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Sant Kabir Nagar News: सुबह पांच बजे से कट रही बिजली, पानी का भी संकट
Mon, 06 Jan 2025 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 06 Jan 2025 11:06 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय बिजली की कटौती बढ़ गई है। दो शिफ्ट में लगभग आठ घंटे की बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सुबह जब बिजली की जरूरत होती है, तभी बिजली कट जा रही है, जिससे घरों में पानी का संकट खड़ा हो जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई की चिंता बनी रहती है। वहीं लोकल फाल्ट की समस्या से भी लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है।
प्रदेश शासन ने 15 नवंबर तक त्योहारों को देखते हुए बिजली कटौती न करने के निर्देश दिए थे। उस समय तक लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिली, लेकिन इसके बाद बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सुबह के समय जब बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है, तो बिजली कट जाती है। सुबह पांच बजे से आठ बजे तक बिजली गुल रहने से लोगों के घरों में लगी पानी की टंकियों में पानी नहीं भर पाता है। लोग सुबह स्नान व अन्य दैनिक क्रिया के कार्य हैं वह भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सुबह दस बजे तक बिजली फिर कट जाती है और शाम को तीन बजे के बाद बिजली आती है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट की समस्या भी बनी रहती है।
बिजली बिना सिंचाई के लिए लगे नलकूप बंद : नहसापार गांव के निवासी किसान हरिकेश कहते हैं कि बिजली की कटौती के कारण उनको भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली न रहने से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। गेहूं की फसल को इस समय सिंचाई की आवश्यकता है। नलकूप न चलने से किसानों को पंपिंग सेट से सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान रामनारायण कहते हैं कि बिजली कटौती से किसानों को महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई आवश्यक है, लेकिन बिजली न रहने से समस्या हो रही है।
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प्रदेश शासन ने 15 नवंबर तक त्योहारों को देखते हुए बिजली कटौती न करने के निर्देश दिए थे। उस समय तक लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिली, लेकिन इसके बाद बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सुबह के समय जब बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है, तो बिजली कट जाती है। सुबह पांच बजे से आठ बजे तक बिजली गुल रहने से लोगों के घरों में लगी पानी की टंकियों में पानी नहीं भर पाता है। लोग सुबह स्नान व अन्य दैनिक क्रिया के कार्य हैं वह भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सुबह दस बजे तक बिजली फिर कट जाती है और शाम को तीन बजे के बाद बिजली आती है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट की समस्या भी बनी रहती है।
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बिजली बिना सिंचाई के लिए लगे नलकूप बंद : नहसापार गांव के निवासी किसान हरिकेश कहते हैं कि बिजली की कटौती के कारण उनको भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली न रहने से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। गेहूं की फसल को इस समय सिंचाई की आवश्यकता है। नलकूप न चलने से किसानों को पंपिंग सेट से सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान रामनारायण कहते हैं कि बिजली कटौती से किसानों को महंगा डीजल खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई आवश्यक है, लेकिन बिजली न रहने से समस्या हो रही है।
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