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एक्सरे मशीन न डॉक्टर, कैसे हो इलाज
संतकबीरनगर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:09 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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सेमरियावां। संतकबीरनगर के सेमरियावां सीएचसी पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। एक दशक से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी यहां न तो सृजित पद के अनुसार डॉक्टरों व अन्य तकनीकी पदों पर तैनाती हो सकी है, न ही एक्सरे, अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। इस कारण मजबूरन क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय खलीलाबाद व बस्ती जाना पड़ता है।
दस साल पहले जब पीएचसी सेमरियावां को अपग्रेड करके सीएचसी बनाया गया था तो लोगों को आस बधी थी कि अब उन्हें इलाज के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन अब तक लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। इस हास्पिटल पर सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के करीब तीन लाख जनसंख्या के साथ ही निकटवर्ती बघौली, बेलहर कलां, सांथा, बस्ती जनपद के रुधौली, साऊंघाट ब्लॉक के करीब दो लाख जनसंख्या का बोझ है।
डॉक्टर जगदीश पटेल प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी भी देखते हैं, ऐसे में मरीजों की जुटने वाली भीड़ के अनुपात में यहां डाक्टरों की बहुत कमी रहती है। एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक आयुष चिकित्सक को ही पूरा हास्पिटल संभालना पड़ता है। मरीजों के अतिरिक्त इन डॉक्टरों पर दुधारा थाने के मेडिको लीगल मामलों का अतिरिक्त भार रहता है।
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सेमरियावां निवासी मोहम्मद आजम, मिस्बाहुद्दीन, सलीम उमर आदि ने बताया कि यहां मरीजों की जांच के नाम पर यहां सिर्फ खून व पेशाब की साधारण जांच की सुविधा ही उपलब्ध है। यहां पद सृजित होने के बाद भी सोनोलोजिस्ट और एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है, न ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की मशीनें ही उपलब्ध हैं। अक्सर मरीजों को सामान्य खून की जांच के लिए बाहर भेज दिया जाता है। लोगों का आरोप था कि हास्पिटल में लगा आरओ हमेशा खराब रहता है और पुरुषों के शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है।
चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि यह सच है कि यहां चिकित्सकों की कमी है। वैसे यहां आने वाले मरीजो को बेहतर सुविधाएं दी जाती है। समस्या के बावत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
सीएचसी सेमरियावां पर सर्जन, फिजीशियन, बाल रोग, महिला एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, दंत रोग चिकित्सकों के एक एक पद सृजित हैं लेकिन यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। ऑपरेशन थिएटर में मौजूद उपकरण जंग खा रहे हैं। इंसेट नहीं बन सका फर्स्ट रेफरल सेंटर सीएचसी को फर्स्ट रेफरल सेंटर अर्थात प्रथम संदर्भण इकाई की सुविधा दी जाती है।
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दस साल पहले जब पीएचसी सेमरियावां को अपग्रेड करके सीएचसी बनाया गया था तो लोगों को आस बधी थी कि अब उन्हें इलाज के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन अब तक लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। इस हास्पिटल पर सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के करीब तीन लाख जनसंख्या के साथ ही निकटवर्ती बघौली, बेलहर कलां, सांथा, बस्ती जनपद के रुधौली, साऊंघाट ब्लॉक के करीब दो लाख जनसंख्या का बोझ है।
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डॉक्टर जगदीश पटेल प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी भी देखते हैं, ऐसे में मरीजों की जुटने वाली भीड़ के अनुपात में यहां डाक्टरों की बहुत कमी रहती है। एक एमबीबीएस डॉक्टर और एक आयुष चिकित्सक को ही पूरा हास्पिटल संभालना पड़ता है। मरीजों के अतिरिक्त इन डॉक्टरों पर दुधारा थाने के मेडिको लीगल मामलों का अतिरिक्त भार रहता है।
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सेमरियावां निवासी मोहम्मद आजम, मिस्बाहुद्दीन, सलीम उमर आदि ने बताया कि यहां मरीजों की जांच के नाम पर यहां सिर्फ खून व पेशाब की साधारण जांच की सुविधा ही उपलब्ध है। यहां पद सृजित होने के बाद भी सोनोलोजिस्ट और एक्सरे तकनीशियन की तैनाती नहीं है, न ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की मशीनें ही उपलब्ध हैं। अक्सर मरीजों को सामान्य खून की जांच के लिए बाहर भेज दिया जाता है। लोगों का आरोप था कि हास्पिटल में लगा आरओ हमेशा खराब रहता है और पुरुषों के शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है।
चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि यह सच है कि यहां चिकित्सकों की कमी है। वैसे यहां आने वाले मरीजो को बेहतर सुविधाएं दी जाती है। समस्या के बावत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
सीएचसी सेमरियावां पर सर्जन, फिजीशियन, बाल रोग, महिला एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, दंत रोग चिकित्सकों के एक एक पद सृजित हैं लेकिन यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। ऑपरेशन थिएटर में मौजूद उपकरण जंग खा रहे हैं। इंसेट नहीं बन सका फर्स्ट रेफरल सेंटर सीएचसी को फर्स्ट रेफरल सेंटर अर्थात प्रथम संदर्भण इकाई की सुविधा दी जाती है।