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बैराजों से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छूटा, नदियां उफनाईं

Mon, 18 Jul 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/शाहजहांपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/शाहजहांपुर। Updated Mon, 18 Jul 2016 11:46 PM IST
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1.78 lakh cusecs of water released from barrages, rivers Ufnain
behgul - फोटो : amar ujala
0 भैंसार बांध पर खतरे के निशान के पास पहुंची गंगा
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0 चौबारी बरेली से जलालाबाद तक रामगंगा में उफान 
0 शहर के करीब गर्रा और खन्नौत का बढ़ा जल स्तर
0 बाढ़ आपदा से निपटने को प्रशासनिक अमला सतर्क

उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बांधों-बैराजों से गंगा और उसकी सहायक रामगंगा नदी में करीब 1.78 लाख क्यूसेक पानी बहाए जाने से दोनों नदियां उफना गईं हैं। इसके चलते सैकड़ों गांवों पर बाढ़ की विपदा का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन भी संभावित बाढ़ आपदा को लेकर सतर्क हो गया है। आपदा राहत प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व शंकर मुखर्जी ने संबंधित अधिकारियों को सर्कुलर भेजकर बाढ़ प्रभावित गांवों में सभी जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। 
प्रशासन और सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बैराजों से लगातार पानी बहाए जाने की सूचना मिल रही है। इस कारण भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर पिछले 48 घंटे में 20 सेमी बढ़कर 142.50 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि, बांध पर पानी का लेवल खतरे के निशान से 1.6 मीटर नीचे है। इस बीच, नरौरा बैराज से सोमवार सुबह एक लाख 18 हजार 67 क्यूसेक पानी रिलीज किए जाने की सूचना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। 
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दरअसल, नरौरा से गंगा में छूटे पानी को बिजनौर, बदायूं आदि कई जनपदों को लांघते हुए यहां पहुंचने मेें करीब 48 घंटे का समय लग जाता है। इसलिए अधिकारियों का मानना है कि बुधवार सुबह तक जलालाबाद तहसील के मिर्जापुर और कलान ब्लॉक स्थित गंगा के तटवर्ती गांव पानी से घिर सकते हैं। उधर, रामगंगा में खो बैराज से 16560 क्यूसेक, रामनगर बैराज से 16000 क्यूसेक, किच्छा डाम से 17140 क्यूसेक और हरेली बैराज से 608 क्यूसेक पानी बहाए जाने से रामगंगा के तटवर्ती गांवों के लोग सुरक्षित ठिकाने तलाशने में जुट गए हैं। 
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सिंचाई विभाग के नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि बरेली के चौबारी में रामगंगा का जल स्तर 158.78 मीटर मापा गया है जो कि खतरे के निशान से 4.29 मीटर नीचे है। बहगुल नदी में धौरा बांध से अतिरिक्त पानी बहाए जाने की सूचना नहीं मिली, लेकिन बारिश का पानी समेटकर नदी उफान लेने लगी है। इधर, ड्यूनी डाम से 8426 क्यूसेक पानी छूटने से सदर तहसील में गर्रा और उसकी सहायक खन्नौत नदी पेटे से बाहर आने लगी है। फिलहाल गर्रा 145.15 और खन्नौत नदी 143.25 मीटर पर बह रही है। यह दोनों नदियां अभी हाई फ्लड लेवल से अभी काफी नीचे हैं।  
संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
आपदा राहत प्रभारी एडीएम मुखर्जी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आदि अफसरों को सर्कुलर जारी करके अपने क्षेत्रों की नदियों के जल स्तर पर लगातार निगाह रखने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, चीनी, मिट्टी का तेल, दवाओं आदि की आपूर्ति कराने के निर्देश दिए हैं। 

बाढ़ आपदा से प्रभावित होने वाले 481 गांव चिह्नित
प्रशासन ने गत वर्षों की बाढ़ और उससे हुए नुकसान का आकलन करके सदर, तिलहर और जलालाबाद तहसील के 481 ऐसे गांव चिह्नित किए हैं जो नदियां चढ़ने पर टापू में बदल जाते हैं। इन गांवों में आपदा राहत सामग्री की पहुंच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस बीच, एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ से किसी भी क्षेत्र में जन हानि, पशु हानि और धन हानि होने की दशा में तत्काल कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम को अवगत कराएं। एडीएम मुखर्जी के अनुसार कंट्रोल रूम 24 घंटे प्रभावी रखने के लिए आठ-आठ घंटे की ड्यूटी को कर्मचारी नामित कर दिए गए हैं।
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