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Sant Kabir Nagar News: बैंकों में अटक रहे युवा उद्यमियों के सपने
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। युवा उद्यमी विकास योजना के तहत युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि युवाओं के ऋण की फाइल किसी तरह उद्योग विभाग से पास होकर बैंकों तक पहुंच रही है लेकिन बैंक नियमों का पेच फंसाकर फाइलों को अस्वीकृत कर दे रहे हैं।
इस कारण युवा कारोबार नहीं शुरू कर पा रहे हैं। उधर उद्योग विभाग का कहना है कि किसी भी आवेदक की यदि फाइल रोकी जा रही है तो वह कार्यालय में संपर्क करे। संबंधित बैंक से बात करके ऋण पास कराया जाएगा।
युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पहले चरण में पांच लाख तक का लोन बिना ब्याज और गारंटी के मिलता है। समय पर भुगतान के बाद राशि बढ़ाकर मिलती है लेकिन जिले में स्थिति यह है कि आवेदक लोन के लिए परेशान हो रहे हैं। उनकी फाइल बैंक अस्वीकृत कर दे रहे हैं। कुछ फाइलों को तो बैंकों ने रद्द भी कर दिया है।
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युवकों को दोबारा आवेदन करना पड़ रहा है। फिर भी उन्हें ऋण नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। कहा है कि युवाओं के पास हुनर और हौसला है, सरकार के पास योजना और संसाधन हैं लेकिन बैंक फाइलें लटका रहे हैं।
युवाओं को व्यवसाय चयन, मशीनरी, लागत, पंजीकरण, बैंक प्रक्रिया और बाजार के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। एसोसिएशन ने प्रत्येक विकासखंड में “सीएम युवा उद्यम सहायता केंद्र” स्थापित करने की मांग की है। बता दें कि 2026-27 के लिए 1600 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित है।
फील्ड अफसर ने लोन पास करने से मना किया ः पैलीखास गांव के रुद्रनारायण त्रिपाठी ने बताया कि हमने प्लांट एवं मशीनरी के लिए आवेदन किया। फाइल सेंट्रल बैंक खलीलाबाद शाखा में पहुंची तो कई तरह के दस्तावेज के अभाव का बहाना बनाकर फाइल अस्वीकृत कर दी गई। इसके बाद दोबारा आवेदन किया है, अब फाइल एसबीआई की कृषि विकास शाखा में गई है। वहां भी परेशान किया जा रहा है। फील्ड अफसर ने तो लोन पास करने से ही मना कर दिया है।
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संतकबीरनगर। युवा उद्यमी विकास योजना के तहत युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि युवाओं के ऋण की फाइल किसी तरह उद्योग विभाग से पास होकर बैंकों तक पहुंच रही है लेकिन बैंक नियमों का पेच फंसाकर फाइलों को अस्वीकृत कर दे रहे हैं।
इस कारण युवा कारोबार नहीं शुरू कर पा रहे हैं। उधर उद्योग विभाग का कहना है कि किसी भी आवेदक की यदि फाइल रोकी जा रही है तो वह कार्यालय में संपर्क करे। संबंधित बैंक से बात करके ऋण पास कराया जाएगा।
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युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पहले चरण में पांच लाख तक का लोन बिना ब्याज और गारंटी के मिलता है। समय पर भुगतान के बाद राशि बढ़ाकर मिलती है लेकिन जिले में स्थिति यह है कि आवेदक लोन के लिए परेशान हो रहे हैं। उनकी फाइल बैंक अस्वीकृत कर दे रहे हैं। कुछ फाइलों को तो बैंकों ने रद्द भी कर दिया है।
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युवकों को दोबारा आवेदन करना पड़ रहा है। फिर भी उन्हें ऋण नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। कहा है कि युवाओं के पास हुनर और हौसला है, सरकार के पास योजना और संसाधन हैं लेकिन बैंक फाइलें लटका रहे हैं।
युवाओं को व्यवसाय चयन, मशीनरी, लागत, पंजीकरण, बैंक प्रक्रिया और बाजार के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। एसोसिएशन ने प्रत्येक विकासखंड में “सीएम युवा उद्यम सहायता केंद्र” स्थापित करने की मांग की है। बता दें कि 2026-27 के लिए 1600 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित है।
फील्ड अफसर ने लोन पास करने से मना किया ः पैलीखास गांव के रुद्रनारायण त्रिपाठी ने बताया कि हमने प्लांट एवं मशीनरी के लिए आवेदन किया। फाइल सेंट्रल बैंक खलीलाबाद शाखा में पहुंची तो कई तरह के दस्तावेज के अभाव का बहाना बनाकर फाइल अस्वीकृत कर दी गई। इसके बाद दोबारा आवेदन किया है, अब फाइल एसबीआई की कृषि विकास शाखा में गई है। वहां भी परेशान किया जा रहा है। फील्ड अफसर ने तो लोन पास करने से ही मना कर दिया है।