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बिना कर्म के नहीं मिलता फल : सोनम
Wed, 15 Nov 2023 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 15 Nov 2023 11:19 PM IST
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धनघटा। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के तरयापार स्थित काली मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में अवध धाम से पधारीं कथा व्यास सोनम ने कहा कि गोवर्धनका अर्थ है गौ संवर्धन। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत मात्र इसलिए उठाया था कि पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत केवल प्रकृति एवं गौ संवर्धन से ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हम बिना कर्म करे फल की प्राप्ति चाहेंगे तो वह कभी नहीं मिलेगा। कर्म तो हमें करना ही होगा।
कथावाचक ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को चली रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिए। कथा व्यास ने कहा कि जहां सत्य तथा भक्ति का समन्वय होता है, वहां भगवान का आगमन अवश्य होता है। गाय की सेवा व महत्व को समझाते हुए बताया कि प्रत्येक हिन्दू परिवार में गाय की सेवा अवश्य होना चाहिए, क्योंकि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। गाय का दूध अमृत के समान बताया। इस दौरान गोवर्धन भगवान की पूजा सभी भक्तों को आचार्य द्वारा विधि-विधान से कराई गई। अन्नकूट एवं छप्पन भोग लगा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कथा शुरू होने से पूर्व देवकली खुर्द गांव निवासी समाजसेवी दुर्गेश तिवारी व ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत शर्मा ने श्रीभागवत पुराण की आरती की।
इस दौरान आचार्य धीरज कृष्ण, विकास दास जी महराज, अखिलेश पांडेय, धर्मेंद्र यादव, रूदल, अमर नाथ पांडेय, अशोक पांडेय, रमेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि इंद्र के कुपित होने पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठा लिया था। इसमें ब्रजवासियों ने भी अपना-अपना सहयोग दिया। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए राक्षसों का अंत किया तथा ब्रजवासियों को चली रही सामाजिक कुरीतियों को मिटाने एवं निष्काम कर्म के जरिए अपना जीवन सफल बनाने का उपदेश दिए। कथा व्यास ने कहा कि जहां सत्य तथा भक्ति का समन्वय होता है, वहां भगवान का आगमन अवश्य होता है। गाय की सेवा व महत्व को समझाते हुए बताया कि प्रत्येक हिन्दू परिवार में गाय की सेवा अवश्य होना चाहिए, क्योंकि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। गाय का दूध अमृत के समान बताया। इस दौरान गोवर्धन भगवान की पूजा सभी भक्तों को आचार्य द्वारा विधि-विधान से कराई गई। अन्नकूट एवं छप्पन भोग लगा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कथा शुरू होने से पूर्व देवकली खुर्द गांव निवासी समाजसेवी दुर्गेश तिवारी व ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत शर्मा ने श्रीभागवत पुराण की आरती की।
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इस दौरान आचार्य धीरज कृष्ण, विकास दास जी महराज, अखिलेश पांडेय, धर्मेंद्र यादव, रूदल, अमर नाथ पांडेय, अशोक पांडेय, रमेश पांडेय आदि मौजूद रहे।