्री की धनराशि बैंकों में जमा कराई गई है। आयकर आयुक्त ने व्यापारियों से कहा है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए बैंकों में जमा हो रही धनराशि के सापेक्ष लेखा-जोखा बिल्कुल दुरूस्त रखें।
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आयकर आयुक्त ने बताया कि आटा व्यवसायी अखिल गुप्ता पुत्र अरूण गुप्ता को 65 लाख रुपये और दाल व्यापारी प्रभाकर गुप्ता को 35 लाख रुपये जमा करने होंगे। पचास प्रतिशत धनराशि पर टैक्स देय होगा और 25 प्रतिशत धनराशि के बांड खरीदने होंगे, जिसकी धनराशि चार वर्ष बाद बिना किसी ब्याज के लौटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि दोनों व्यापारी प्रमाण सहित यह सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं कि नोट बंदी के बाद कैश में हुई बिक्री की धनराशि बैंकों में जमा कराई गई है। आयकर आयुक्त ने व्यापारियों से कहा है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए बैंकों में जमा हो रही धनराशि के सापेक्ष लेखा-जोखा बिल्कुल दुरूस्त रखें।
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